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News in short
- छत्तीसगढ़ सरकार ने रायपुर में 23 जनवरी 2026 से पुलिस आयुक्त प्रणाली लागू करने की अधिसूचना जारी की।
- शहरी और ग्रामीण इलाकों के थानों का पुनर्गठन कर पुलिस आयुक्त प्रणाली में 33 थाना क्षेत्रों को शामिल किया गया।
- पुलिस महानिरीक्षक को पुलिस आयुक्त के अधिकार, पुलिस अधीक्षक को अतिरिक्त पुलिस आयुक्त की भूमिका मिली।
- नई व्यवस्था से त्वरित निर्णय, अपराध नियंत्रण और सुरक्षा में सुधार की उम्मीद जताई गई है।
- गृह विभाग ने नई प्रणाली लागू करने के लिए सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं।
News in detail
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी और आधुनिक बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। गृह पुलिस विभाग ने रायपुर जिले में पुलिस आयुक्त प्रणाली लागू करने की अधिसूचना जारी कर दी है।
यह नई व्यवस्था 23 जनवरी 2026 से प्रभावशील होगी। द सूत्र ने 15 दिन पहले खबर प्रकाशित कर बताया था कि पुलिस कमिश्नर प्रणाली के तहत शहर और ग्रामीण दो भागों में जिला बंट जाएगा।
छत्तीसगढ़ सरकार ने यह निर्णय छत्तीसगढ़ पुलिस अधिनियम 2007 की धारा 5 के तहत लिया है। अधिसूचना के अनुसार, रायपुर जिले को पुलिस आयुक्त क्षेत्र घोषित किया गया है।
शहरी और ग्रामीण इलाकों के थाना क्षेत्रों का पुनर्गठन किया गया है। इसका उद्देश्य राजधानी में बढ़ते शहरीकरण, जनसंख्या और अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है।
शहरी क्षेत्र में 21 थाना आयुक्त प्रणाली में शामिल
अधिसूचना के मुताबिक रायपुर नगर पुलिस जिला अंतर्गत सिविल लाइन, देवेंद्र नगर, तेलीबांधा, कोतवाली, गंज, मोतीबाग, गोल बाजार, पुरानी बस्ती, डीडी नगर, आमासिवनी, आजाद चौक, सरस्वती नगर, कबीर नगर, राजेंद्र नगर, पुरानी धमतरी रोड क्षेत्र, टिकरापारा, उरला (नगर पालिक निगम बीरगांव के अंतर्गत आने वाला क्षेत्र), खमतराई, गुढ़ियारी, पंडरी और खरोरा रोड क्षेत्र सहित कुल 21 थाना क्षेत्र पुलिस आयुक्त प्रणाली के अंतर्गत आएंगे।
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ग्रामीण क्षेत्र में 12 थाना शामिल
वहीं रायपुर ग्रामीण पुलिस जिला अंतर्गत विधानसभा, धरसींवा, खरोरा, तिल्दा नेवरा, माना, मंदिर हसौद, आरंग, नया रायपुर, राखी, अभनपुर, गोबरा नवापारा और उरला (नगर पालिक निगम बीरगांव के बाहर आने वाला क्षेत्र) सहित 12 थाना क्षेत्र आयुक्त प्रणाली में शामिल किए गए हैं।
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अधिकारों में बड़ा बदलाव
नई व्यवस्था के तहत पुलिस महानिरीक्षक, रायपुर रेंज को पुलिस आयुक्त के अधिकार दिए गए हैं। पुलिस अधीक्षक रायपुर अतिरिक्त पुलिस आयुक्त की भूमिका निभाएंगे। आयुक्त प्रणाली लागू होने से पुलिस को दंड प्रक्रिया संहिता की कई महत्वपूर्ण धाराओं के तहत मजिस्ट्रेटीय शक्तियां मिलेंगी। इससे निर्णय लेने में प्रशासनिक निर्भरता कम होगी।
अपराध नियंत्रण और त्वरित कार्रवाई की उम्मीद
पुलिस आयुक्त प्रणाली के लागू होने से राजधानी में कानून-व्यवस्था के मामलों में त्वरित निर्णय, अपराध नियंत्रण, यातायात प्रबंधन और संवेदनशील क्षेत्रों में तत्काल कार्रवाई संभव होगी। सरकार का मानना है कि इससे पुलिसिंग अधिक जवाबदेह और प्रभावी बनेगी।
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गृह विभाग ने दिए निर्देश
गृह (पुलिस) विभाग ने पुलिस महानिदेशक, पुलिस महानिरीक्षक, कलेक्टर और अन्य अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। उन्हें अधिसूचना के अनुरूप प्रशासनिक और तकनीकी कार्रवाई करनी है। सभी विभागों को आपसी समन्वय से नई व्यवस्था लागू करने को कहा गया है। रायपुर में पुलिस आयुक्त प्रणाली छत्तीसगढ़ सरकार का अहम प्रशासनिक सुधार है। इसका सीधा असर जनता की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था पर पड़ेगा।
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