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NEWS IN SHORT
- कोरिया जिले में पोड़ी चौकी के SI अब्दुल मुनाफ 25 हजार रुपए रिश्वत लेते ACB के हत्थे चढ़े।
- ASI गुरु प्रसाद यादव पर भी किसान से 50 हजार की मांग और मर्डर केस में फंसाने की धमकी का आरोप।
- किसान की शिकायत पर ACB ने केमिकल लगे नोटों से ट्रैप कार्रवाई की।
- SI को चौकी में रंगे हाथ पकड़ा गया, ASI को अंबिकापुर से गिरफ्तार किया गया।
- दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 और 12 के तहत मामला दर्ज।
NEWS IN DETAIL
किसान को मर्डर केस में फंसाने की धमकी
छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के पोड़ी चौकी थाना क्षेत्र में पदस्थ SI अब्दुल मुनाफ और ASI गुरु प्रसाद यादव पर गांव के किसान सत्येंद्र प्रजापति से 50 हजार रुपए रिश्वत मांगने का आरोप है। मामला तब शुरू हुआ जब गांव में एक मजदूर के बेटे की पानी से भरे गड्ढे में डूबने से मौत हो गई।
जांच के लिए पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने किसान के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज न करने और केस रफा-दफा करने के बदले 50 हजार रुपए की मांग की।
रकम कम करने पर 25 हजार में तय हुई डील
किसान ने पूरी रकम देने में असमर्थता जताई तो उसे मर्डर केस में फंसाने की धमकी दी गई। अंततः 25 हजार रुपए में सौदा (Bribery ) तय हुआ। किसान ने धान बेचने के बाद 24 फरवरी को पैसे देने की बात कही।
ACB में शिकायत, रची गई ट्रैप योजना
21 फरवरी को किसान ने एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के बाद ACB ने दोनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ट्रैप प्लान किया।
रंगे हाथ पकड़ा गया SI
24 फरवरी को ACB की 6 सदस्यीय टीम बचरा-पोड़ी चौकी के आसपास मौजूद रही। शिकायतकर्ता को केमिकल लगे 25 हजार रुपए देकर चौकी भेजा गया। जैसे ही SI अब्दुल मुनाफ ने पैसे लिए और इशारा मिला, टीम ने अंदर घुसकर उन्हें पकड़ लिया। उनकी जेब से रिश्वत की रकम बरामद हुई।
ASI की अंबिकापुर से गिरफ्तारी
मामले में शामिल ASI गुरु प्रसाद यादव का पहले ही ट्रांसफर अंबिकापुर हो चुका था। ACB ने उन्हें वहां से हिरासत में लिया। दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 और 12 के तहत केस दर्ज किया गया है।
Sootr Knowledge
- भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 रिश्वत लेने से संबंधित है।
- धारा 12 रिश्वत दिलाने या सहयोग करने वालों पर लागू होती है।
- ACB ट्रैप कार्रवाई में केमिकल पाउडर (फिनॉल्फ्थेलीन) का उपयोग करती है।
- केमिकल लगे नोट छूने पर हाथ धोने पर पानी का रंग बदल जाता है, जो सबूत माना जाता है।
- रंगे हाथ पकड़े जाने पर सरकारी कर्मचारी को तत्काल निलंबन का सामना करना पड़ सकता है।
Sootr Alert
- किसी भी सरकारी कर्मचारी द्वारा रिश्वत मांगने पर तुरंत ACB में शिकायत करें।
- शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाती है।
- डर या दबाव में आकर रिश्वत देने के बजाय कानूनी विकल्प अपनाएं।
IMP FACTS
- घटना पोड़ी चौकी थाना क्षेत्र की है।
- 21 फरवरी को ACB में शिकायत दर्ज हुई।
- 24 फरवरी को ट्रैप कार्रवाई की गई।
- 25 हजार रुपए लेते SI रंगे हाथ पकड़ा गया।
- ASI को अंबिकापुर से गिरफ्तार किया गया।
आगे क्या
- दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जाएगा।
- विभागीय जांच और निलंबन की कार्रवाई संभव।
- ACB मामले में आगे की पूछताछ और साक्ष्य जुटाने में जुटी है।
निष्कर्ष
कोरिया जिले में पुलिस विभाग के दो अधिकारियों पर लगे रिश्वत के आरोप और ACB की कार्रवाई ने एक बार फिर सिस्टम में मौजूद भ्रष्टाचार को उजागर किया है। रंगे हाथ गिरफ्तारी के बाद अब कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। यह मामला आम नागरिकों के लिए एक संदेश भी है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ शिकायत करने पर कार्रवाई संभव है।
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