विदेशी कंपनियों के खराब सामान का डंपिंग ग्राउंड नहीं ​भारत, सांसद बृजमोहन ने लोकसभा में ग्लोबल ब्रांड्स को घेरा

रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने लोकसभा में बहुराष्ट्रीय कंपनियों पर भारत में घटिया गुणवत्ता वाले उत्पाद बेचने का आरोप लगाया। उन्होंने विशेष रूप से बेबी फूड ब्रांड्स की पोल खोली और बताया कि जो उत्पाद यूरोप में बिना अतिरिक्त चीनी के बिकते हैं।

author-image
Harrison Masih
New Update
raipur-mp-brijmohan-agrawal-raises-quality-issues-of-global-brands-in-lok-sabha

NEWS IN SHORT 

  • रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने लोकसभा में ग्लोबल ब्रांड्स को लिया कटघरे में  
  • सांसद बोले बहुराष्ट्रीय कंपनियां भारत में बेच रही घटिया क्वालिटी का सामान
  • सांसद ने खोली बेबी फूड (बच्चों का खाना) बेचने वाले ब्रांड्स की पोल  
  • बृजमोहन ने कहा, एफएसएसएआई ग्लोबल ब्रांड्स क्वालिटी सुधारने के लिए बदले नियम
  • रायपुर सांसद ने लोकसभा में नियम 377 के तहत उठाया यह मुद्दा

NEWS IN DETAIL

भारत में बहुराष्ट्रीय कंपनियों द्वारा अपनाए जा रहे "दोहरे मापदंड" का मुद्दा अब संसद में गूंज उठा है। रायपुर से सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने लोकसभा में नियम 377 के तहत इस संवेदनशील विषय को उठाते हुए वैश्विक ब्रांड्स की कड़ी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि विदेशी कंपनियां विकसित देशों की तुलना में भारत में घटिया गुणवत्ता वाले उत्पाद बेचकर भारतीयों की सेहत के साथ खिलवाड़ कर रही हैं।.

ये खबर भी पढ़ें... जंबूरी पर घमासान; हाईकोर्ट पहुंचे बृजमोहन अग्रवाल, शिक्षा मंत्री बोले- मैं हूं अध्यक्ष

​यूरोप में अमृत, भारत में 'मीठा जहर'

​सांसद बृजमोहन ने बच्चों के स्वास्थ्य का हवाला देते हुए बेबी फूड (शिशु आहार) बनाने वाली कंपनियों की पोल खोली। उन्होंने साक्ष्यों के साथ बताया कि जो ब्रांड यूरोप के बाजारों में 'बिना अतिरिक्त चीनी' वाला बेबी फूड बेचते हैं, वही ब्रांड भारत में उसी उत्पाद में भारी मात्रा में चीनी मिला रहे हैं। उन्होंने शिशुओं के भोजन में अतिरिक्त चीनी न केवल उनकी आदतें बिगाड़ती है, बल्कि भविष्य में मोटापे और मधुमेह जैसी बीमारियों की नींव भी रखती है।

ये खबर भी पढ़ें... बृजमोहन अग्रवाल की सीएम को चिट्ठी, सरकारी अस्पताल में हार्ट सर्जरी बंद, निजी अस्पतालों की लूट में फंसे गरीब

​सामग्री में मिलावट: प्रीमियम की जगह सस्ता विकल्प

​सांसद ने खाद्य सामग्री में की जा रही "कॉस्ट कटिंग" पर भी कड़ा प्रहार किया। उन्होंने बताया कि चॉकलेट और अन्य खाद्य पदार्थों में इस्तेमाल होने वाले महंगे कोको बटर (Cocoa Butter) को भारतीय बाजार के लिए हटा दिया जाता है।

इसकी जगह कंपनियां सस्ते और सेहत के लिए हानिकारक वनस्पति तेल का इस्तेमाल कर रही हैं। यह न केवल उपभोक्ताओं के साथ धोखाधड़ी है, बल्कि यह गुणवत्ता के साथ किया गया एक बड़ा समझौता भी है। 

ये खबर भी पढ़ें... रायपुर सांसद Brijmohan Agrawal के लेटर बम से सत्ता और संगठन में बढ़ा तनाव

खराब सामान का डंपिंग ग्राउंड नहीं 

सांसद अग्रवाल ने लोकसभा में कहा, भारत को खराब सामान खपाने के लिए 'डंपिंग ग्राउंड' नहीं बनाया जा सकता। हमारे नागरिकों की सेहत देश के भविष्य के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है और हम इसे बहुराष्ट्रीय कंपनियों के मुनाफे की भेंट नहीं चढ़ने देंगे।

​'स्वस्थ भारत' के संकल्प को चुनौती

​सांसद अग्रवाल ने जोर देकर कहा कि कंपनियों की यह "दोहरी मानसिकता" प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'स्वस्थ भारत' के विजन को सीधे तौर पर नुकसान पहुंचा रही है। उन्होंने तर्क दिया कि अगर मानक वैश्विक हैं, तो उत्पादों की गुणवत्ता भी वैश्विक होनी चाहिए। भारत जैसे विशाल बाजार का लाभ उठाने वाली कंपनियों को समान जिम्मेदारी भी निभानी होगी।

ये खबर भी पढ़ें... छत्तीसगढ़ में नई गाइडलाइंस पर बवाल; जमीन 5 से 9 गुना महंगी, सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने सीएम को लिखा पत्र

​FSSAI से निर्णायक कदम उठाने की अपील

सदन के माध्यम से सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) और केंद्र सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखी हैं:

नियमों में सख्ती: FSSAI अपने मौजूदा खाद्य सुरक्षा नियमों की समीक्षा करे और उन्हें अधिक कड़ा बनाए ताकि गुणवत्ता में लूपहोल्स की कोई गुंजाइश न रहे।

वैश्विक समानता (Global Parity): सरकार यह अनिवार्य करे कि कोई भी ग्लोबल ब्रांड भारत में उसी गुणवत्ता और सामग्री का पालन करे जो वह अपने मूल देश (Country of Origin) या विकसित देशों में करता है।

​कड़ी निगरानी और दंड: कम पोषण वाले और सेहत को नुकसान पहुंचाने वाले उत्पादों की बिक्री पर तुरंत रोक लगाई जाए और नियमों का उल्लंघन करने वाली कंपनियों पर भारी जुर्माना लगाया जाए।

Brijmohan Agrawal FSSAI रायपुर लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल
Advertisment