छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा फैसला : बाहरी डॉक्टरों को अब नहीं कराना होगा रजिस्ट्रेशन
Umeshwari Baghel | Jun 14, 2026, 11:05 IST
छत्तीसगढ़ में डॉक्टरों की सीधी भर्ती का रास्ता साफ
छत्तीसगढ़ सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब देश के किसी भी राज्य में पंजीकृत डॉक्टर, नर्स और पैरामेडिकल स्टाफ को राज्य में अलग रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं होगी। वे सीधे नौकरी और प्रैक्टिस कर सकेंगे। इससे डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ने की उम्मीद है।
NEWS IN SHORT
- छत्तीसगढ़ में डॉक्टरों के लिए नियमों में बदलाव
- अब देशभर के डॉक्टर बिना लोकल रजिस्ट्रेशन कर सकेंगे प्रैक्टिस
- नर्स और पैरामेडिकल स्टाफ पर भी लागू हुआ नया आदेश
- डिग्री वेरिफिकेशन को लेकर उठे सवाल
- स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत करने के लिए सरकार का बड़ा कदम
NEWS IN DETAIL
नई अधिसूचना में क्या बदला
पहले डॉक्टरों को छत्तीसगढ़ मेडिकल काउंसिल में अलग से रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य था। इस प्रक्रिया को अब समाप्त कर दिया गया है। सरकार का कहना है कि यह बदलाव स्वास्थ्य सेवाओं में तेजी लाने और डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए किया गया है।
नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ पर भी लागू नियम
इससे निजी अस्पतालों और मेडिकल संस्थानों को स्टाफ की भर्ती में आसानी मिलेगी और दूसरे राज्यों से आने वाले स्वास्थ्यकर्मी सीधे काम कर सकेंगे।
सरकार का उद्देश्य क्या है
सरकार का मानना है कि यह फैसला मेडिकल सेक्टर में प्रतिस्पर्धा बढ़ाएगा और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार करेगा।
डिग्री वेरिफिकेशन पर उठे सवाल
अभी तक राज्य मेडिकल काउंसिल में रजिस्ट्रेशन के दौरान डिग्री और डॉक्यूमेंट्स की जांच की जाती थी। अब इस नए बदलाव से पारदर्शिता को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
मेडिकल काउंसिल की प्रतिक्रिया
साथ ही यह भी प्रस्ताव है कि डॉक्टरों का हर 5 साल में रिन्यूअल किया जाए, जिससे उनकी योग्यता और रिकॉर्ड अपडेट रहे।
निजी अस्पतालों को मिलेगा फायदा
विशेषज्ञों की राय और संभावित असर
यदि वेरिफिकेशन सिस्टम मजबूत नहीं हुआ, तो फर्जी डिग्री या गलत जानकारी वाले मामलों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
IMP FACTS
अब किसी भी राज्य में पंजीकृत डॉक्टर बिना लोकल रजिस्ट्रेशन प्रैक्टिस कर सकेंगे
नर्स और पैरामेडिकल स्टाफ पर भी यही नियम लागू होगा
केवल राज्य या राष्ट्रीय मेडिकल रजिस्टर में वैध पंजीकरण होना जरूरी है
छत्तीसगढ़ मेडिकल काउंसिल का अतिरिक्त रजिस्ट्रेशन अब अनिवार्य नहीं रहेगा
सरकार का उद्देश्य डॉक्टरों की कमी दूर करना है
निजी अस्पतालों में भर्ती प्रक्रिया आसान होने की उम्मीद है
डिग्री वेरिफिकेशन को लेकर पारदर्शिता पर सवाल भी उठ रहे हैं
सेंट्रल रजिस्ट्रेशन सिस्टम की दिशा में सरकार की तैयारी चल रही है
हर 5 साल में डॉक्टरों का रिन्यूअल सिस्टम लाने की योजना पर भी चर्चा है
निष्कर्ष
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