बजट की कमी से नाराज 56 सरपंचों ने दिया सामूहिक इस्तीफा

Aishwarya Dwivedi | May 21, 2026, 16:01 IST
Share
sarpanch-resignation-antagarh-budget-issue
sarpanch-resignation-antagarh-budget-issue

छत्तीसगढ़ के अंतागढ़ में विकास फंड न मिलने से नाराज सभी 56 ग्राम पंचायतों के सरपंचों ने सामूहिक इस्तीफा दे दिया है, जिससे क्षेत्र में भारी प्रशासनिक और सियासी हड़कंप मच गया है।

NEWS IN SHORT

अंतागढ़ ब्लॉक के 56 सरपंचों ने सामूहिक इस्तीफा दिया।
लंबे समय से विकास फंड जारी न होने से नाराजगी।
बजट के अभाव में गाँवों के बुनियादी कार्य ठप पड़े।
जनता के सवालों का जवाब न मिलने पर उठाया कदम।
सामूहिक इस्तीफे से प्रशासन और सरकार पर बढ़ा दबाव।

NEWS IN DETAIL

छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के अंतागढ़ ब्लॉक में एक बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक संकट खड़ा हो गया है। विकास कार्यों के लिए लंबे समय से फंड जारी न होने से नाराज होकर सभी 56 ग्राम पंचायतों के सरपंचों ने सामूहिक इस्तीफा दे दिया है। इस फैसले ने न केवल जिला प्रशासन को हिलाकर रख दिया है, बल्कि प्रदेश की राजनीति में भी भूचाल ला दिया है।

इस्तीफे की मुख्य वजह:

1.फंड की भारी कमी

अंतागढ़ ब्लॉक के सरपंच पिछले कई महीनों से पंचायतों के विकास कार्यों के लिए पर्याप्त बजट और फंड जारी करने की मांग कर रहे थे। सरपंचों का आरोप है कि शासन-प्रशासन द्वारा लगातार उनकी मांगों की अनदेखी की जा रही थी। फंड के अभाव में पंचायतों का कामकाज पूरी तरह ठप हो गया है, जिसके कारण जनप्रतिनिधियों के पास इस्तीफा देने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा।

2. ठप पड़े बुनियादी विकास कार्य

बजट नहीं मिलने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्य पूरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:

सड़क और नाली निर्माण: गांवों को जोड़ने वाली सड़कें और जल निकासी की व्यवस्था अधूरी पड़ी है।
पेजल योजनाएं: गर्मियों के मौसम में ग्रामीणों के लिए पीने के पानी की व्यवस्था करना मुश्किल हो रहा है।
सामुदायिक भवन: ग्रामीणों के सामाजिक कार्यों के लिए बनने वाले भवन अधूरी स्थिति में हैं।

> सरपंचों का दर्द: "फंड न होने से गांवों में विकास कार्य रुके पड़े हैं। ग्रामीण हमसे लगातार सवाल पूछ रहे हैं और हमारे पास उन्हें देने के लिए कोई जवाब नहीं है। ऐसी स्थिति में कुर्सी पर बने रहने का कोई औचित्य नहीं है।"

3. प्रशासन और सरकार पर बढ़ा भारी दबाव

एक साथ 56 सरपंचों का इस्तीफा देना पंचायती राज व्यवस्था में गहरे असंतोष को दर्शाता है। इस कदम ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार को बैकफुट पर ला दिया है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि इस मामले को जल्द नहीं सुलझाया गया, तो यह आगामी दिनों में एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन सकता है और विपक्ष इसे भुनाने की पूरी कोशिश करेगा।

आगे की राह और समाधान की उम्मीद

इस सामूहिक इस्तीफे के बाद अब सभी की नजरें जिला कलेक्टर और राज्य सरकार के अगले रुख पर टिकी हैं। ग्रामीण विकास की रफ्तार को बनाए रखने और संकट को टालने के लिए प्रशासन जल्द ही सरपंचों के प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक कर सकता है। उम्मीद जताई जा रही है कि गांवों की बुनियादी जरूरतों को देखते हुए जल्द ही कोई ठोस निर्णय लिया जाएगा और अटका हुआ फंड जारी किया जा सकता है।

यह घटना साफ तौर पर दर्शाती है कि ग्रामीण स्तर पर लोकतंत्र को मजबूत बनाए रखने के लिए समय पर वित्तीय संसाधनों की उपलब्धता कितनी अनिवार्य है।

निष्कर्ष

अंतागढ़ में 56 सरपंचों का सामूहिक इस्तीफा ग्रामीण विकास के प्रति प्रशासनिक उदासीनता को उजागर करता है। फंड के अभाव में बुनियादी काम ठप होने से उपजा यह असंतोष पंचायती राज व्यवस्था के लिए गंभीर चेतावनी है। यदि सरकार ने जल्द ही वित्तीय संकट दूर नहीं किया, तो यह जमीनी विवाद एक बड़े राज्य स्तरीय राजनीतिक आंदोलन का रूप ले सकता है।

यह खबरें भी पढ़ें...

अभनपुर की पंचायतों में करोड़ों का गबन, पूर्व सरपंचों को जेल भेजने का आदेश

राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस ; युवा थाम रहे गांव की शान, छत्तीसगढ़ में शिक्षित सरपंचों का नया दौर

एमपी में नगर निगम के पार्षद और सरपंचों का वेतन मजदूर व दैनिक वेतन भोगियों से भी कम

पंचायती राज को बना रहे मजबूत, पूर्व सरपंचों के कार्यक्रम में बोले भजनलाल

Tags:
  • लोकतंत्र
  • सरपंच
  • इस्तीफा
  • राजनीतिक
  • ग्रामीण विकास
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा