कोरबा में पकड़े गए 50 से अधिक किंग कोबरा, वन विभाग ने बनाया रिकॉर्ड
Harrison Masih | Jun 16, 2026, 11:59 IST
कोरबा में किंग कोबरा का रेस्क्यू 2026
कोरबा के छुईढोड़ा गांव में 11 फीट लंबे किंग कोबरा का घर में घुसने का मामला सामने आया है। वन विभाग और रेस्क्यू टीम ने सुरक्षित तरीके से सांप को पकड़कर जंगल में छोड़ दिया। जिले में अब तक 50 से ज्यादा किंग कोबरा का सफल रेस्क्यू हो चुका है।
कोरबा वनमंडल एक बार फिर वन्यजीव संरक्षण और मानव-वन्यजीव सहअस्तित्व की एक मिसाल बना है। पसरखेत रेंज के ग्राम छुईढोड़ा में रविवार को एक लगभग 11 फीट लंबे किंग कोबरा के घर में घुस आने की घटना सामने आई, जिसके बाद वन विभाग और रेस्क्यू टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सांप को सुरक्षित पकड़ लिया।
घटना के दौरान जैसे ही परिवार ने विशाल किंग कोबरा को घर के अंदर देखा, पूरे घर और आसपास के क्षेत्र में दहशत फैल गई। तुरंत वन विभाग को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और सुरक्षित तरीके से कोबरा का रेस्क्यू शुरू किया।
रेस्क्यू अभियान का नेतृत्व वन विभाग के मार्गदर्शन में नोवा नेचर वेलफेयर सोसायटी की टीम के सदस्यों ने किया, जिसमें जितेंद्र सारथी और सीनियर फील्ड ऑफिसर सिद्धांत जैन शामिल रहे। टीम ने पूरी सावधानी के साथ, सभी सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए किंग कोबरा को बिना किसी नुकसान के पकड़ लिया।
रेस्क्यू के बाद किंग कोबरा का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की गईं। इसके बाद उसे उसके प्राकृतिक आवास यानी घने वन क्षेत्र में सुरक्षित रूप से छोड़ दिया गया। इस दौरान गांव के सरपंच किशन कुमार राठिया सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे और पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन को देखा।
इस घटना के साथ ही कोरबा जिले में किंग कोबरा रेस्क्यू का एक बड़ा रिकॉर्ड सामने आया है। वनमंडलाधिकारी (DFO) प्रेमलता यादव के अनुसार, अब तक जिले में 50 से अधिक किंग कोबरा का सफल रेस्क्यू किया जा चुका है।
यह आंकड़ा न सिर्फ बढ़ते मानव-वन्यजीव संपर्क को दर्शाता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि स्थानीय स्तर पर रेस्क्यू और संरक्षण तंत्र कितना सक्रिय हो चुका है।
विशेषज्ञों का मानना है कि कोरबा के वन क्षेत्र में किंग कोबरा की मौजूदगी जैव विविधता और स्वस्थ पारिस्थितिकी तंत्र का संकेत है। यह प्रजाति अन्य सांपों की आबादी को नियंत्रित कर प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
किंग कोबरा को भारत का सबसे लंबा विषैला सांप माना जाता है। इसे वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की अनुसूची-1 के तहत विशेष कानूनी संरक्षण प्राप्त है। इसकी सुरक्षा के लिए छेड़छाड़ या हत्या पर कड़ी कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।
स्थानीय विशेषज्ञों के अनुसार, छत्तीसगढ़ में किंग कोबरा मुख्य रूप से कोरबा जिले के वन क्षेत्रों में ही पाया जाता है। इसकी बढ़ती मौजूदगी और बार-बार हो रहे रेस्क्यू यह संकेत देते हैं कि जंगल क्षेत्र मानव बस्तियों के करीब आ रहे हैं।
इसी को ध्यान में रखते हुए वन विभाग और संरक्षण टीमों द्वारा जेनेटिक्स-टेलीमेट्री स्टडी और कुछ क्षेत्रों को संरक्षित घोषित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया जा रहा है।
वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि किसी भी प्रकार के सांप या वन्यजीव दिखाई देने पर घबराएं नहीं और उन्हें नुकसान पहुंचाने की कोशिश बिल्कुल न करें। ऐसी स्थिति में तुरंत वन विभाग के हेल्पलाइन नंबर 1926 या नजदीकी रेस्क्यू टीम को सूचना दें, ताकि सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू किया जा सके और मानव तथा वन्यजीव दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित हो।
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घर में घुसा 11 फीट का किंग कोबरा
रेस्क्यू अभियान का नेतृत्व वन विभाग के मार्गदर्शन में नोवा नेचर वेलफेयर सोसायटी की टीम के सदस्यों ने किया, जिसमें जितेंद्र सारथी और सीनियर फील्ड ऑफिसर सिद्धांत जैन शामिल रहे। टीम ने पूरी सावधानी के साथ, सभी सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए किंग कोबरा को बिना किसी नुकसान के पकड़ लिया।
स्वास्थ्य जांच के बाद जंगल में छोड़ा गया
अब तक 50 से अधिक सफल रेस्क्यू
यह आंकड़ा न सिर्फ बढ़ते मानव-वन्यजीव संपर्क को दर्शाता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि स्थानीय स्तर पर रेस्क्यू और संरक्षण तंत्र कितना सक्रिय हो चुका है।
विशेषज्ञों का मानना है कि कोरबा के वन क्षेत्र में किंग कोबरा की मौजूदगी जैव विविधता और स्वस्थ पारिस्थितिकी तंत्र का संकेत है। यह प्रजाति अन्य सांपों की आबादी को नियंत्रित कर प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
भारत का सबसे लंबा विषैला सांप
केवल कोरबा में मिलने का दावा और संरक्षण की जरूरत
इसी को ध्यान में रखते हुए वन विभाग और संरक्षण टीमों द्वारा जेनेटिक्स-टेलीमेट्री स्टडी और कुछ क्षेत्रों को संरक्षित घोषित करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया जा रहा है।
वन विभाग की अपील
FAQ
- छत्तीसगढ़ में सबसे ज्यादा कोबरा कहाँ पाए जाते हैं?
छत्तीसगढ़ में किंग कोबरा मुख्य रूप से कोरबा जिले के घने वन क्षेत्रों में पाए जाते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, यहां के हसदेव और आसपास के जंगल इनके प्रमुख आवास माने जाते हैं। इसके अलावा बस्तर क्षेत्र में भी कभी-कभी इनके मिलने की सूचना मिलती है। - कोरबा में किंग कोबरा बार-बार क्यों दिखाई देते हैं?
कोरबा घने जंगलों से घिरा क्षेत्र है। यहां किंग कोबरा का प्राकृतिक आवास मौजूद है। इसलिए मानव बस्तियों में इनके आने की घटनाएं होती हैं।
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