महादेव ऐप के सौरभ चंद्राकर ने जताया जान का खतरा, भारत आने से पहले रखी बड़ी मांग

Harrison Masih | Aug 21, 2026, 17:03 IST
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सौरभ चंद्राकर ने जताया जान का खतरा
सौरभ चंद्राकर ने जताया जान का खतरा

महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप के मुख्य प्रमोटर सौरभ चंद्राकर ने भारत लाए जाने से पहले अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। दावा है कि वह जांच एजेंसियों को सट्टा नेटवर्क से जुड़ी अहम जानकारी देने को तैयार है।

समझें क्या है पूरा मामला

महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले में कथित मुख्य प्रमोटर सौरभ चंद्राकर ने भारत लाए जाने से पहले अपनी जान को खतरा बताया है। जांच एजेंसी से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक, ओमान पुलिस और वहां के अधिकारियों के सामने चंद्राकर ने भारत की जेल में अपनी सुरक्षा को लेकर आशंका जताई है। उसने अपनी सुरक्षा के साथ-साथ परिवार की सुरक्षा की भी मांग की है।

सौरभ चंद्राकर इस समय ओमान में हिरासत में है। भारत की जांच एजेंसियां उसे वापस लाने के लिए प्रत्यर्पण की कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ा रही हैं। अधिकारियों के मुताबिक, चंद्राकर भारत आने के लिए तैयार है, लेकिन वह चाहता है कि उसे और उसके परिवार को पर्याप्त सुरक्षा दी जाए।

जांच में सहयोग करने की बात

जानकारी के मुताबिक, सौरभ चंद्राकर ने भारतीय जांच एजेंसियों के सामने महादेव ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क से जुड़ी अहम जानकारी देने की इच्छा जताई है। उसने कथित तौर पर राजनीतिक कनेक्शन, पैसों के लेन-देन और विदेशों में मौजूद संपत्तियों से जुड़ी जानकारी जांच एजेंसियों को देने की बात कही है।

चंद्राकर ने सुरक्षा के बदले जांच में सहयोग की इच्छा जताई है। हालांकि, अधिकारियों के मुताबिक, उसके दावों और उसके द्वारा दी जाने वाली जानकारी की स्वतंत्र रूप से जांच की जाएगी।

भारत लौटने के बाद बयान की तैयारी

चंद्राकर ने कथित तौर पर कहा है कि भारत आने के बाद वह सक्षम जांच एजेंसियों और अदालत के सामने अपना बयान दर्ज कराने के लिए तैयार है। उसकी मांग है कि उसे सुरक्षित स्थान पर रखा जाए और मामले से जुड़े अन्य आरोपियों या प्रभावशाली लोगों से अलग रखा जाए।

उसका कहना है कि ऐसा होने पर वह बिना दबाव या किसी तरह के प्रभाव के जांच एजेंसियों को पूरी जानकारी दे सकेगा। उसने पूछताछ के दौरान न्यायिक निगरानी की मांग भी की है।

इसके अलावा चंद्राकर ने इलेक्ट्रॉनिक और दस्तावेजी सबूतों को सुरक्षित रखने की मांग की है, ताकि जांच के दौरान किसी भी महत्वपूर्ण साक्ष्य के साथ छेड़छाड़ न हो सके।

परिवार की सुरक्षा को लेकर भी चिंता

सौरभ चंद्राकर ने सिर्फ अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता नहीं जताई है, बल्कि परिवार के सदस्यों की सुरक्षा की भी मांग की है। उसने आशंका जताई है कि मामले से जुड़े प्रभावशाली लोगों के कारण उसे या उसके परिवार को नुकसान पहुंचाया जा सकता है।

अधिकारियों के मुताबिक, चंद्राकर की सुरक्षा संबंधी मांगों पर कानूनी प्रक्रिया और संबंधित एजेंसियों के स्तर पर विचार किया जा रहा है।

ओमान में हिरासत और प्रत्यर्पण की प्रक्रिया

सौरभ चंद्राकर को इंटरपोल के रेड नोटिस के आधार पर ओमान पुलिस ने हिरासत में लिया था। रिपोर्टों के मुताबिक, उसने फर्जी इंडोनेशियाई पासपोर्ट के जरिए ओमान में प्रवेश किया था।

भारत की एजेंसियां अब उसे भारत वापस लाने की प्रक्रिया में जुटी हैं। इसके लिए भारत और ओमान के बीच प्रत्यर्पण से जुड़ी कानूनी प्रक्रिया चल रही है। वहीं, ओमान में उसके खिलाफ अलग कानूनी कार्रवाई भी जारी है।

चंद्राकर ने वकील के माध्यम से ओमान में चल रही इन कानूनी कार्रवाइयों को चुनौती दी है।

सुरक्षा की मांग से खत्म नहीं होगी कानूनी कार्रवाई

जांच से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक, चंद्राकर की ओर से सुरक्षा या विटनेस प्रोटेक्शन की मांग किए जाने का मतलब यह नहीं है कि उसे किसी मामले में कानूनी छूट मिल जाएगी।

उसके खिलाफ दर्ज मामलों और उपलब्ध सबूतों की जांच अपनी प्रक्रिया के तहत जारी रहेगी। यदि जांच में अपराध से जुड़े पर्याप्त सबूत मिलते हैं, तो संबंधित मामलों में उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

इसी तरह, चंद्राकर द्वारा जांच एजेंसियों को दी जाने वाली जानकारी को भी बिना सत्यापन के स्वीकार नहीं किया जाएगा। उसके बयानों और दावों का मिलान इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड, वित्तीय लेन-देन, दस्तावेजों और दूसरे उपलब्ध सबूतों से किया जाएगा।

देशभर में फैला था ऑनलाइन बेटिंग नेटवर्क

सीबीआई के मुताबिक, महादेव ऐप देश में सामने आए बड़े गैर-कानूनी ऑनलाइन बेटिंग सिंडिकेट में से एक है। जांच एजेंसी का आरोप है कि इस नेटवर्क को भारत के बाहर से संचालित किया जाता था।

सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल पर इस नेटवर्क को खड़ा करने और इसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए बड़ी संख्या में यूजर्स तक पहुंचाने का आरोप है।

जांच में सामने आया कि नेटवर्क के जरिए अलग-अलग जगहों पर कथित गैर-कानूनी बेटिंग पैनल चलाए जाते थे। इन पैनलों के माध्यम से यूजर्स को जोड़ा जाता था और अलग-अलग गेम्स तथा बेटिंग मार्केट संचालित किए जाते थे।

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