5 दिन में मिलेगा शराब परमिट, लेकिन ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र के लिए 15 दिन इंतजार
Arun Tiwari | Jun 05, 2026, 12:03 IST
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छत्तीसगढ़ सरकार ने लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत शराब परमिट के लिए 5 दिन और ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र व आपदा राहत के लिए 15 दिन की समय-सीमा तय की है, जिससे प्रशासनिक प्राथमिकताओं पर बहस छिड़ गई है।
RAIPUR : छत्तीसगढ़ सरकार ने लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत कई सेवाओं की नई समय-सीमा तय की है। सरकार का दावा है कि इससे नागरिकों को समयबद्ध सेवाएं मिलेंगी और अधिकारियों की जवाबदेही बढ़ेगी। हालांकि नई व्यवस्था ने प्रशासनिक प्राथमिकताओं को लेकर बहस भी छेड़ दी है। कारण यह है कि जहां शराब से जुड़े परमिट महज पांच कार्य दिवस में जारी करने का प्रावधान किया गया है, वहीं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) प्रमाणपत्र प्राप्त करने के लिए लोगों को 15 कार्य दिवस तक इंतजार करना होगा।
राज्य सरकार ने आबकारी, राजस्व और आपदा प्रबंधन विभाग की कई सेवाओं को लोक सेवा गारंटी अधिनियम के दायरे में शामिल करते हुए उनके लिए निर्धारित समय-सीमा तय की है। सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य आम नागरिकों को तय समय में सेवाएं उपलब्ध कराना और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता लाना है।
नई व्यवस्था के अनुसार आबकारी विभाग के तहत शराब के थोक परिवहन, वेयरहाउस संचालन और दुकानों तक आपूर्ति से जुड़े आवश्यक परमिट पांच कार्य दिवस के भीतर जारी किए जाएंगे। इसके लिए संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय की गई है ताकि आवेदनों का समय पर निराकरण हो सके।
आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण माने जाने वाले ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र की समय-सीमा 15 कार्य दिवस निर्धारित की गई है। यह प्रमाणपत्र शिक्षा और रोजगार में आरक्षण सहित कई सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए आवश्यक दस्तावेज माना जाता है। ऐसे में इसकी तुलना शराब परमिट की प्रक्रिया से होने लगी है और लोगों के बीच प्रशासनिक प्राथमिकताओं को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
राजस्व विभाग की अन्य सेवाओं को भी नई समय-सीमा के दायरे में लाया गया है। प्राकृतिक आपदा से हुई क्षति पर आर्थिक सहायता और सड़क दुर्घटना में मृत्यु या गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों के परिजनों को सहायता राशि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया के लिए भी 15 कार्य दिवस का समय तय किया गया है।
इसके अलावा सहकारिता और आबकारी विभाग से जुड़ी कुछ सेवाओं के लिए सात कार्य दिवस की समय-सीमा निर्धारित की गई है। इनमें नया सहकारी लाइसेंस जारी करना और उसके नवीनीकरण जैसी प्रक्रियाएं शामिल हैं। सरकार का मानना है कि निर्धारित समय-सीमा से आवेदकों को अनावश्यक देरी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत यदि तय समय में सेवा उपलब्ध नहीं कराई जाती है तो नागरिक शिकायत दर्ज करा सकेंगे। इसके लिए प्रत्येक सेवा के लिए लोक प्राधिकारी, सक्षम प्राधिकारी और अपीलीय अधिकारी निर्धारित किए गए हैं। शिकायतों के निपटारे की जिम्मेदारी भी संबंधित अधिकारियों को सौंपी गई है। आबकारी विभाग से जुड़े मामलों में संबंधित जिले के कलेक्टर अपीलीय प्राधिकारी की भूमिका निभाएंगे।
हालांकि नई व्यवस्था के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि आम जनता से सीधे जुड़ी सामाजिक और कल्याणकारी सेवाओं की तुलना में शराब कारोबार से संबंधित सेवाओं को अधिक तेजी से उपलब्ध कराने का प्रावधान क्यों रखा गया है। सरकार इसे प्रशासनिक दक्षता और सेवा सुधार का कदम बता रही है, लेकिन विपक्ष और सामाजिक संगठनों का मानना है कि इससे शासन की प्राथमिकताओं पर सवाल खड़े होते हैं।
नई समय-सीमा लागू होने के बाद अब यह देखना दिलचस्प होगा कि इससे सेवाओं की गुणवत्ता और नागरिकों की संतुष्टि में कितना सुधार आता है, और क्या सरकार भविष्य में इन समय-सीमाओं की समीक्षा कर जनहित से जुड़ी सेवाओं को और अधिक प्राथमिकता देती है।
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समय सीमा तय:
ये दी गारंटी:
कमज़ोर वर्ग को इंतज़ार:
अन्य सेवाएं भी गारंटी के दायरे में:
इसके अलावा सहकारिता और आबकारी विभाग से जुड़ी कुछ सेवाओं के लिए सात कार्य दिवस की समय-सीमा निर्धारित की गई है। इनमें नया सहकारी लाइसेंस जारी करना और उसके नवीनीकरण जैसी प्रक्रियाएं शामिल हैं। सरकार का मानना है कि निर्धारित समय-सीमा से आवेदकों को अनावश्यक देरी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
गारंटी नहीं तो जुर्माना:
निष्कर्ष:
नई समय-सीमा लागू होने के बाद अब यह देखना दिलचस्प होगा कि इससे सेवाओं की गुणवत्ता और नागरिकों की संतुष्टि में कितना सुधार आता है, और क्या सरकार भविष्य में इन समय-सीमाओं की समीक्षा कर जनहित से जुड़ी सेवाओं को और अधिक प्राथमिकता देती है।
FAQ
- नया नियम किस एक्ट के तहत लागू हुआ?
उत्तर: यह बदलाव छत्तीसगढ़ लोक सेवा गारंटी अधिनियम, 2011 के तहत किया गया है। इस कानून का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को बिना किसी देरी के समयबद्ध सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराना और प्रशासनिक जवाबदेही तय करना है। - शराब परमिट की समय-सीमा क्या है?
उत्तर: आबकारी विभाग के तहत शराब के थोक परिवहन, वेयरहाउस संचालन और दुकानों तक आपूर्ति से जुड़े आवश्यक परमिट जारी करने के लिए 5 कार्य दिवस तय किए गए हैं। सरकार का तर्क है कि इससे व्यापारिक प्रक्रियाओं में तेजी आएगी। - EWS प्रमाणपत्र में कितना समय लगेगा?
उत्तर: आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) प्रमाणपत्र जारी करने के लिए 15 कार्य दिवस की समय-सीमा तय की गई है। शिक्षा और सरकारी नौकरियों में 10% आरक्षण का लाभ लेने के लिए यह एक बेहद महत्वपूर्ण सामाजिक दस्तावेज है। - आपदा राहत राशि कब तक मिलेगी?
उत्तर: प्राकृतिक आपदा से हुई क्षति पर आर्थिक सहायता या सड़क दुर्घटना में मृत्यु/गंभीर चोट के मामलों में परिजनों को मुआवजा राशि 15 कार्य दिवस के भीतर देने का नियम बनाया गया है, ताकि पीड़ित परिवारों को तुरंत राहत मिल सके।
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