पॉक्सो कोर्ट का बड़ा फैसला: नाबालिग से दरिंदगी पर 5 दोषियों को उम्रकैद
Umeshwari Baghel | Aug 20, 2026, 19:02 IST
नाबालिग से दरिंदगी पर 5 दोषियों को उम्रकैद
राजनांदगांव POCSO कोर्ट ने नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने, यौन शोषण और देह व्यापार में धकेलने के मामले में पांच दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने कहा कि ऐसे गंभीर अपराधों में दोषियों के प्रति नरमी नहीं बरती जा सकती।
समझें क्या है पूरा मामला
- नाबालिग शोषण केस में पांच दोषियों को उम्रकैद
- राजनांदगांव POCSO कोर्ट का बड़ा फैसला
- बहला-फुसलाकर ले जाने वाले पांच दोषियों को सजा
- देह व्यापार में धकेलने के मामले में कड़ी कार्रवाई
- POCSO कोर्ट ने सुनाई पांच आरोपियों को उम्रकैद
एक अन्य आरोपी को पर्याप्त सबूत नहीं मिलने पर अदालत ने बरी कर दिया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने घटना से जुड़े कई सबूत पेश किए। इन्हीं के आधार पर कोर्ट ने पांच आरोपियों को दोषी माना।
2024 में सामने आया था मामला
पुलिस जांच में पता चला कि नाबालिग को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाया गया था। तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस ने उसे रायगढ़ से बरामद किया था। उस समय वह साधना वैष्णव के संपर्क में थी।
बस में हुई थी आरोपी महिला से मुलाकात
यात्रा के दौरान उसकी मुलाकात साधना वैष्णव से हुई। आरोप है कि साधना ने उसे अपने साथ चलने के लिए कहा। इसके बाद वह उसे रायपुर ले गई, जहां मुस्कान गोस्वामी भी रहती थी।
पैसे कमाने का दबाव बनाने का आरोप
आरोप है कि बाद में पैसे कमाने का दबाव बनाया गया। इसके बाद अलग-अलग लोगों के जरिए उसका शोषण कराया गया। जांच में यह भी सामने आया कि उसे रायगढ़ के बाजीनपाली क्षेत्र में ले जाया गया था।
तीन आरोपियों को भी मिली सजा
इसके अलावा चेतन नवरंगे, तोरण सोनकर और धनंजय धृतलहरे को भी सामूहिक दुष्कर्म और POCSO एक्ट की धाराओं में कठोर सजा दी गई।
एक आरोपी को मिला संदेह का लाभ
FAQ
- राजनांदगांव POCSO कोर्ट ने किस मामले में फैसला सुनाया?
राजनांदगांव POCSO कोर्ट ने नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने, यौन शोषण और देह व्यापार में धकेलने के मामले में फैसला सुनाया। - कोर्ट ने कितने दोषियों को सजा दी है?
कोर्ट ने इस मामले में पांच दोषियों को अलग-अलग धाराओं में आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। - क्या सभी आरोपियों को दोषी ठहराया गया था?
नहीं, एक आरोपी को पर्याप्त सबूत नहीं मिलने पर अदालत ने संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया।
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