बस्तर में सजेगा खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का भव्य मंच, छत्तीसगढ़ के युवाओं को मिलेगा बड़ा अवसर
The Sootr | Mar 19, 2026, 16:11 IST
Impact Feature
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य 'खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026' की मेजबानी के लिए तैयार है। 25 मार्च से 6 अप्रैल तक चलने वाले इस आयोजन में देश भर के 1150 खिलाड़ी हिस्सा लेंगे।
Raipur. छत्तीसगढ़ अब खेल के क्षेत्र में नई पहचान बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रयासों से पहली बार प्रदेश में ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026’ का आयोजन होने जा रहा है। यह खेल प्रतियोगिताएं 25 मार्च से 6 अप्रैल तक चलेंगी और इसमें देशभर से करीब 1150 खिलाड़ी, कोच, मैनेजर और तकनीकी विशेषज्ञ हिस्सा लेंगे।
यह सिर्फ एक खेल प्रतियोगिता नहीं है, बल्कि आदिवासी अंचलों की प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच देने का बड़ा मौका है। खास बात यह है कि बस्तर इस आयोजन के केंद्र में रहेगा और यहां की खेल प्रतिभाएं देश के सामने अपनी क्षमता दिखा सकेंगी।
इस बड़े आयोजन की मेज़बानी छत्तीसगढ़ को भारत सरकार ने सौंपी है। प्रतियोगिताएं राज्य के तीन प्रमुख क्षेत्रों- रायपुर, सरगुजा और बस्तर में आयोजित की जाएंगी। रायपुर में तीरंदाजी, फुटबॉल, हॉकी, वेटलिफ्टिंग, स्वीमिंग और कबड्डी (डेमो) जैसे खेल होंगे। सरगुजा में कुश्ती और मलखम्ब (डेमो) की प्रतियोगिताएं होंगी। बस्तर में एथलेटिक्स मुकाबले आयोजित किए जाएंगे। कुल मिलाकर 7 प्रतिस्पर्धात्मक और 2 प्रदर्शनात्मक खेल इस आयोजन का हिस्सा होंगे। इससे खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का पूरा अवसर मिलेगा।
इस आयोजन के जरिए बस्तर को बड़े खेल केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। लंबे समय तक नक्सल प्रभावित क्षेत्र के रूप में पहचान रखने वाला बस्तर अब खेल और सकारात्मक बदलाव की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का कहना है कि बस्तर ओलंपिक में 1 लाख 65 हजार से अधिक युवाओं की भागीदारी यह दिखाती है कि यहां खेल के प्रति जबरदस्त उत्साह है। अब यही ऊर्जा राष्ट्रीय स्तर पर दिखाई देगी।
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प्रदेश सरकार ने खिलाड़ियों के लिए विशेष प्रोत्साहन की भी घोषणा की है। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। मलखम्ब खेल को बढ़ावा देने के लिए खिलाड़ियों को एक लाख रुपए की विशेष सहायता दी जाएगी। इसके साथ ही अमेरिका गॉट टैलेंट में चयनित मलखम्ब खिलाड़ी अनतई पोटाई के अमेरिका आने-जाने का पूरा खर्च राज्य सरकार उठाएगी। यह कदम खिलाड़ियों को प्रेरित करने के साथ उन्हें आगे बढ़ने का भरोसा भी देता है।
इस आयोजन के लिए खेल मैदानों और सुविधाओं को तेजी से बेहतर किया जा रहा है। दौड़ ट्रैक, स्टेडियम, दर्शक दीर्घा और खिलाड़ियों के ठहरने की व्यवस्था को आधुनिक बनाया जा रहा है। खिलाड़ियों के लिए आवास, भोजन, सुरक्षा और चिकित्सा सुविधाओं पर खास ध्यान दिया जा रहा है। अलग-अलग विभाग मिलकर इस आयोजन की तैयारी कर रहे हैं ताकि किसी तरह की कमी न रहे।
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इतने बड़े आयोजन को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत किया गया है। परिवहन, आवागमन और ट्रैफिक मैनेजमेंट के लिए अलग से योजना बनाई गई है। खिलाड़ियों और मेहमानों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है।
यह आयोजन सिर्फ खेल तक सीमित नहीं रहेगा। इसके जरिए छत्तीसगढ़ की समृद्ध आदिवासी संस्कृति को भी देश और दुनिया के सामने रखा जाएगा। बस्तर और सरगुजा की परंपराएं, लोक कला, खान-पान और आतिथ्य इस आयोजन के दौरान खास आकर्षण रहेंगे। देशभर से आने वाले खिलाड़ी और मेहमान यहां की संस्कृति को करीब से जान सकेंगे।
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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का कहना है कि युवा ही देश और प्रदेश का भविष्य हैं। सरकार शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास और खेल के क्षेत्र में युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 ऐसे ही प्रयासों का हिस्सा है, जो आदिवासी अंचलों के युवाओं को नई दिशा देगा। इस आयोजन से गांव-गांव में छिपी प्रतिभाओं को पहचान मिलेगी और उन्हें आगे बढ़ने का रास्ता भी मिलेगा।
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यह आयोजन बड़े बदलाव का संकेत भी है। जो क्षेत्र कभी पिछड़े और अलग-थलग माने जाते थे, वे अब देश के खेल नक्शे पर उभर रहे हैं। खेल के जरिए युवाओं को नई पहचान मिल रही है और समाज में सकारात्मक माहौल बन रहा है। कुल मिलाकर, खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 छत्तीसगढ़ के लिए बड़ा मौका है। यह आयोजन राज्य को खेल, संस्कृति और विकास के नए मुकाम तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाने वाला है।
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यह सिर्फ एक खेल प्रतियोगिता नहीं है, बल्कि आदिवासी अंचलों की प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच देने का बड़ा मौका है। खास बात यह है कि बस्तर इस आयोजन के केंद्र में रहेगा और यहां की खेल प्रतिभाएं देश के सामने अपनी क्षमता दिखा सकेंगी।
तीन शहरों में आयोजन
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बस्तर बनेगा खेल प्रतिभाओं का केंद्र
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का कहना है कि बस्तर ओलंपिक में 1 लाख 65 हजार से अधिक युवाओं की भागीदारी यह दिखाती है कि यहां खेल के प्रति जबरदस्त उत्साह है। अब यही ऊर्जा राष्ट्रीय स्तर पर दिखाई देगी।
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खिलाड़ियों को मिलेगा प्रोत्साहन
खेल सुविधाओं में बड़ा सुधार
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सुरक्षा और व्यवस्थाओं पर फोकस
यह आयोजन सिर्फ खेल तक सीमित नहीं रहेगा। इसके जरिए छत्तीसगढ़ की समृद्ध आदिवासी संस्कृति को भी देश और दुनिया के सामने रखा जाएगा। बस्तर और सरगुजा की परंपराएं, लोक कला, खान-पान और आतिथ्य इस आयोजन के दौरान खास आकर्षण रहेंगे। देशभर से आने वाले खिलाड़ी और मेहमान यहां की संस्कृति को करीब से जान सकेंगे।
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'युवा ही देश और प्रदेश का भविष्य'
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बदलती छत्तीसगढ़ की तस्वीर
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