पुलिस प्रमोशन में बड़ा खेल! वर्दी वालों का प्रमोशन, चहेतों के लिए बदले नियम

VINAY VERMA | Jun 22, 2026, 13:45 IST
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पुलिस प्रमोशन विवाद 2026
पुलिस प्रमोशन विवाद 2026

छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग में प्रमोशन व्यवस्था को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। आरोप है कि SI से इंस्पेक्टर और ASI से SI पदोन्नति में नियमों की अनदेखी की जा रही है, और सीधी भर्ती अधिकारियों को अधिक लाभ दिया जा रहा है।

समझें क्या है पूरा मामला

  • प्रमोशन कोटे में सीधी भर्ती अधिकारियों को लाभ
  • 5 साल बाद भी कई SI नहीं बन पा रहे इंस्पेक्टर
  • ASI से एसआई प्रमोशन में भी यही स्थिति
  • पुलिस मुख्यालय की भूमिका पर उठ रहे सवाल
छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग में प्रमोशन को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। आरोप है कि विभागीय अधिकारियों ने अपने चहेते अधिकारियों को फायदा पहुंचाने के लिए प्रमोशन नियमों को दरकिनार कर दिया है। इसका खामियाजा उन सैकड़ों पुलिसकर्मियों को भुगतना पड़ रहा है, जो वर्षों से SI से TI बनने का इंतजार कर रहे हैं। प्रमोशन कोटे की सीटों पर भी सीधी भर्ती वाले अधिकारियों को लाभ दिए जाने से विभाग के भीतर नाराजगी बढ़ती जा रही है।

प्रमोशन के नियमों पर उठे सवाल

छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग में प्रमोशन प्रक्रिया एक बार फिर विवादों के घेरे में है। विभाग के भीतर यह चर्चा तेज है कि प्रमोशन से SI बने अधिकारियों को उनके अधिकारों से वंचित किया जा रहा है। जबकि सेवा नियम स्पष्ट रूप से उनके प्रमोशन की समयसीमा और पात्रता तय करते हैं, इसके बावजूद उन्हें न तो इंस्पेक्टर बनाया जा रहा है और न ही थानों का प्रभार दिया जा रहा है। उनकी जगह सीधी भर्ती से आए अधिकारियों को प्राथमिकता मिलने के आरोप लग रहे हैं।

5 साल वालों का हक, 8 साल वालों को फायदा

पुलिस सेवा नियमों के अनुसार प्रधान आरक्षक से पदोन्नति पाकर ASIऔर फिर SI बनने वाले अधिकारियों को 5 वर्ष की सेवा पूरी होने पर इंस्पेक्टर पद के लिए पात्र माना जाता है। इसके पीछे तर्क यह है कि उनके पास मैदानी अनुभव अधिक होता है। दूसरी ओर, प्रतियोगी परीक्षा के माध्यम से सीधे SI बने अधिकारियों को सामान्यतः 8 वर्ष की सेवा के बाद इंस्पेक्टर पद के लिए पात्र माना गया है। लेकिन विभागीय सूत्रों का दावा है कि व्यवहार में यह व्यवस्था उलट नजर आती है। कई मामलों में सीधी भर्ती वाले अधिकारियों को पांच साल के भीतर ही प्रमोशन का लाभ मिल जाता है।

सैकड़ों SI प्रमोशन का कर रहे इंतजार

विभागीय जानकारी के अनुसार प्रदेश में ऐसे सैकड़ों SI हैं जिन्होंने निर्धारित सेवा अवधि पूरी कर ली है, लेकिन वे आज भी इंस्पेक्टर पद की प्रतीक्षा कर रहे हैं। कई अधिकारियों का कहना है कि पात्रता और अनुभव होने के बावजूद उनका नाम प्रमोशन सूची में शामिल नहीं किया जाता। इससे विभाग में असंतोष का माहौल बन रहा है और वरिष्ठता आधारित व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं।

कोटे का गणित भी बना विवाद की वजह

नियमों के मुताबिक इंस्पेक्टर पदों में लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा सीधी भर्ती अधिकारियों के लिए और 40 प्रतिशत हिस्सा प्रमोशन से आए अधिकारियों के लिए निर्धारित माना जाता है। लेकिन आरोप है कि कई प्रमोशन सूचियों में यह संतुलन पूरी तरह बिगड़ जाता है। कभी सीधी भर्ती अधिकारियों की हिस्सेदारी 75 प्रतिशत तक पहुंच जाती है तो कभी यह आंकड़ा 90 प्रतिशत के करीब दिखाई देता है। ऐसे में प्रमोशन कोटे के अधिकारियों के अवसर लगातार कम होते जा रहे हैं।

ASI से SI प्रमोशन में भी वही कहानी

विवाद केवल SI से इंस्पेक्टर प्रमोशन तक सीमित नहीं है। ASI से SI बनने की प्रक्रिया में भी इसी तरह की शिकायतें सामने आ रही हैं। विभाग के कर्मचारियों का आरोप है कि जिन पदों पर पदोन्नति होनी चाहिए, वहां भी सीधी भर्ती का रास्ता अपनाया जाता है। परिणामस्वरूप वर्षों से सेवा दे रहे ASI अधिकारियों की पदोन्नति अटक जाती है।



PHQ तक पहुंचा मामला, समाधान अब भी बाकी

यह मुद्दा कई बार पुलिस मुख्यालय तक पहुंच चुका है। प्रभावित अधिकारियों को समय पर प्रमोशन देने और लंबित मामलों के निराकरण का आश्वासन भी दिया गया, लेकिन हर नई सूची में वही पुराना पैटर्न देखने को मिलता है। ऐसे में अब विभाग के भीतर यह मांग तेज हो रही है कि प्रमोशन प्रक्रिया की समीक्षा कर नियमों के अनुरूप सभी पात्र अधिकारियों को उनका अधिकार दिया जाए। पुलिस मुख्यालय की आगामी कार्रवाई पर अब सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

FAQ

  1. छत्तीसगढ़ पुलिस प्रमोशन प्रमोशन विवाद क्या है?
    छत्तीसगढ़ पुलिस प्रमोशन विवाद वह स्थिति है जिसमें SI से इंस्पेक्टर और ASI से SI पदोन्नति में नियमों के पालन, कोटे के संतुलन और पात्र अधिकारियों को समय पर प्रमोशन न मिलने को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।
  2. SI से इंस्पेक्टर बनने के नियम क्या हैं?
    नियमों के अनुसार प्रमोशन से बने SI को लगभग 5 साल की सेवा के बाद इंस्पेक्टर पद के लिए पात्र माना जाता है, जबकि सीधी भर्ती वाले SI को सामान्यतः 8 साल बाद पात्रता मिलती है।


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FAQ

  1. छत्तीसगढ़ पुलिस प्रमोशन प्रमोशन विवाद क्या है?
    छत्तीसगढ़ पुलिस प्रमोशन विवाद वह स्थिति है जिसमें SI से इंस्पेक्टर और ASI से SI पदोन्नति में नियमों के पालन, कोटे के संतुलन और पात्र अधिकारियों को समय पर प्रमोशन न मिलने को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।
  2. SI से इंस्पेक्टर बनने के नियम क्या हैं?
    नियमों के अनुसार प्रमोशन से बने SI को लगभग 5 साल की सेवा के बाद इंस्पेक्टर पद के लिए पात्र माना जाता है, जबकि सीधी भर्ती वाले SI को सामान्यतः 8 साल बाद पात्रता मिलती है।


FAQ

  1. छत्तीसगढ़ पुलिस प्रमोशन प्रमोशन विवाद क्या है?
    छत्तीसगढ़ पुलिस प्रमोशन विवाद वह स्थिति है जिसमें SI से इंस्पेक्टर और ASI से SI पदोन्नति में नियमों के पालन, पात्र अधिकारियों को समय पर प्रमोशन न मिलने को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।
  2. SI से इंस्पेक्टर बनने के नियम क्या हैं?
    नियमों के अनुसार प्रमोशन से बने SI को लगभग 5 साल की सेवा के बाद इंस्पेक्टर पद के लिए पात्र माना जाता है, जबकि सीधी भर्ती वाले SI को सामान्यतः 8 साल बाद पात्रता मिलती है।


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