पॉलिटेक्निक कॉलेजों में अब होगी AI की पढ़ाई, डिप्लोमा छात्रों को मिलेगा मौका

Harrison Masih | Aug 13, 2026, 16:35 IST
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पॉलिटेक्निक कॉलेजों में AI की पढ़ाई
पॉलिटेक्निक कॉलेजों में AI की पढ़ाई

छत्तीसगढ़ के पॉलिटेक्निक छात्रों के लिए AI की पढ़ाई का रास्ता खुलने वाला है। नए सत्र से पॉलिटेक्निक संस्थानों में AI से जुड़े कोर्स शुरू करने की तैयारी है, जिससे 10वीं के बाद डिप्लोमा करने वाले छात्रों को नई तकनीक सीखने का मौका मिलेगा।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI (Artificial Intelligence) की पढ़ाई अब सिर्फ इंजीनियरिंग कॉलेजों तक सीमित नहीं रहेगी। राज्य सरकार अब इसे पॉलिटेक्निक स्तर तक लाने की तैयारी कर रही है। नए शैक्षणिक सत्र से प्रदेश के पॉलिटेक्निक संस्थानों में AI से जुड़े कोर्स शुरू किए जाने की योजना है। फिलहाल CGIT (Chhattisgarh Institute of Technology) संस्थानों में AI के कोर्स चल रहे हैं, जिसे आगे बढ़ाकर पॉलिटेक्निक में भी लाया जाएगा।

इस फैसले से दुर्ग के सरकारी पॉलिटेक्निक में डिप्लोमा कर रहे विद्यार्थियों के लिए भी AI जैसे नए और तेजी से बढ़ते क्षेत्र में पढ़ाई का रास्ता खुलेगा।

अभी तक AI से जुड़े कोर्स मुख्य रूप से इंजीनियरिंग और अन्य उच्च तकनीकी शिक्षा संस्थानों में ही देखने को मिलते हैं।

डिप्लोमा छात्रों को मिलेगा नया मौका

पॉलिटेक्निक में AI की पढ़ाई शुरू होने से 10वीं के बाद डिप्लोमा करने वाले विद्यार्थियों को भी इस तकनीक की शुरुआत से लेकर प्रैक्टिकल जानकारी हासिल करने का मौका मिलेगा।

इससे विद्यार्थियों को आगे की पढ़ाई के साथ-साथ तकनीकी क्षेत्र में करियर के नए विकल्प समझने में भी मदद मिलेगी।

पॉलिटेक्निक बनेंगे मॉडल संस्थान

सरकार की योजना प्रदेश के पॉलिटेक्निक संस्थानों को आधुनिक सुविधाओं से लैस कर मॉडल संस्थान के रूप में विकसित करने की है। इसके तहत तकनीकी शिक्षा में नए पाठ्यक्रम और आधुनिक तकनीक को शामिल करने पर जोर दिया जा रहा है।

इसी कड़ी में पॉलिटेक्निक को मॉडल संस्थान की तर्ज पर तैयार करने की तैयारी है। हाल ही में तकनीकी शिक्षा मंत्री ने इसकी घोषणा की है। उन्होंने पॉलिटेक्निक में AI की शुरुआत से लेकर मॉडल संस्थान बनाने की बात कही है।

AI में क्या-क्या पढ़ना पड़ सकता है

AI के पाठ्यक्रम में विद्यार्थियों को कंप्यूटर और प्रोग्रामिंग की बुनियादी जानकारी से लेकर मशीन लर्निंग, डेटा के इस्तेमाल, AI आधारित सिस्टम और ऑटोमेशन जैसी तकनीकों से परिचित कराया जा सकता है।

इसके अलावा डेटा को समझना, एल्गोरिदम तैयार करना, समस्या का तकनीकी समाधान निकालना और AI आधारित एप्लीकेशन पर काम करना जैसे हिस्से भी पाठ्यक्रमों का हिस्सा हो सकते हैं।

अभी स्पष्ट नहीं है पूरा पाठ्यक्रम ढांचा

दुर्ग पॉलिटेक्निक में शुरू होने वाले कोर्स में कौन-कौन से विषय और कितने सेमेस्टर होंगे, इसकी आधिकारिक जानकारी अभी जारी नहीं हुई है।

यह भी स्पष्ट नहीं है कि छात्रों को इसमें पूरा अलग डिप्लोमा कोर्स मिलेगा या मौजूदा पाठ्यक्रम के साथ ही AI से जुड़े विषय जोड़े जाएंगे। इस पर विभाग की तरफ से आगे स्पष्टता आने की उम्मीद है।

अब आगे क्या

सरकार की योजना के मुताबिक आने वाले शैक्षणिक सत्र से यह बदलाव लागू हो सकता है। इससे प्रदेश के तकनीकी शिक्षा ढांचे में एक नया आयाम जुड़ने की उम्मीद है।

विद्यार्थियों और अभिभावकों को इस बारे में आधिकारिक अधिसूचना का इंतजार करना होगा, जिसमें कोर्स की पूरी संरचना और सेमेस्टर व्यवस्था स्पष्ट हो सकेगी।

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