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NEWS IN SHORT
- सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद विधायक कवासी लखमा को छत्तीसगढ़ में नो एंट्री।
- जमानत की शर्तों के तहत लखमा अब ओडिशा के मलकानगिरी में रहेंगे।
- रायपुर छोड़ने से पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से की मुलाकात।
- शराब घोटाले के मामले में एक साल से ज्यादा समय जेल में रहे लखमा।
- मलकानगिरी में रहकर भी कोंटा विधानसभा क्षेत्र से जुड़े रहने का दावा।
NEWS IN DETAIL
Raipur. छत्तीसगढ़ इन दिनों बस्तर सबसे चर्चित इलाका है। इसी इलाके के एक विधायक को छत्तीसगढ़ में नो इंट्री हो गई है। सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद पूर्व आबकारी मंत्री और कोंटा विधायक कवासी लखमा अब छत्तीसगढ़ छोड़कर ओडिशा के मलकानगिरी में रहेंगे। जमानत की शर्तों के अनुसार उन्हें राज्य से बाहर रहना होगा। मलकानगिरी उनका नया अस्थायी निवास होगा, जो उनके विधानसभा क्षेत्र कोंटा से सटा हुआ है।
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सीनियर लीडर्स से मुलाकात :
छत्तीसगढ़ छोड़ने से पहले लखमा ने रायपुर में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत और पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव से भेंट कर आगामी विधानसभा बजट सत्र में अपनी उपस्थिति को लेकर चर्चा की।
लखमा चार फरवरी को केंद्रीय जेल रायपुर से रिहा हुए थे। वे शराब घोटाले से जुड़े मामले में एक वर्ष से अधिक समय तक जेल में रहे। यह मामला पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान हुए लगभग 3,200 करोड़ रुपये के घोटाले से संबंधित है।
अदालत में दी नए ठिकाने की जानकारी :
रिहाई के बाद लखमा जिला अदालत पहुंचे, जहां उन्होंने अपने नए निवास स्थान की लिखित जानकारी न्यायालय को दी। इसके बाद वे नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत के निवास पहुंचे।
डॉ. महंत ने उन्हें कानूनी विशेषज्ञों से सलाह लेकर कोर्ट में आवेदन करने का सुझाव दिया। इसके बाद लखमा पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव से मिलने राजकुमार कॉलेज पहुंचे, जहां सिंहदेव ने उनका स्वागत किया। बाद में लखमा पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के रायपुर स्थित निवास भी पहुंचे।
इस दौरान भूपेश बघेल की पत्नी मुक्तेश्वरी बघेल ने लखमा की आरती उतारकर उनका अभिनंदन किया, जिससे माहौल भावुक हो गया। पत्रकारों से चर्चा करते हुए लखमा ने कहा कि उन्होंने अदालत के आदेश का सम्मान करते हुए 24 घंटे के भीतर राज्य छोड़ने की प्रक्रिया पूरी कर ली है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे मलकानगिरी में रहकर भी अपने विधानसभा क्षेत्र कोंटा की जनता से जुड़े रहेंगे और जनसेवा जारी रखेंगे।
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