MPPSC में गड़बड़ी करने वाला बना एनटीए का अध्यक्ष, जयवर्धन का प्रदीप जोशी पर आरोप
Arun Tiwari | Jun 25, 2026, 17:59 IST
जयवर्धन सिंह का प्रदीप जोशी पर आरोप 2026
नीट पेपर लीक मामले को लेकर कांग्रेस नेता जयवर्धन सिंह ने केंद्र सरकार और एनटीए पर निशाना साधा। बिलासपुर में उन्होंने एनटीए की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए शिक्षा मंत्री के इस्तीफे, और पारदर्शी परीक्षा कैलेंडर लागू करने की मांग की।
नीट पेपर लीक मामले पर सरकार घिरी हुई है। कांग्रेस ने सरकार और एनटीए पर गंभीर आरोप लगाए हैं। बिलासपुर आए पूर्व मंत्री और विधायक जयवर्धन सिंह ने एनटीए चेयरमैन को घोटालेबाज बताया।
जयवर्धन ने कहा कि प्रदीप जोशी ने मध्य प्रदेश में पीएससी के अध्यक्ष रहते हुए गड़बड़ियां की। इन गड़बड़ियों के कारण ही उनको प्रमोशन मिलता गया। प्रदीप जोशी को यूपीएससी का चेयरमैन बना दिया गया और उसके बाद वे एनटीए यानी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के मुखिया बन गए।
उन्होंने यहां भी लाखों छात्रों के साथ नीट पेपरलीक घोटाला कर दिया। जयवर्धन ने कहा इनके सरपरस्त धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल बर्खास्त कर देना चाहिए। प्रदीप जोशी छत्तीसगढ़ पीएससी के भी अध्यक्ष रह चुके हैं।
कांग्रेस के राष्ट्रव्यापी छात्रों की गूंज अभियान के तहत मध्यप्रदेश के पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के पुत्र जयवर्धन सिंह बिलासपुर पहुंचे। जयवर्धन ने केंद्र सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) पर तीखा हमला बोला।
उन्होंने कहा कि देश की परीक्षा व्यवस्था आज भरोसे के संकट से गुजर रही है। लगातार सामने आ रहे पेपर लीक और परीक्षा संबंधी घोटालों और भर्ती प्रक्रियाओं में हो रही देरी ने करोड़ों युवाओं के भविष्य को खतरे में डाल दिया है। जयवर्धन सिंह ने कहा कि कांग्रेस केवल विरोध की राजनीति नहीं कर रही, बल्कि परीक्षा प्रणाली में व्यापक और संरचनात्मक सुधार चाहती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की नीतियों के कारण परीक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता कमजोर हुई है और युवाओं का भरोसा लगातार टूट रहा है।
जयवर्धन ने कांग्रेस की ओर से तीन प्रमुख मांगें भी रखीं। पहली मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और एनटीए की जवाबदेही तय करने की है। दूसरी मांग परीक्षा प्रक्रिया से जुड़ी पूरी व्यवस्था, जिसमें पेपर सेटिंग, प्रिंटिंग, परिवहन, परीक्षा केंद्रों का संचालन और सप्लाई चेन शामिल है, का स्वतंत्र ऑडिट कराने की है ताकि व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जा सके।
तीसरी मांग परीक्षा, परिणाम और भर्ती प्रक्रिया के लिए तय वार्षिक कैलेंडर लागू करने की है, जिससे छात्रों और अभ्यर्थियों को समयबद्ध प्रक्रिया का लाभ मिल सके।
एनसीईआरटी, सीयूईटी और अन्य परीक्षाओं को लेकर लगातार उठ रहे विवादों पर जयवर्धन सिंह ने कहा कि कांग्रेस शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए ठोस सुधारों की मांग कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार ने परीक्षा व्यवस्था के कई हिस्सों को निजी एजेंसियों के भरोसे छोड़ दिया है, जिसके कारण भ्रष्टाचार और पेपर लीक जैसी घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है।
शिक्षा के व्यवसायीकरण और निजी शिक्षण संस्थानों से जुड़े सवालों पर उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस निजी संस्थानों के खिलाफ नहीं है। उनका कहना था कि पार्टी का विरोध परीक्षा प्रणाली में व्याप्त भ्रष्टाचार और निजी एजेंसियों को दिए जा रहे ठेकों में पारदर्शिता की कमी को लेकर है।
नीट समेत अन्य परीक्षाओं में अनियमितताओं की तुलना छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (पीएससी) से किए जाने के सवाल पर जयवर्धन सिंह ने कहा कि किसी भी महत्वपूर्ण संस्था में लगातार गड़बड़ियां सामने आने पर उसके प्रमुख और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले तीन वर्षों में कई पेपर लीक की घटनाएं सामने आने के बावजूद एनटीए के शीर्ष स्तर पर जवाबदेही तय नहीं की गई। एनसीईआरटी की पुस्तकों में आपातकाल के उल्लेख और शिक्षा के राजनीतिकरण के मुद्दे पर उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार का प्राथमिक दायित्व शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करना है, लेकिन बीजेपी शिक्षा संस्थानों में राजनीतिक हस्तक्षेप बढ़ा रही है।
वंशवाद और नेताओं के बच्चों को सरकारी स्कूलों में पढ़ाने संबंधी सवाल पर जयवर्धन सिंह ने कहा कि कांग्रेस लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता के निर्णय को सर्वोपरि मानती है। उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि बीजेपी को पहले अपने संगठन और नेतृत्व में अवसरों की समानता को लेकर जवाब देना चाहिए।
उन्होंने बताया कि कांग्रेस का छात्रों की गूंज अभियान देश के 28 शहरों में चलाया जाएगा। पार्टी युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करेगी और परीक्षा व्यवस्था में सुधार तथा युवाओं के अधिकारों की लड़ाई को मजबूती से उठाएगी।
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जयवर्धन ने कहा कि प्रदीप जोशी ने मध्य प्रदेश में पीएससी के अध्यक्ष रहते हुए गड़बड़ियां की। इन गड़बड़ियों के कारण ही उनको प्रमोशन मिलता गया। प्रदीप जोशी को यूपीएससी का चेयरमैन बना दिया गया और उसके बाद वे एनटीए यानी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के मुखिया बन गए।
उन्होंने यहां भी लाखों छात्रों के साथ नीट पेपरलीक घोटाला कर दिया। जयवर्धन ने कहा इनके सरपरस्त धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल बर्खास्त कर देना चाहिए। प्रदीप जोशी छत्तीसगढ़ पीएससी के भी अध्यक्ष रह चुके हैं।
जयवर्धन सिंह का एनटीए पर हमला :
उन्होंने कहा कि देश की परीक्षा व्यवस्था आज भरोसे के संकट से गुजर रही है। लगातार सामने आ रहे पेपर लीक और परीक्षा संबंधी घोटालों और भर्ती प्रक्रियाओं में हो रही देरी ने करोड़ों युवाओं के भविष्य को खतरे में डाल दिया है। जयवर्धन सिंह ने कहा कि कांग्रेस केवल विरोध की राजनीति नहीं कर रही, बल्कि परीक्षा प्रणाली में व्यापक और संरचनात्मक सुधार चाहती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की नीतियों के कारण परीक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता कमजोर हुई है और युवाओं का भरोसा लगातार टूट रहा है।
जयवर्धन की तीन मांगें :
तीसरी मांग परीक्षा, परिणाम और भर्ती प्रक्रिया के लिए तय वार्षिक कैलेंडर लागू करने की है, जिससे छात्रों और अभ्यर्थियों को समयबद्ध प्रक्रिया का लाभ मिल सके।
ठोस सुधार लागू हों :
शिक्षा के व्यवसायीकरण और निजी शिक्षण संस्थानों से जुड़े सवालों पर उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस निजी संस्थानों के खिलाफ नहीं है। उनका कहना था कि पार्टी का विरोध परीक्षा प्रणाली में व्याप्त भ्रष्टाचार और निजी एजेंसियों को दिए जा रहे ठेकों में पारदर्शिता की कमी को लेकर है।
जिम्मेदार अधिकारियों का प्रमोशन :
उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले तीन वर्षों में कई पेपर लीक की घटनाएं सामने आने के बावजूद एनटीए के शीर्ष स्तर पर जवाबदेही तय नहीं की गई। एनसीईआरटी की पुस्तकों में आपातकाल के उल्लेख और शिक्षा के राजनीतिकरण के मुद्दे पर उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार का प्राथमिक दायित्व शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करना है, लेकिन बीजेपी शिक्षा संस्थानों में राजनीतिक हस्तक्षेप बढ़ा रही है।
वंशवाद और नेताओं के बच्चों को सरकारी स्कूलों में पढ़ाने संबंधी सवाल पर जयवर्धन सिंह ने कहा कि कांग्रेस लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता के निर्णय को सर्वोपरि मानती है। उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि बीजेपी को पहले अपने संगठन और नेतृत्व में अवसरों की समानता को लेकर जवाब देना चाहिए।
उन्होंने बताया कि कांग्रेस का छात्रों की गूंज अभियान देश के 28 शहरों में चलाया जाएगा। पार्टी युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करेगी और परीक्षा व्यवस्था में सुधार तथा युवाओं के अधिकारों की लड़ाई को मजबूती से उठाएगी।
FAQ
- NEET पेपर लीक विवाद क्यों चर्चा में है?
NEET पेपर लीक विवाद परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता को लेकर उठे सवालों के कारण चर्चा में है। इसे लेकर छात्रों, राजनीतिक दलों और विभिन्न संगठनों ने चिंता जताई है। - NEET पेपर लीक में जयवर्धन सिंह ने क्या आरोप लगाए हैं?
जयवर्धन सिंह ने NEET पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार और एनटीए पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की कमी और जवाबदेही तय करने की मांग की है।
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