रायपुर के पुराने तहसील कार्यालय के रिकॉर्ड दीमक की भेंट, कागज मिट्टी में तब्दील, शिफ्टिंग में भी लापरवाही
Krishna Kumar Sikander | Aug 03, 2025, 15:57 IST
Records of old tehsil office of Raipur are victims of termites the sootr
रायपुर के शास्त्री चौक स्थित पुराने तहसील कार्यालय के राजस्व रिकॉर्ड अब नर्सिंग हॉस्टल में शिफ्ट किए जा रहे हैं। इस दौरान यह बात सामने आई है कि 1953-54 तक के कई पुराने दस्तावेज जैसे कि खतौनी डायरियां, दीमक और सीलन की वजह से खराब हो चुके हैं।
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के शास्त्री चौक स्थित पुराने तहसील कार्यालय के राजस्व रिकॉर्ड अब नर्सिंग हॉस्टल की नई इमारत में स्थानांतरित किए जा रहे हैं। लेकिन इस प्रक्रिया में रिकॉर्डों की बदहाल स्थिति और अधिकारियों-कर्मचारियों की लापरवाही सामने आई है।
सालों पुराने रिकॉर्ड, जिनमें 1953-54 से लेकर वर्तमान वर्ष तक के दस्तावेज शामिल हैं, दीमक और सीलन की वजह से नष्ट हो चुके हैं। कई महत्वपूर्ण खतौनी डायरियां और दस्तावेज सड़-गलकर कागज से मिट्टी में बदल गए हैं, जिनमें लिखी जानकारी पूरी तरह मिट चुकी है।
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पुराने तहसील कार्यालय को नर्सिंग हॉस्टल की इमारत में शिफ्ट हुए तीन-चार महीने बीत चुके हैं। हालांकि, रिकॉर्ड रूम और तहसीलदारों के कोर्ट रूम की आलमारियों में रखे पुराने रिकॉर्ड अभी तक स्थानांतरित नहीं किए गए थे। अब जब इन्हें शिफ्ट किया जा रहा है, तो इन्हें कूड़े-कचरे की तरह वाहनों में लादकर ले जाया जा रहा है।
इस लापरवाही के चलते कई रिकॉर्ड और खराब हो गए। रखरखाव के अभाव में पहले ही कई दस्तावेज बर्बाद हो चुके थे, और अब शिफ्टिंग के दौरान भी इनके साथ सावधानी नहीं बरती जा रही।
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पुराने तहसील भवन को तोड़कर वहां चार मंजिला नया भवन बनाया जाना है। इसके लिए निर्माण कार्य का आदेश जारी हो चुका है। भवन को पूरी तरह खाली करने के लिए रिकॉर्ड रूम और आलमारियों से दस्तावेज निकाले जा रहे हैं। लेकिन इनकी हालत इतनी खराब है कि छूते ही कागज टूट रहे हैं। आलमारियों में सीलन और दीमक ने खतौनी सहित कई दस्तावेजों को पूरी तरह नष्ट कर दिया है।
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नष्ट हुए रिकॉर्डों में भूमि स्वामित्व, संपत्ति, कृषि भूमि, ग्राम पंचायतों और भूमि-धारण अधिकारों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी थी। इनके अभाव में संपत्ति की खरीद-बिक्री, नामांतरण, सीमांकन और बंटवारे जैसे काम अटक रहे हैं। इससे आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
राजस्व विभाग रिकॉर्डों को सहेजने में पूरी तरह विफल रहा है। अब जबकि नए भवन का निर्माण होने जा रहा है, जरूरत है कि बचे हुए रिकॉर्डों को डिजिटल रूप में संरक्षित किया जाए और भविष्य में ऐसी लापरवाही न हो। विभाग को चाहिए कि वह रिकॉर्ड प्रबंधन के लिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग करे ताकि ऐतिहासिक और कानूनी महत्व के दस्तावेज सुरक्षित रहें।
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रायपुर राजस्व रिकॉर्ड की बदहाली | तहसील कार्यालय रिकॉर्ड दीमक | शास्त्री चौक तहसील कार्यालय | राजस्व रिकॉर्ड स्थानांतरण रायपुर | पुराने सरकारी दस्तावेज नष्ट | छत्तीसगढ़ राजस्व विभाग लापरवाही
सालों पुराने रिकॉर्ड, जिनमें 1953-54 से लेकर वर्तमान वर्ष तक के दस्तावेज शामिल हैं, दीमक और सीलन की वजह से नष्ट हो चुके हैं। कई महत्वपूर्ण खतौनी डायरियां और दस्तावेज सड़-गलकर कागज से मिट्टी में बदल गए हैं, जिनमें लिखी जानकारी पूरी तरह मिट चुकी है।
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लापरवाही से भरी शिफ्टिंग प्रक्रिया
इस लापरवाही के चलते कई रिकॉर्ड और खराब हो गए। रखरखाव के अभाव में पहले ही कई दस्तावेज बर्बाद हो चुके थे, और अब शिफ्टिंग के दौरान भी इनके साथ सावधानी नहीं बरती जा रही।
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नए भवन निर्माण से पहले खाली हो रहा पुराना कार्यालय
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लोगों के काम पर पड़ रहा असर
सहेजने में नाकामी, संरक्षण की जरूरत
FAQ
- पुराने तहसील कार्यालय के रिकॉर्ड किस कारण नष्ट हो गए?
पुराने तहसील कार्यालय में रखे गए राजस्व रिकॉर्ड दीमक, सीलन और लापरवाही के कारण नष्ट हो गए। दस्तावेजों को ठीक से सुरक्षित नहीं रखा गया, जिससे वे सड़-गलकर मिट्टी में तब्दील हो गए और उनमें लिखी जानकारी पूरी तरह मिट गई। - रिकॉर्ड शिफ्टिंग के दौरान किस प्रकार की लापरवाही सामने आई?
शिफ्टिंग के दौरान रिकॉर्डों को कूड़े-कचरे की तरह वाहनों में लादा गया और सावधानीपूर्वक नहीं ले जाया गया। इस लापरवाही के चलते पहले से खराब दस्तावेज और भी अधिक क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे उनकी उपयोगिता और प्रमाणिकता पर असर पड़ा। - इन रिकॉर्डों के नष्ट होने से आम लोगों को क्या समस्याएँ हो रही हैं?
इन रिकॉर्डों के नष्ट हो जाने से लोगों को संपत्ति की खरीद-बिक्री, नामांतरण, सीमांकन और बंटवारे जैसे कार्यों में दिक्कत हो रही है। इसके अलावा, न्यायालयी मामलों में दस्तावेजों की अनुपलब्धता से केस की सुनवाई और फैसलों में भी बाधा आ रही है।
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