अब पेपरलेस होंगे treasury के काम, 1 जुलाई से बिलों को ऑनलाइन मंजूरी
Jitendra Shrivastava | Mar 22, 2024, 20:53 IST
THESOOTR
छत्तीसगढ़ के सभी ट्रेजरी कार्यालयों में अधिकारी-कर्मचारियों के सैलरी बिल के अलावा अन्य बिलों को भी अब ई-कोष से ऑनलाइन स्वीकृति दी जाएगी। ट्रेजरी से जुड़े अधिकारियों को कोषालय में ऑनलाइन बिल भेजने के लिए डिजिटल सिग्नेचर की सुविधा भी दी जा रही है।
अरुण तिवारी, RAIPUR. छत्तीसगढ़ सरकार का कामकाज अब पेपरलेस होने जा रहा है। खासकर ट्रेजरी ( treasury) यानी वित्त से जुड़े सारे काम ऑनलाइन होंगे। सभी प्रकार के बिलों को ऑनलाइन मंजूरी दी जाएगी। राज्य के सभी ट्रेजरी कार्यालयों में अधिकारी-कर्मचारियों के सैलरी बिल के अलावा अन्य बिलों को भी अब ई-कोष के माध्यम से ऑनलाइन स्वीकृति दी जाएगी। ट्रेजरी से जुड़े अधिकारियों को कोषालय में ऑनलाइन बिल भेजने के लिए डिजिटल सिग्नेचर की सुविधा भी दी जा रही है। इस ऑनलाइन व्यवस्था से कामकाज आसान होगा, साथ ही बिलों की स्वीकृति तेजी से मिलेगी। वहीं बिलों की स्वीकृति का काम भी पारदर्शी ढंग से होगा। 1 जुलाई से ये व्यवस्था लागू कर दी जाएगी।
राज्य के सभी कोषालयों में सरकारी विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों के सैलरी बिल की मंजूरी के लिए ऑनलाइन सॉफ्टवेयर ई-कोष का इस्तेमाल किया जा रहा है, साथ ही विभागों के माध्यम से बिलों की हार्डकॉपी भी आहरण संवितरण अधिकारियों के हस्ताक्षर के बाद कोषालयों में जमा किए जा रहे हैं। कोषालयों में बिलों की आहरण की अब पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होने के बाद विभागों को बिलों की हार्डकॉपी कोषालयों में जमा करने की जरूरत नहीं होगी और न ही बीटीआर प्रस्तुत करना होगा। वहीं पेपर लेस प्रक्रिया से पर्यावरण भी संरक्षित होगा।
संचालनालय के अधिकारियों ने बताया कि बिलों के आहरण की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होने के बाद कोषालयों में बिलों की मंजूरी इसी प्रकार बिलों में आपत्ति लगाने जैसे काम भी ऑनलाइन होंगे। बिलों पर लगाई गई आपत्तियों का निराकरण भी ऑनलाइन होगा। इससे विभागों के कर्मचारियों को बार-बार कोषालय जाने की जरूरत भी नहीं रहेगी। विभाग के अधिकारी-कर्मचारी बिलों की स्वीकृति और आपत्तियों का निराकरण अपने कार्यालय से ही कर सकेंगे।
सैलरी के अलावा अन्य बिलों को भी ऑनलाइन स्वीकृति के लिए संचालनालय कोष लेखा द्वारा सभी आवश्यक तैयारियां की जा रही है। ई-कोष के लिए महालेखागार कार्यालय में अलग से सर्वर भी स्थापित किया गया है। बिलों की ऑनलाइन मंजूरी प्रक्रिया के लिए वित्त विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों को सॉफ्टवेयर संचालन से जुड़ी सभी प्रक्रियाओं का प्रशिक्षण दिया गया है। संचालनालय कोष एवं लेखा द्वारा भी महालेखाकार को भेजा जाने वाले सभी प्रतिवेदन ऑनलाइन भेजे जाएंगे, इसके लिए अलग से सॉफ्टवेयर विकसित किए गए हैं।
ई-कोष से ई-गवर्नेस
राज्य के सभी कोषालयों में सरकारी विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों के सैलरी बिल की मंजूरी के लिए ऑनलाइन सॉफ्टवेयर ई-कोष का इस्तेमाल किया जा रहा है, साथ ही विभागों के माध्यम से बिलों की हार्डकॉपी भी आहरण संवितरण अधिकारियों के हस्ताक्षर के बाद कोषालयों में जमा किए जा रहे हैं। कोषालयों में बिलों की आहरण की अब पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होने के बाद विभागों को बिलों की हार्डकॉपी कोषालयों में जमा करने की जरूरत नहीं होगी और न ही बीटीआर प्रस्तुत करना होगा। वहीं पेपर लेस प्रक्रिया से पर्यावरण भी संरक्षित होगा।
बार-बार नहीं जाना होगा कोषालय
संचालनालय के अधिकारियों ने बताया कि बिलों के आहरण की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होने के बाद कोषालयों में बिलों की मंजूरी इसी प्रकार बिलों में आपत्ति लगाने जैसे काम भी ऑनलाइन होंगे। बिलों पर लगाई गई आपत्तियों का निराकरण भी ऑनलाइन होगा। इससे विभागों के कर्मचारियों को बार-बार कोषालय जाने की जरूरत भी नहीं रहेगी। विभाग के अधिकारी-कर्मचारी बिलों की स्वीकृति और आपत्तियों का निराकरण अपने कार्यालय से ही कर सकेंगे।
इसके लिए अलग से सॉफ्टवेयर बनेगा
सैलरी के अलावा अन्य बिलों को भी ऑनलाइन स्वीकृति के लिए संचालनालय कोष लेखा द्वारा सभी आवश्यक तैयारियां की जा रही है। ई-कोष के लिए महालेखागार कार्यालय में अलग से सर्वर भी स्थापित किया गया है। बिलों की ऑनलाइन मंजूरी प्रक्रिया के लिए वित्त विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों को सॉफ्टवेयर संचालन से जुड़ी सभी प्रक्रियाओं का प्रशिक्षण दिया गया है। संचालनालय कोष एवं लेखा द्वारा भी महालेखाकार को भेजा जाने वाले सभी प्रतिवेदन ऑनलाइन भेजे जाएंगे, इसके लिए अलग से सॉफ्टवेयर विकसित किए गए हैं।
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari