जज आकांक्षा भारद्वाज सेवा से बर्खास्त, हाईकोर्ट के आदेश पर निकाला
Kanak Durga Jha | Jan 19, 2025, 12:31 IST
Judge Akanksha Bhardwaj dismissed the sootr
Judge Akanksha Bhardwaj dismissed : छत्तीसगढ़ के महासमुंद में पदस्थ जज को बर्खास्त कर दिया गया है। इसके लिए हाईकोर्ट की ओर से अनुशंसा की गई थी।
Judge Akanksha Bhardwaj dismissed : छत्तीसगढ़ के महासमुंद में पदस्थ जज को बर्खास्त कर दिया गया है। कनिष्ठ न्यायिक सेवा अधिकारी आकांक्षा भारद्वाज की बर्खास्तगी के आदेश विधि एवं विधायी विभाग की ओर से जारी किए गए हैं। इसके लिए हाईकोर्ट की ओर से अनुशंसा की गई थी।
उल्लेखनीय है कि पिछले महीने ही भारद्वाज ने सिंगल बेंच में अपनी बर्खास्तगी के खिलाफ दायर मुकदमा जीता था। इसके बाद फिर से जज की कुर्सी हासिल की थी। आकांक्षा भारद्वाज को सात साल पहले बर्खास्त कर दिया गया था।
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जानकारी के अनुसार आकांक्षा भारद्वाज का 2012-13 में सिविल जज (प्रवेश स्तर) के पद के लिए चयन हुआ था। इसके बाद उन्हें 12 दिसंबर 2013 को दो साल की परिवीक्षा पर नियुक्त किया गया था। उन्होंने 27 दिसंबर 2013 को ज्वॉइन किया था। प्रशिक्षण के बाद अगस्त 2014 में उन्हें अंबिकापुर में प्रथम सिविल जज वर्ग-2 के पद का अतिरिक्त चार्ज सौंपा गया।
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इस पदस्थापना के दौरान उनका आरोप था कि जब वे अपने वरिष्ठ अधिकारियों से न्यायिक मामलों में मार्गदर्शन लेने जाती थीं, तो उनका व्यवहार अनुचित होता था। इसके बाद उन्होंने उच्च अधिकारियों से इसकी शिकायत की थी। लंबी कानूनी प्रक्रिया चलने के बाद अब फिर 14 जनवरी को अतिरिक्त सचिव दीपक कुमार देशलहरे ने उनकी सेवा समाप्ति का आदेश जारी किया है। 6 जनवरी 2025 को हाई कोर्ट ने उनकी सेवा समाप्त करने की अनुशंसा की थी, जिस पर विधि एवं विधायी विभाग ने अंतिम आदेश जारी किया।
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उल्लेखनीय है कि पिछले महीने ही भारद्वाज ने सिंगल बेंच में अपनी बर्खास्तगी के खिलाफ दायर मुकदमा जीता था। इसके बाद फिर से जज की कुर्सी हासिल की थी। आकांक्षा भारद्वाज को सात साल पहले बर्खास्त कर दिया गया था।
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2012-13 में बनी थीं सिविल जज
जानकारी के अनुसार आकांक्षा भारद्वाज का 2012-13 में सिविल जज (प्रवेश स्तर) के पद के लिए चयन हुआ था। इसके बाद उन्हें 12 दिसंबर 2013 को दो साल की परिवीक्षा पर नियुक्त किया गया था। उन्होंने 27 दिसंबर 2013 को ज्वॉइन किया था। प्रशिक्षण के बाद अगस्त 2014 में उन्हें अंबिकापुर में प्रथम सिविल जज वर्ग-2 के पद का अतिरिक्त चार्ज सौंपा गया।
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इस पदस्थापना के दौरान उनका आरोप था कि जब वे अपने वरिष्ठ अधिकारियों से न्यायिक मामलों में मार्गदर्शन लेने जाती थीं, तो उनका व्यवहार अनुचित होता था। इसके बाद उन्होंने उच्च अधिकारियों से इसकी शिकायत की थी। लंबी कानूनी प्रक्रिया चलने के बाद अब फिर 14 जनवरी को अतिरिक्त सचिव दीपक कुमार देशलहरे ने उनकी सेवा समाप्ति का आदेश जारी किया है। 6 जनवरी 2025 को हाई कोर्ट ने उनकी सेवा समाप्त करने की अनुशंसा की थी, जिस पर विधि एवं विधायी विभाग ने अंतिम आदेश जारी किया।
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FAQ
- आकांक्षा भारद्वाज को कब बर्खास्त किया गया था और यह आदेश किस विभाग द्वारा जारी किया गया था ?
आकांक्षा भारद्वाज को 14 जनवरी को बर्खास्त किया गया, और यह आदेश विधि एवं विधायी विभाग द्वारा जारी किया गया था। - आकांक्षा भारद्वाज ने किस पद पर नियुक्ति प्राप्त की थी और उन्हें किस वर्ष में बर्खास्त किया गया था ?
आकांक्षा भारद्वाज को 2012-13 में सिविल जज (प्रवेश स्तर) के पद पर नियुक्ति प्राप्त हुई थी, और उन्हें सात साल पहले बर्खास्त कर दिया गया था। - आकांक्षा भारद्वाज पर किस तरह का आरोप था और उन्होंने इसका समाधान किससे मांगा था ?
आकांक्षा भारद्वाज पर आरोप था कि जब वे अपने वरिष्ठ अधिकारियों से न्यायिक मामलों में मार्गदर्शन लेने जाती थीं, तो उनका व्यवहार अनुचित होता था। इसके बाद उन्होंने उच्च अधिकारियों से इसकी शिकायत की थी।
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