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NEWS IN SHORT
- रायपुर के कारोबारी से जमीन के नाम पर 11.51 करोड़ रुपए की ठगी।
- हाई-टेक एब्रेसिव्स प्राइवेट लिमिटेड और उसके डायरेक्टर–शेयरहोल्डर आरोपी।
- बलौदाबाजार की जमीन पहले से बैंक में गिरवी निकली।
- सरस्वती नगर पुलिस ने 3 आरोपियों को किया गिरफ्तार।
- 9 अन्य आरोपियों की तलाश जारी, जांच तेज।
NEWS IN DETAIL
रायपुर में 11.51 करोड़ की जमीन ठगी
रायपुर के सरस्वती नगर थाना क्षेत्र में जमीन के नाम पर करोड़ों की ठगी का मामला सामने आया है। कारोबारी विकास कुमार गोयल से 11 करोड़ 51 लाख रुपए की धोखाधड़ी की गई है।
पीड़ित विकास कुमार गोयल, संभव ट्यूब्स प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर हैं और सरस्वती नगर में निवास करते हैं। उन्होंने बलौदाबाजार जिले में जमीन खरीदने का सौदा किया था।
बलौदाबाजार की जमीन का सौदा
15 अक्टूबर 2025 को हाई-टेक एब्रेसिव्स प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टरों और प्रॉपर्टी ब्रोकर रोहित घृतलहरे ने सिमगा तहसील के ग्राम नेवधा स्थित करीब 22.347 हेक्टेयर (54 एकड़) जमीन की जानकारी दी। आरोपियों ने जमीन को विवाद-मुक्त बताया।
सेल्स एग्रीमेंट के बाद संभव ट्यूब्स प्राइवेट लिमिटेड ने अलग-अलग तारीखों में चेक और RTGS के जरिए कुल 11.51 करोड़ रुपए हाई-टेक एब्रेसिव्स कंपनी के खाते में ट्रांसफर किए।
जमीन पहले से बैंक में गिरवी निकली
जांच में सामने आया कि यह जमीन पहले से स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के पास गिरवी रखी हुई थी। जमीन को ग्लोबल हाई-टेक इंडस्ट्रीज लिमिटेड नाम की सिस्टर कंसर्न ने बैंक में गिरवी रखा था। 2019 में DRT मुंबई ने बैंक को वसूली का अधिकार भी दे दिया था।
जब कारोबारी ने बैंक से NOC मांगा तो आरोपी कोई दस्तावेज नहीं दे पाए। 9 जनवरी 2026 को कंपनी को पत्र भेजा गया, लेकिन न तो NOC मिली और न ही रकम लौटाई गई।
पुलिस की कार्रवाई
सरस्वती नगर पुलिस ने मामले में हाई-टेक एब्रेसिव्स प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर और शेयरहोल्डर नारायण प्रसाद टेकरीवाल, पंकज टेकरीवाल और प्रीतम टेकरीवाल को गिरफ्तार किया है। अन्य 9 आरोपी फरार हैं।
Sootr Knowledge
- बैंक में गिरवी जमीन बिना NOC बेचना अपराध है।
- DRT के आदेश वाली संपत्ति पर लेन-देन जोखिम भरा होता है।
- एडवांस भुगतान से पहले कानूनी जांच जरूरी है।
- प्रॉपर्टी डील में सिस्टर कंसर्न की भूमिका अहम होती है।
- RTGS और चेक ट्रांजैक्शन कानूनी सबूत माने जाते हैं।
Sootr Alert
- जमीन खरीदने से पहले बैंक लोन और DRT रिकॉर्ड की जांच जरूरी।
- केवल मौखिक भरोसे पर करोड़ों का लेन-देन न करें।
- प्रॉपर्टी ब्रोकर की भूमिका की भी पुष्टि करें।
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IMP FACTS
- ठगी की रकम: 11 करोड़ 51 लाख रुपए
- जमीन का रकबा: 22.347 हेक्टेयर (54 एकड़)
- जमीन का स्थान: ग्राम नेवधा, सिमगा तहसील, बलौदाबाजार
- गिरफ्तार आरोपी: 3
- फरार आरोपी: 9
- केस दर्ज: BNS की धारा 318(4), 338, 336(3)
आगे क्या
- फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश।
- कंपनी और सिस्टर कंसर्न के बैंक खातों की जांच।
- ठगी की रकम रिकवरी की प्रक्रिया।
- अन्य पीड़ितों की तलाश।
निष्कर्ष
रायपुर में सामने आया यह मामला बताता है कि जमीन सौदे में कानूनी जांच कितनी जरूरी है। बैंक में गिरवी संपत्ति बेचकर 11.51 करोड़ की ठगी की गई। पुलिस की कार्रवाई से यह साफ है कि ऐसे फर्जी रियल एस्टेट सौदों पर अब सख्ती बढ़ रही है, लेकिन निवेशकों को भी सतर्क रहने की जरूरत है।
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