छत्तीसगढ़ में रजिस्ट्री अब डिजिटल, व्हाट्सएप और डीजी लॉकर से मिलेंगे दस्तावेज
Krishna Kumar Sikander | Aug 01, 2025, 13:26 IST
Registry in Chhattisgarh will now be digital the sootr
छत्तीसगढ़ में रजिस्ट्री प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। अब रजिस्ट्री के बाद दस्तावेजों की सॉफ्ट कॉपी व्हाट्सएप या ई-मेल के जरिए सीधे पक्षकारों तक पहुंचाई जाएगी। पंजीयन विभाग अब डीजी लॉकर से भी जुड़ गया है।
छत्तीसगढ़ में पंजीयन प्रक्रिया को डिजिटल और पेपरलेस बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। अब रजिस्ट्री के बाद दस्तावेजों की सॉफ्ट कॉपी व्हाट्सएप या ई-मेल के जरिए पक्षकारों तक पहुंचेगी। इसके साथ ही पंजीयन विभाग डीजी लॉकर से जुड़ गया है, जिससे दस्तावेज ऑनलाइन सुरक्षित रखे जा सकेंगे। यह नई व्यवस्था जल्द लागू होने वाली है, जिससे पक्षकारों को बार-बार पंजीयन कार्यालय के चक्कर लगाने से मुक्ति मिलेगी।
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नई व्यवस्था में ई-केवाईसी और आधार वेरिफिकेशन के जरिए पक्षकारों की पहचान सुनिश्चित की जाएगी, जिससे फर्जी दस्तावेजों का जोखिम खत्म होगा। डिजिटल दस्तावेजों से छेड़छाड़ की आशंका भी समाप्त होगी और डेटा हमेशा ऑनलाइन उपलब्ध रहेगा। सुगम एप के माध्यम से जमीन का विवरण, खसरा, नक्शा और लोकेशन आसानी से प्राप्त हो सकेगा, जिससे कागजी कार्रवाई और समय की बचत होगी।
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पक्षकार अब रजिस्ट्री से पहले दस्तावेज का ड्राफ्ट अपने मोबाइल या ई-मेल पर देख सकेंगे। इससे दस्तावेज में किसी भी तरह की त्रुटि को पहले ही सुधारा जा सकेगा। डीजी लॉकर में आधार लिंक होने पर पक्षकार 'सीजी महानिरीक्षक पंजीयक' सर्च कर रजिस्ट्री नंबर डालकर अपने दस्तावेज डाउनलोड कर सकेंगे। जिनके पास व्हाट्सएप या ई-मेल की सुविधा नहीं है, उन्हें पंजीयन कार्यालय से हार्ड कॉपी उपलब्ध कराई जाएगी।
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उप महानिरीक्षक पंजीयन उषा साहू ने बताया कि जल्द ही सभी दस्तावेज ई-मेल के जरिए पक्षकारों को भेजे जाएंगे। यह प्रक्रिया न केवल समय बचाएगी, बल्कि पारदर्शिता भी बढ़ाएगी। उन्होंने कहा कि डिजिटल सिस्टम से रजिस्ट्री प्रक्रिया को और अधिक सुगम और विश्वसनीय बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
यह पहल छत्तीसगढ़ में डिजिटल प्रशासन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। डीजी लॉकर और व्हाट्सएप जैसी आधुनिक तकनीकों के उपयोग से न केवल पक्षकारों की सुविधा बढ़ेगी, बल्कि प्रशासनिक प्रक्रियाएं भी तेज और सुरक्षित होंगी। यह व्यवस्था जल्द ही पूरे राज्य में लागू होने की उम्मीद है।
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ई-केवाईसी और आधार से होगी पहचान
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रजिस्ट्री से पहले ड्राफ्ट चेक करने की सुविधा
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वसीयत, बंटवारा और मुख्तारनामा भी डिजिटल नई व्यवस्था में वसीयतनामा, बंटवारा नामा, मुख्तारनामा जैसे दस्तावेजों का पंजीयन भी आसान और सुचारू होगा। जुलाई से शुरू हुई ऑनलाइन अपॉइंटमेंट सुविधा के तहत पक्षकार एनजीडीआरएस (नेशनल जेनेरिक डॉक्यूमेंट रजिस्ट्रेशन सिस्टम) वेबसाइट पर जाकर स्लॉट बुक कर सकते हैं। इसके लिए बी-1, खसरा, ऋण पुस्तिका, नक्शा, ई-स्टाम्प, आधार और पैन कार्ड जैसे दस्तावेज अपलोड करने होंगे।
पारदर्शिता और सुविधा बढ़ाने का लक्ष्य
छत्तीसगढ़ में डिजिटल क्रांति की ओर कदम
FAQ
- छत्तीसगढ़ में रजिस्ट्री प्रक्रिया को डिजिटल बनाने के लिए कौन-कौन सी सुविधाएं शुरू की गई हैं?
नई व्यवस्था में रजिस्ट्री के बाद दस्तावेजों की सॉफ्ट कॉपी व्हाट्सएप, ई-मेल और डीजी लॉकर के जरिए पक्षकारों को मिलेगी। ई-केवाईसी और आधार वेरिफिकेशन से पहचान की पुष्टि होगी, और दस्तावेजों का ड्राफ्ट रजिस्ट्री से पहले मोबाइल या ई-मेल पर चेक किया जा सकेगा। - डीजी लॉकर का इस नई प्रक्रिया में क्या उपयोग है?
डीजी लॉकर से जुड़ने के बाद पक्षकार अपने आधार से लिंक करके 'सीजी महानिरीक्षक पंजीयक' सर्च कर रजिस्ट्री नंबर डालकर अपने दस्तावेज कभी भी डाउनलोड कर सकते हैं। इससे दस्तावेज सुरक्षित और आसानी से उपलब्ध रहेंगे। - इस डिजिटल रजिस्ट्री प्रणाली से लोगों को क्या फायदे होंगे?
इस प्रणाली से पक्षकारों को बार-बार पंजीयन कार्यालय जाने की आवश्यकता नहीं होगी। कागजी कार्रवाई कम होगी, समय की बचत होगी, पारदर्शिता बढ़ेगी, और दस्तावेज सुरक्षित रहेंगे। वसीयत, बंटवारा और मुख्तारनामा जैसे दस्तावेजों का पंजीयन भी अब अधिक सुगम हो जाएगा।
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