/sootr/media/media_files/2026/01/06/raipur-wallfort-alensia-2026-01-06-16-49-57.jpg)
Raipur. रेरा ने अब नियमों के आधार पर काम न करने वाले बिल्डर, डेवलपर और कॉलोनाइजर्स के खिलाफ सख्त रुख अपना लिया है। छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण (RERA ) ने रायपुर स्थित वॉलफोर्ट एलेन्सिया परियोजना के प्रमोटर के खिलाफ कड़ा कदम उठाते हुए छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट अधिनियम 2016 के तहत 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। ले आउट में फेरबदल कर निर्माण कार्य करने पर यह जुर्माना लगाया गया है।
5 पॉइंट्स में समझें पूरा मामलाछत्तीसगढ़ रेरा ने नियम उल्लंघन पर वॉलफोर्ट एलेन्सिया प्रोजेक्ट पर 10 लाख का जुर्माना लगाया। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग से स्वीकृत ले-आउट से हटकर STP का निर्माण किया गया। प्रमोटर ने रेरा अधिनियम 2016 की धारा 14(1) का उल्लंघन किया। आवंटियों के हित को देखते हुए फिलहाल STP को हटाने का आदेश नहीं दिया गया। बिना पूर्व अनुमति ले-आउट बदलने पर भविष्य में कड़ी कार्रवाई की चेतावनी। |
ये खबरें भी पढ़ें...
छत्तीसगढ़ रेरा का अहम फैसला, रखरखाव शुल्क और विकास लागत का भुगतान करे आबंटी
छत्तीसगढ़ में रियल एस्टेट विज्ञापनों के लिए नया नियम, रेरा पंजीकरण नंबर और QR कोड अनिवार्य
यह है मामला :
रेरा में मामले की सुनवाई के दौरान यह पाया गया कि परियोजना में विकास कार्य नगर और ग्राम निवेश विभाग (टाउन एंड कंट्री प्लानिंग– T&CP) द्वारा स्वीकृत ले-आउट के अनुरूप नहीं किया गया। स्वीकृत ले-आउट से हटकर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) का निर्माण किया गया, जो रेरा अधिनियम की धारा 14(1) का स्पष्ट उल्लंघन है।
इस धारा के अनुसार, किसी भी रियल एस्टेट परियोजना का विकास ले-आउट के अनुसार ही किया जाना अनिवार्य है। रेरा ने ने यह भी संज्ञान में लिया कि वर्तमान में STP का उपयोग परियोजना के आवंटियों द्वारा किया जा रहा है। आवंटियों के हितों और सार्वजनिक उपयोग को प्रभावित न करने के उद्देश्य से इस स्तर पर STP को ध्वस्त करने अथवा पुनर्निर्माण संबंधी कोई निर्देश जारी नहीं किया गया है।
प्रमोटर को माना गया जिम्मेदार :
स्वीकृत ले-आउट से किए गए इस बदलाव को गंभीर उल्लंघन मानते हुए प्राधिकरण ने प्रमोटर को उत्तरदायी ठहराया है और रेरा अधिनियम की धारा 14(1) के उल्लंघन पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। छत्तीसगढ़ रेरा ने स्पष्ट किया है कि स्वीकृत ले-आउट अथवा योजनाओं से बिना सक्षम प्राधिकरण की पूर्व स्वीकृति के किया गया कोई भी परिवर्तन गंभीर उल्लंघन की श्रेणी में आता है और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
ये खबरें भी पढ़ें...
बिल्डर नहीं कर सकेंगे अधूरे प्रोजेक्ट में बुकिंग, रेरा ने 13 टाउनशिप पर लगाई रोक
इंदौर नगर निगम का क्षिप्रा परिसर पीएम आवास प्रोजेक्ट का रेरा पंजीयन आवेदन रद्द, कई मिली खामियां
/sootr/media/agency_attachments/dJb27ZM6lvzNPboAXq48.png)
Follow Us