Lok Sabha elections : सीएम साय के विधानसभा क्षेत्र में ही मतदान कम , दर्जनभर मंत्री मिलकर महज 1 फीसदी बढ़ा पाए वोटिंग
Jitendra Shrivastava | May 10, 2024, 16:10 IST
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छत्तीसगढ़ लोकसभा चुनाव में वोटिंग में न तो सीएम का असर नजर आया और न ही उनके मंत्रियों का। हैरानी की बात तो ये है कि खुद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के विधानसभा क्षेत्र में ही पिछली बार के मुकाबले कम वोटिंग हुई।
अरुण तिवारी, RAIPUR. छत्तीसगढ़ में लोकसभा चुनाव ( Lok Sabha elections ) में वोटिंग बढ़ाने का शाही प्लान ही कोई काम नहीं आया। अमित शाह के खास निर्देश के बाद प्रदेश प्रभारी नितिन नवीन ने सीएम से लेकर बूथ कार्यकर्ता को वोटिंग बढ़ाने के काम में लगाया था। वोटिंग में न तो सीएम का असर नजर आया और न ही उनके मंत्रियों का। हैरानी की बात तो ये है कि खुद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के विधानसभा क्षेत्र में ही पिछली बार के मुकाबले कम वोटिंग हुई। दर्जन भर मंत्री मिलकर सभी 11 लोकसभा सीटों पर पिछली बार के मुकाबले महज एक फीसदी वोटिंग में ही इजाफा कर पाए।
गृह मंत्री अमित शाह जब छत्तीसगढ़ में चुनाव प्रचार के लिए आए थे तो सीएम और उनकी टीम को उन्होंने वोटिंग बढ़ाने का टास्क दिया था। सूत्रों की मानें तो शाह ने यहां तक कहा था कि वोटिंग कराने का परफॉर्मेंस लोकसभा चुनाव के बाद होने वाले मंत्रिमंडल फेरबदल में नजर आएगा। लेकिन 11 लोकसभा सीटों पर हुए तीन चरणों के चुनाव में इसका कोई असर नजर नहीं आया। तीनों के फेज के चुनाव को देखें तो पिछली बार के मुकाबले इस बार तीनों फेज के मतदान में महज 1.31 फीसदी का इजाफा हुआ। 2019 में 71.49 फीसदी मतदान हुआ तो 2024 में बढ़कर वोटिंग 72.8 फीसदी ही हो पाई। मंत्री अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में आधा फीसदी से दो फीसदी तक वोटिंग बढ़ा पाए। लेकिन सीएम विष्णुदेव साय के विधानसभा क्षेत्र कुनकुरी में तो पिछले बार के मुकाबले इस बार कम वोटिंग हुई। वहीं मंत्री लखनलाल देवांगन के विधानसभा क्षेत्र कोरबा में भी कम मतदान हुआ।
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मंत्री 2 फीसदी से ज्यादा नहीं बढ़ा पाए वोटिंग
गृह मंत्री अमित शाह जब छत्तीसगढ़ में चुनाव प्रचार के लिए आए थे तो सीएम और उनकी टीम को उन्होंने वोटिंग बढ़ाने का टास्क दिया था। सूत्रों की मानें तो शाह ने यहां तक कहा था कि वोटिंग कराने का परफॉर्मेंस लोकसभा चुनाव के बाद होने वाले मंत्रिमंडल फेरबदल में नजर आएगा। लेकिन 11 लोकसभा सीटों पर हुए तीन चरणों के चुनाव में इसका कोई असर नजर नहीं आया। तीनों के फेज के चुनाव को देखें तो पिछली बार के मुकाबले इस बार तीनों फेज के मतदान में महज 1.31 फीसदी का इजाफा हुआ। 2019 में 71.49 फीसदी मतदान हुआ तो 2024 में बढ़कर वोटिंग 72.8 फीसदी ही हो पाई। मंत्री अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में आधा फीसदी से दो फीसदी तक वोटिंग बढ़ा पाए। लेकिन सीएम विष्णुदेव साय के विधानसभा क्षेत्र कुनकुरी में तो पिछले बार के मुकाबले इस बार कम वोटिंग हुई। वहीं मंत्री लखनलाल देवांगन के विधानसभा क्षेत्र कोरबा में भी कम मतदान हुआ।
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सीएम और मंत्रियों के क्षेत्रों में वोटिंग की स्थिति...
- सीएम विष्णुदेव साय
कुनकुरी- रायगढ़- 0.12 फीसदी कम - लखनलाल देवांगन
कोरबा- 4.37 फीसदी कम - अरुण साव
लोरमी- बिलासपुर- 0.47 फीसदी बढ़ी - विजय शर्मा
कवर्धा- राजनांदगांव- 2 फीसदी बढ़ी - बृजमोहन अग्रवाल
रायपुर दक्षिण- 0.53 बढ़ी - रामविचार नेताम
रामानुजगंज- सरगुजा- 2.34 फीसदी बढ़ी - दयालदास बघेल
नवागढ़- दुर्ग- 2.81 फीसदी बढ़ी - केदार कश्यप
नारायणपुर- बस्तर- 1 फीसदी बढ़ी - श्यामबिहारी जायसवाल
मनेंद्रगढ़- कोरबा- 0.87 बढ़ी - ओपी चौधरी
रायगढ़- 1.38 बढ़ी - लक्ष्मी राजवाड़े
भटगांव- सरगुजा- 4.07 बढ़ी - टंकराम वर्मा
बलौदाबाजार- रायपुर- 1.88 फीसदी बढ़ी
ये रही सातों लोकसभा सीटों में वोटिंग की स्थिति...
लोकसभा सीट | 2019 में वोटिंग | 2024 में वोटिंग | बढ़ोतरी |
| बस्तर | 66.04 फीसदी | 68.29 फीसदी | 2.25 फीसदी |
| राजनांदगांव | 76.04 फीसदी | 77.42 फीसदी | 1.38 फीसदी |
| महासमुंद | 74.51 फीसदी | 75.02 फीसदी | 0.51 फीसदी |
| कांकेर | 74.27 फीसदी | 76.23 फीसदी | 1.96 फीसदी |
| सरगुजा | 77.3 फीसदी | 79.89 फीसदी | 2.59 फीसदी |
| रायगढ़ | 77.78 फीसदी | 78.85 फीसदी | 1.07 फीसदी |
| जांजगीर चांपा | 65.58 फीसदी | 67.56 फीसदी | 1.98 फीसदी |
| कोरबा | 75.28 फीसदी | 75.63 फीसदी | 0.35 फीसदी |
| बिलासपुर | 64.36 फीसदी | 64.77 फीसदी | 0.41 फीसदी |
| दुर्ग | 71.68 फीसदी | 73.68 फीसदी | 2.0 फीसदी |
| रायपुर | 66.0 फीसदी | 66.82 फीसदी | 0.82 फीसदी |
राज्य में ओवरऑल वोटिंग | 71.49 फीसदी | 72.8 फीसदी | 1.31 फीसदी |
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