SECL अमेरा माइंस में विजिलेंस रेड : फर्जी रिकॉर्ड के आरोपों से हड़कंप

Umeshwari Baghel | Jul 22, 2026, 22:53 IST
Share
एसईसीएल अमेरा माइंस में विजिलेंस रेड
एसईसीएल अमेरा माइंस में विजिलेंस रेड

SECL की अमेरा कोल माइंस में विजिलेंस टीम ने उत्पादन, भंडारण, परिवहन और डिस्पैच रिकॉर्ड की जांच शुरू की है। टीम दस्तावेजों और ऑनलाइन एंट्री का मिलान कर रही है। प्रबंधन ने इसे तकनीकी जांच बताया है।

समझें क्या है पूरा मामला

Ambikapur। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में स्थित एसईसीएल की अमेरा कोल माइंस में विजिलेंस टीम ने जांच शुरू की है। बिलासपुर मुख्यालय से पहुंची टीम कोयला उत्पादन, भंडारण, परिवहन और डिस्पैच से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल कर रही है। टीम के अचानक खदान परिसर पहुंचने से अधिकारियों और कर्मचारियों में हलचल देखी गई।

अमेरा कोल माइंस साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के विश्रामपुर क्षेत्र के अंतर्गत आती है। यह क्षेत्र की महत्वपूर्ण कोयला खदानों में शामिल है। विजिलेंस टीम ने खदान में पहुंचने के बाद परिवहन रजिस्टर, कोयला डिस्पैच रिकॉर्ड, भुगतान से जुड़ी फाइलों और ऑनलाइन एंट्री की जांच शुरू की। दस्तावेजों में दर्ज जानकारी का डिजिटल रिकॉर्ड से भी मिलान किया जा रहा है।

शिकायतों के बाद शुरू हुई जांच

बताया जा रहा है कि अमेरा खदान में लंबे समय से कोयला परिवहन और डिस्पैच व्यवस्था को लेकर शिकायतें मिल रही थीं। इनमें परिवहन रजिस्टर में कथित गड़बड़ी, कोयला चोरी और ट्रक चालकों से अवैध वसूली जैसे आरोप शामिल हैं।

लखनपुर क्षेत्र में कोयला परिवहन के कारण सड़कों की खराब स्थिति और वाहनों की आवाजाही में बाधा को लेकर भी स्थानीय स्तर पर सवाल उठते रहे हैं। इन्हीं शिकायतों के आधार पर एसईसीएल मुख्यालय द्वारा जांच कराए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, शिकायतों में लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

ऑनलाइन और ऑफलाइन रिकॉर्ड का मिलान

विजिलेंस टीम खदान से जुड़े ऑफलाइन दस्तावेजों और ऑनलाइन डिस्पैच सिस्टम में दर्ज आंकड़ों की तुलना कर रही है। जांच के दायरे में कोयले की मात्रा, वाहनों की एंट्री, तौल पर्ची, भुगतान और डिस्पैच से जुड़े रिकॉर्ड रखे गए हैं।

सूत्रों के अनुसार, टीम यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि खदान से भेजे गए कोयले की वास्तविक मात्रा और रिकॉर्ड में दर्ज आंकड़ों के बीच कोई अंतर है या नहीं। जांच पूरी होने से पहले किसी प्रकार की गड़बड़ी की पुष्टि नहीं की गई है।

SECL अमेरा माइंस में विजिलेंस रेड
SECL अमेरा माइंस में विजिलेंस रेड


प्रबंधन ने तकनीकी जांच बताया

एसईसीएल प्रबंधन ने विजिलेंस टीम की कार्रवाई को नियमित तकनीकी जांच बताया है। प्रबंधन के मुताबिक अमेरा खदान के ऑनलाइन डिस्पैच सिस्टम में तकनीकी समस्या सामने आई थी। इसी कारण विजिलेंस टीम दस्तावेजों और डिस्पैच प्रक्रिया की समीक्षा कर रही है।

प्रबंधन ने कोयला चोरी और अवैध वसूली के आरोपों पर फिलहाल कोई विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।

जांच रिपोर्ट पर टिकी निगाहें

अमेरा कोल माइंस में इससे पहले भी उत्पादन, परिवहन व्यवस्था और स्थानीय समस्याओं को लेकर विवाद सामने आते रहे हैं। बारिश के दौरान यहां कोयला उत्पादन प्रभावित होने और परिवहन व्यवस्था बिगड़ने की शिकायतें भी मिल चुकी हैं।

अब विजिलेंस टीम की रिपोर्ट से स्पष्ट होगा कि यह मामला केवल ऑनलाइन सिस्टम की तकनीकी खराबी तक सीमित है या रिकॉर्ड और डिस्पैच व्यवस्था में किसी स्तर पर अनियमितता हुई है। जांच के आधार पर जिम्मेदार अधिकारियों या कर्मचारियों की भूमिका भी तय की जा सकती है।

निष्कर्ष

अमेरा कोल माइंस में शुरू हुई विजिलेंस जांच अभी प्रारंभिक चरण में है। टीम दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड का मिलान कर रही है। आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी। फिलहाल एसईसीएल प्रबंधन इसे तकनीकी प्रक्रिया की समीक्षा बता रहा है।

FAQ

  1. अमेरा कोल माइंस में विजिलेंस टीम क्यों पहुंची?
    कोयला चोरी, परिवहन रिकॉर्ड में गड़बड़ी और कथित अवैध वसूली की शिकायतों के बाद विजिलेंस टीम ने जांच शुरू की।
  2. विजिलेंस टीम किन रिकॉर्ड की जांच कर रही है?
    टीम कोयला उत्पादन, भंडारण, परिवहन रजिस्टर, डिस्पैच रिकॉर्ड, भुगतान फाइलों और ऑनलाइन एंट्री का मिलान कर रही है।
  3. SECL प्रबंधन ने कार्रवाई पर क्या कहा?
    SECL प्रबंधन ने इसे तकनीकी जांच बताया है। प्रबंधन के अनुसार ऑनलाइन डिस्पैच सिस्टम में खराबी के कारण रिकॉर्ड की समीक्षा की जा रही है।

यह खबरें भी पढ़े...

छत्तीसगढ़: ड्राइवर की नजर 50 लाख पर, SECL कर्मी की पत्नी को अगवा कर मांगी 22 लाख की फिरौती

करोड़ों का कोयला घोटाला! उमरिया कोल माइंस में मिला रहे मिट्टी, पीएम तक पहुंची शिकायत

बिजली कंपनी की विजिलेंस टीम ने धमका कर वसूले 73 हजार, ऐसे धरा गई टीम

बस्तर ओलंपिक की सफलता के बाद अब सरगुजा ओलंपिक, उत्तर छत्तीसगढ़ में खेलों का नया दौर



Tags:
  • सरगुजा
  • लखनपुर
  • SECL
  • विजिलेंस टीम
  • अमेरा कोल माइंस
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा