धान खरीदी का टारगेट पूरा नहीं कर पाई सरकार, पिछले साल के मुकाबले 9 लाख मीट्रिक टन की कमी

छत्तीसगढ़ सरकार इस साल खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए धान खरीदी का लक्ष्य पूरा करने में नाकाम रही। 160 लाख टन के लक्ष्य में से केवल 139.85 लाख टन धान खरीदी जा सकी। लगभग 2 लाख किसान अपनी फसल बेचने से वंचित रहे।

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Arun Tiwari
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Raipur. छत्तीसगढ़ सरकार इस साल धान खरीदी का तय लक्ष्य पूरा करने में नाकाम रही है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए 160 लाख टन धान खरीदी का लक्ष्य निर्धारित किया गया था।

लेकिन अंतिम दिन शुक्रवार रात 9 बजे तक केवल 139 लाख टन धान की खरीदी ही हो सकी। यह आंकड़ा पिछले वर्ष की तुलना में करीब 9 लाख टन कम है।

15 नवंबर से 30 जनवरी तक खरीदी : 

वर्ष 2024-25 में प्रदेश में 149 लाख टन धान की खरीदी की गई थी। इस साल 15 नवंबर 2025 से 3,100 रूपए प्रति क्विंटल की दर से 2,740 धान उपार्जन केंद्रों के माध्यम से खरीदी शुरू की गई थी।

 इसके बावजूद 27,41,116 पंजीकृत किसानों में से सभी किसानों से धान नहीं खरीदा जा सका। समयसीमा समाप्त होने के बाद भी करीब दो लाख किसान धान बेचने से वंचित रह गए।

किसान संगठनों का कहना है कि शनिवार और रविवार (paddy procurement) को उपार्जन केंद्र बंद रहने के कारण बड़ी संख्या में किसान धान नहीं बेच पाए। 

वहीं 15 जनवरी से ऑनलाइन और ऑफलाइन टोकन व्यवस्था भी बंद कर दी गई, जिससे लगभग 2.85 लाख किसानों का टोकन ही नहीं कट सका। इनमें से करीब 1.90 लाख छोटे किसान टोकन मिलने का इंतजार करते रह गए।

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इस वर्ष धान खरीदी :

  • मोटा धान- 7696221.3 मीट्रिक टन
  • पतला- 890853.9 मीट्रिक टन
  • सरना- 5398312.6 मीट्रिक टन
  • कुल- 13985387.7 मीट्रिक टन

यहां इतनी हुई खरीदी : 

  • रायपुर- 665578.5 मीट्रिक टन
  • बिलासपुर- 675480.9 मीट्रिक टन
  • दुर्ग- 557889.2 मीट्रिक टन
  • सरगुजा- 319399.7 मीट्रिक टन
  • बस्तर- 278371.9 मीट्रिक टन

जशपुर में मंडियों में गुजरी रात : 

जशपुर जिले में अंतिम दिन धान बेचने के लिए किसानों ने मंडियों में रात गुजारी। ट्रैक्टर और पिकअप में धान लेकर पहुंचे किसानों ने समय पर तौलाई सुनिश्चित करने के लिए रातभर इंतजार किया।

गम्हरिया मंडी में किसान गुरुवार रात नौ बजे तक टोकन के लिए खड़े रहे, वहीं जशपुर–रांची नेशनल हाईवे पर धान से लदे ट्रैक्टरों की लंबी कतारें लग गईं।

जांजगीर-चांपा जिले के अकलतरा विकासखंड के ग्राम सांकर में धान नहीं बिकने से परेशान एक किसान ने फिनाइल पीकर आत्महत्या की कोशिश की।

किसान ने आत्मघाती कदम उठाने से पहले एक वीडियो भी बनाया, जिसमें उसने प्रशासनिक अव्यवस्थाओं को अपनी स्थिति के लिए जिम्मेदार ठहराया।

 समय रहते परिजनों ने उसे अस्पताल पहुंचाया, जिससे उसकी जान बच गई। किसान संगठनों ने सरकार पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे धान लेकर कलेक्टर कार्यालयों का घेराव और विरोध प्रदर्शन करेंगे।

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