रायपुर की कंपनी पर अमेरिकी प्रतिबंध , SBL एनर्जी के सीईओ की संपत्ति फ्रीज
Aishwarya Dwivedi | Jun 28, 2026, 13:00 IST
रायपुर-SBL एनर्जी-US प्रतिबंध-संपत्तियां फ्रीज़
अमेरिका ने सूडान गृहयुद्ध में विस्फोटक भेजने के आरोप में रायपुर की एसबीएल एनर्जी पर प्रतिबंध लगाया है। कंपनी ने आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि वे केवल नागरिक निर्माण के लिए औद्योगिक विस्फोटक बनाते हैं।
समझें क्या है पूरा मामला
अमेरिका ने क्यों की यह कार्रवाई
अमेरिकी ट्रेजरी (US Treasury) विभाग ने इस संबंध में एक आधिकारिक बयान जारी किया है। अमेरिकी वित्त विभाग का आरोप है कि इस कंपनी ने सूडानी सैन्य नेटवर्क को विस्फोटक सामग्री दी। इस विस्फोटक सामग्री का इस्तेमाल वहां चल रहे भीषण गृहयुद्ध में किया जा रहा है।
विस्फोटक सामग्री भेजने का गंभीर आरोप
सूडान की इस कंपनी को टीएमएसी (TMAC - Target Multi Activities Company) के नाम से जाना जाता है। आरोप है कि एसबीएल एनर्जी ने टीएमएसी को विस्फोटक और उससे जुड़ी सामग्री भेजी। अमेरिकी एजेंसी के अनुसार अब तक ऐसी 200 से अधिक खेप सूडान भेजी जा चुकी हैं।
रायपुर की कंपनी ने दी सफाई
कंपनी ने खेप की संख्या को लेकर भी अमेरिकी दावों का खंडन किया है। कंपनी के अनुसार उन्होंने साल 2024 से कोई नई सप्लाई नहीं की है। उन्होंने साल 2022 से अब तक मात्र 10 खेप में ही एक्सप्लोसिव की सप्लाई की है।
अमेरिकी विभाग के सामने रखेंगे पक्ष
कंपनी इन सबूतों के आधार पर अमेरिका से प्रतिबंध हटाने का अनुरोध करेगी। कंपनी के अधिकारियों ने रायपुर में कहा कि वे पूरी तरह वैध व्यापार करते हैं। उनके पास भारत सरकार द्वारा जारी किया गया उचित लाइसेंस भी मौजूद है।
खनन और निर्माण के लिए बनते हैं विस्फोटक
कंपनी का कहना है कि पहाड़ों को तोड़ने और खदानों में काम के लिए ही यह सामग्री बनती है। इसका किसी भी तरह की सैन्य गतिविधि या युद्ध से कोई संबंध नहीं है। कंपनी अपने सभी नियमों का पालन पूरी पारदर्शिता के साथ करती है।
प्रतिबंध का क्या होगा असर
इसके साथ ही कोई भी अमेरिकी नागरिक या कंपनी इनके साथ व्यापार नहीं कर सकेगी। अमेरिका की वित्तीय संस्थाएं भी इनके साथ किसी तरह का लेन-देन नहीं करेंगी। इस प्रतिबंध के कारण कंपनी के अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर बड़ा असर पड़ सकता है।\
FAQ
- अमेरिका ने रायपुर की किस कंपनी पर प्रतिबंध लगाया है?
उत्तर: अमेरिका ने रायपुर की एसबीएल एनर्जी लिमिटेड पर प्रतिबंध लगाया है, जिसका पुराना नाम अमीन एक्सप्लोसिव प्राइवेट लिमिटेड था। - अमेरिकी सरकार ने कंपनी पर क्या आरोप लगाए हैं?
उत्तर: अमेरिकी वित्त विभाग का आरोप है कि इस कंपनी ने सूडान के सैन्य नेटवर्क को विस्फोटक सामग्री की 200 से अधिक खेप भेजीं, जिसका इस्तेमाल वहां के गृहयुद्ध में हुआ। - अमेरिकी प्रतिबंध के बाद कंपनी ने क्या सफाई दी है?
उत्तर: कंपनी ने कहा है कि वे नागरिक निर्माण और खनन के लिए औद्योगिक विस्फोटक बनाते हैं, कोई रक्षा उत्पाद नहीं। वे जल्द ही अमेरिकी विभाग के सामने अपने दस्तावेज और सबूत पेश करेंगे।
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