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Raigarh. छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के तमनार ब्लॉक में JPL कोयला खदान के विरोध प्रदर्शन के दौरान महिला आरक्षक के साथ अमानवीय व्यवहार के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले के मुख्य आरोपी चित्रसेन साव को गिरफ्तार कर लिया गया है। अब तक कुल 6 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि एक आरोपी अब भी फरार बताया जा रहा है।
आरोपी का सिग्नल चौक से कोर्ट तक जुलूस
मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद महिला-पुरुष पुलिसकर्मियों ने सिग्नल चौक से न्यायालय तक उसका जुलूस निकाला। इस दौरान आरोपी के चेहरे पर लिपस्टिक/कालिख पोतकर उसे चप्पलों की माला पहनाई गई।
पुलिसकर्मियों ने आरोपी से सड़क पर ही “पुलिस हमारी बाप है, वर्दी फाड़ना पाप है” के नारे लगवाए और उठक-बैठक भी करवाई गई। यह दृश्य इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।
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महिला आरक्षक से मारपीट, कपड़े फाड़े गए
प्रदर्शन के दौरान महिला आरक्षक के साथ मारपीट, बदसलूकी और कपड़े फाड़कर अर्धनग्न करने जैसी शर्मनाक हरकत की गई थी। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने महिला आरक्षक का वीडियो भी बनाया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
करीब 40 सेकेंड के वायरल वीडियो में महिला आरक्षक रो-रोकर प्रदर्शनकारियों से “भाई” कहकर छोड़ने की गुहार लगाती नजर आ रही है। वीडियो में कुछ लोग उसे धमकाते हुए कहते सुनाई देते हैं— “क्या करने आई थी, अभी चप्पल से मारूं?” इसके बाद उसे वहां से जाने दिया जाता है।
देखें वीडियो...
रायगढ़
— Anshuman Sharma (@anshuman_sunona) January 5, 2026
होंठों और चेहरे पे लाली..गले में चप्पलों की माला..फटे कपड़े पहने इस शख़्स का नाम है चित्रसेन साव..
और इसका ये हाल किया है इसे घेर कर चल रहीं महिला पुलिसकर्मियों ने..वाज़िब भी है #tamnar में जनसुनवाई के दौरान महिला आरक्षक के साथ हुए अमानवीय कृत्य के मामले में मुख्य आरोपी… pic.twitter.com/k3liqCW93O
अब तक गिरफ्तार आरोपी
पुलिस के अनुसार, इस मामले में जिन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, उनमें—
- चित्रसेन साव (मुख्य आरोपी)
- मंगल राठिया
- चिनेश खमारी
- प्रेमसिंह राठिया
- कीर्ति श्रीवास
- वनमाली राठिया
एक आरोपी अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।
क्या है पूरा मामला?
यह पूरा मामला 8 दिसंबर 2025 को धौराभाठा में हुई जनसुनवाई के विरोध से जुड़ा है। JPL कोयला खदान सेक्टर-1 कोल ब्लॉक से प्रभावित 14 गांवों के ग्रामीण 12 दिसंबर से धरने पर बैठे हुए थे।
27 दिसंबर की सुबह करीब 9 बजे, लिबरा चौक पर लगभग 300 ग्रामीण इकट्ठा हो गए और सड़क पर बैठकर आवागमन रोक दिया। स्थिति बिगड़ती देख सुबह करीब 10 बजे अधिकारी और पुलिस बल मौके पर पहुंचे। लोगों को समझाकर धरना स्थल पर लगे टेंट में भेजा गया, लेकिन कुछ ही समय में भीड़ की संख्या करीब 1000 तक पहुंच गई।
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दोपहर में हिंसा, बैरिकेड तोड़े
घरघोड़ा के SDM और पुलिस अधिकारी माइक से लगातार शांति की अपील करते रहे, लेकिन दोपहर करीब 2:30 बजे हालात बेकाबू हो गए। भीड़ ने पुलिस बैरिकेड तोड़ दिए, पत्थर और डंडों से हमला कर दिया। पुलिस पर जमकर लाठियां और पत्थर बरसाए गए। इसी दौरान महिला TI कमला पुषाम को लात-घूंसे मारे गए और कई पुलिसकर्मी घायल हो गए।
घायल पुलिसकर्मियों का इलाज
हिंसा में घायल हुए महिला आरक्षक और अन्य पुलिसकर्मियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना के बाद क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वर्दी पर हमला और महिला पुलिसकर्मियों के साथ इस तरह का व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मामले में सख्त धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है और फरार आरोपी को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
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