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liquor scam distilleries ED investigation : छत्तीसगढ़ में हुए शराब घोटाले में डिस्टलरीज कंपनियों को आरोपी न बनाए जाने को लेकर सवाल खड़े किए गए हैं। इस मामले में जेल में बंद कारोबारी अनवर ढेबर ने कोर्ट में एक आवेदन लगाया था। इसमें शराब निर्माता कंपनियों को आरोपी बनाने के लिए मांग की गई है। ढेबर की याचिका पर ईडी की स्पेशल कोर्ट में सुनवाई पूरी हो गई है। अनवर ढेबर के वकील ने सुनवाई के दौरान कहा कि ईडी शराब निर्माताओं क्यों बचाना चाहती है।
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इन शराब कंपनियों को आरोपी बनाने की मांग की गई
उल्लेखनीय है कि ढेबर के आवेदन में भाटिया वाइन एंड मर्चेट प्राइवेट लिमिटेड, छत्तीसगढ़ डिस्टलरीज और वेलकम डिस्टलरीज फर्म और उनके मालिक के साथ अन्य लोगों को आरोपी बनाने की मांग गई है। अनवर केदिल्ली से आए वकील अनुराग अहलूवालिया ने कहा कि छत्तीसगढ़ में हुए आबकारी मामले में ईडी ने अपनी चार्जशीट में बताया है कि घोटाले में 1200 करोड़ रुपए की राशि शराब निर्माता कंपनियों ने कमाए हैं। अगर ऐसा हुआ है तो अब तक शराब निर्माता कंपनी के खिलाफ कार्रवाई क्यों नही की गई है।
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ईडी और ACB-EOW इस मामले में जांच कर रही है, लेकिन अब तक उनके खिलाफ कोई चालान पेश नहीं किया गया और न ही शराब निर्माता कंपनियों के मालिकों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया है। आखिर ED शराब निर्माता कंपनियों को क्यों बचाना चाहती है?
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जरूरत पढ़ने पर कार्रवाई की जाएगी...जांच जारी है
ED के वकील सौरभ पांडेय ने कोर्ट ने अपना पक्ष रखने हुए कहा कि शराब घोटाले मामले में जांच जारी है। अब तक ED की ओर से 9 लोगों के खिलाफ हमें एविडेंस मिले, उनके खिलाफ चालान पेश किया गया था। जिन लोगों के खिलाफ सबूत मिलते जाएंगे, उन्हें अरेस्ट किया जाएगा।
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