मी लार्ड मनचाहा पद चाहिए... हाईकोर्ट ने कहा, अनुकंपा नियुक्ति अधिकार नहीं, एक रियायत
Krishna Kumar Sikander | Apr 30, 2025, 14:36 IST
My Lord I want the desired post... High Court said compassionate appointment is not a right, it is a concession the sootr
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में एक युवक ने कहा कि उसे अनुकंपा नियुक्ति के आधार पर चौकीदार का पद दिया गया। मगर, वह ड्राईवर बनने के योग्य है। न्यायाधीश ने कहा, अनुकंपा नियुक्ति अधिकार नहीं है, बल्कि रियायत है।
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में एक युवक ने अपील की कि उसके पिता के निधन के बाद उसे अनुकंपा नियुक्ति के आधार पर चौकीदार का पद दिया गया है। मगर वह ड्राईवर बनने के योग्य है। सुनवाई के बाद न्यायाधीश ने अपने निर्णय में स्पष्ट किया है कि अनुकंपा नियुक्ति अधिकार नहीं है, बल्कि रियायत है। लिहाजा, पद परिवर्तन या पदोन्नयन की मांग नहीं की जा सकती है। इसके साथ ही कोर्ट ने ऐसे मामलों में न्यायिक समीक्षा की सीमा का हवाला देकर याचिका खारिज कर दी।
ये खबर भी पढ़ें... मास्टरमाइंड आंटी...नकली गहनों पर सोने की परत चढ़ाकर ले गई लाखों का सोना
धमतरी के अभिनय दास मानिकपुरी ने हाईकोर्ट याचिका दायर कर पद परिवर्तन की मांग की। इस मांग के समर्थन में तर्क दिया गया कि वह ड्राईवर पर योग्य है, मगर उसे अनुकंपा नियुक्ति में चौकीदार का पद दिया गया है। इसलिए कोर्ट इस मामले में दखल दे और विभागाध्यक्ष को आदेश दिया जाए कि विभागाध्यक्ष अनुशंसा कर ड्राइवर पद पर नियुक्त करें। याचिकाकर्ता और सरकार का पक्ष सुनने के बाद कोर्ट ने याचिकाकर्ता की मांग को कानून के दायरे के बाहर माना और याचिका रद्द कर दी।
ये खबर भी पढ़ें... EOW ने रायपुर के दशमेश बिल्डर्स के मारा छापा
अभिनय दास मानिकपुरी के पिता घनश्याम दास धमतरी में लोक निर्माण विभाग में चौकीदार के पद पर कार्यरत थे। सेवा के दौरान गत 14 मार्च 2018 को उनका निधन हो गया। उनके निधन के बाद पुत्र ने अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन दिया। विभाग ने उसे माली के पद पर नियुक्त करने का आदेश दिया। याचिकाकर्ता ने इस पद को स्वीकार कर 2020 में कार्यभार भी ग्रहण कर लिया। बाद में उसे लगा कि वह ड्राईवर के पद के लायक है।
ये खबर भी पढ़ें... मुंबई-प्रयागराज जैसे शहरों के लिए लंबी वेटिंग, नहीं मिल रही कंफर्म सीट
हाईकोर्ट में याचिकाकर्ता ने दावा किया कि वह ड्राईवर पद के ही योग्य है और विभागाध्यक्ष की अनुशंसा पर उसे ड्राईवर के पद पर नियुक्त किया जाना चाहिए। याचिका की सुनवाई के दौरान जस्टिस राकेश मोहन पांडेय की एकल पीठ ने कहा कि अनुकंपा नियुक्ति विशेष परिस्थिति में दी जाने वाली सुविधा है, न कि कोई कानूनी अधिकार। जब कोई व्यक्ति स्वेच्छा से पद स्वीकार कर लेता है तो बाद में वह पद परिवर्तन या पदोन्नयन का दावा नहीं कर सकता। इसी आधार पर कोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया।
ये खबर भी पढ़ें... 45 डिग्री गर्मी में खुले आसमान तले पड़ी लाखों की दवाएं
CG High Court | Compassionate appointment | Right | Concessions | छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का फैसला | छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने खारिज की याचिका | Bilaspur | बिलासपुर
ये खबर भी पढ़ें... मास्टरमाइंड आंटी...नकली गहनों पर सोने की परत चढ़ाकर ले गई लाखों का सोना
याचिका दायर कर पद परिवर्तन की मांग
ये खबर भी पढ़ें... EOW ने रायपुर के दशमेश बिल्डर्स के मारा छापा
चौकीदार नहीं ड्राईवर के पद के लायक
ये खबर भी पढ़ें... मुंबई-प्रयागराज जैसे शहरों के लिए लंबी वेटिंग, नहीं मिल रही कंफर्म सीट
अनुकंपा कानूनी अधिकार नहीं
ये खबर भी पढ़ें... 45 डिग्री गर्मी में खुले आसमान तले पड़ी लाखों की दवाएं
CG High Court | Compassionate appointment | Right | Concessions | छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का फैसला | छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने खारिज की याचिका | Bilaspur | बिलासपुर
जबलपुर में भाजपा की बड़ी पदयात्रा, सीएम मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल दिखाएंगे ताकत, एक लाख लोगों के जुटने का दावा
By Ramanand Tiwari
प्रखरश्री दीदी ने जज की परीक्षा पास कर छोड़ा सांसारिक मोह; पहले पूरा किया माता-पिता का सपना, अब चुना संन्यास
By Amresh Kushwaha
एमपी में एप्को पर आर्थिक संकट के सवाल, 8 करोड़ का अनुदान रुका तो कर्मचारियों के भविष्य पर बढ़ी चिंता
By Ramanand Tiwari
पत्नी की निजी जानकारी के लिए RTI का इस्तेमाल गलत, राजस्थान हाई कोर्ट ने बरकरार रखा तलाक
By Mukesh Sharma
मध्यप्रदेश में IAS के 68 पद खाली, 4 अफसरों को दिल्ली जाने से रोका; आखिर कब पूरी होगी अधिकारियों की कमी?
By Ramanand Tiwari
मध्यप्रदेश में RTI के हजारों आवेदन अटके, 10 हजार 350 लोगों को अब तक नहीं मिली जानकारी, सरकारी जवाबदेही पर सवाल
By Ramanand Tiwari
महादेव सट्टा ऐप का मास्टरमाइंड सौरभ चंद्राकर भारत लाया गया, करोड़ों के सट्टे और हवाला नेटवर्क की जांच तेज
By VINAY VERMA