सिंगल यूज मेडिकल डिवाइस पर केंद्र सरकार की रोक, इलाज पर बढ़ेगी अस्पतालों की लागत, मरीजों के बिल पर भी पड़ सकता है असर

VINAY VERMA | Oct 24, 2026, 18:26 IST
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सिंगल यूज मेडिकल डिवाइस के दोबारा इस्तेमाल पर रोक<br>
सिंगल यूज मेडिकल डिवाइस के दोबारा इस्तेमाल पर रोक

Single Use Medical Device Ban :रायपुर। मरीजों की जान बचाने के लिए इस्तेमाल होने वाले मेडिकल उपकरणों से ही अगर संक्रमण फैलने लगे, तो इलाज पर भरोसा कैसे कायम रहेगा? केंद्र सरकार ने इसी खतरे को देखते हुए सिंगल यूज मेडिकल डिवाइस और डिस्पोजेबल सर्जिकल सामग्री के दोबारा इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगाने के निर्देश दिए हैं।

इसका असर छत्तीसगढ़ के (Medical Device Reuse Ban India)सरकारी और निजी अस्पतालों पर भी पड़ेगा। खासकर कार्डियोलॉजी, किडनी, कैंसर और न्यूरोसर्जरी जैसे विभागों में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों की खरीद और प्रबंधन की व्यवस्था बदलनी पड़ सकती है।

स्वास्थ्य सेवा (DGHS Guidelines 2026) महानिदेशालय (DGHS) ने 16 अक्टूबर 2026 को जारी पत्र में साफ किया है कि जिन मेडिकल डिवाइस का इस्तेमाल केवल एक बार करने के लिए बनाया गया है, उन्हें स्टरलाइज करके दोबारा इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।

यह निर्देश सरकारी और निजी, दोनों तरह के स्वास्थ्य संस्थानों पर लागू है। केंद्र ने राज्यों को औचक निरीक्षण करने और नियम तोड़ने वाले अस्पतालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए हैं।

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अस्पतालों में इलाज कराना लगातार महंगा होता जा रहा है। मरीजों को दवाओं और मेडिकल सामान के लिए भारी रकम चुकानी पड़ती है। अब केंद्र सरकार ने भी इस समस्या को स्वीकार किया है। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में बताया कि कुछ दवाओं पर 700% से ज्यादा मार्जिन लिया जा रहा है। मेडिकल सामान पर यह मार्जिन एक हजार प्रतिशत या उससे अधिक भी हो सकता है।
अस्पतालों में इलाज कराना लगातार महंगा होता जा रहा है। मरीजों को दवाओं और मेडिकल सामान के लिए भारी रकम चुकानी पड़ती है। अब केंद्र सरकार ने भी इस समस्या को स्वीकार किया है। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में बताया कि कुछ दवाओं पर 700% से ज्यादा मार्जिन लिया जा रहा है। मेडिकल सामान पर यह मार्जिन एक हजार प्रतिशत या उससे अधिक भी हो सकता है।

इस्तेमाल एक बार का, वसूली पूरी कीमत की?

केंद्र के पत्र में गंभीर सवाल उठाया गया है कि कुछ निजी और कॉर्पोरेट (Hospital Treatment Cost) अस्पताल सिंगल यूज उपकरणों को साफ और स्टरलाइज करने के बाद दोबारा इस्तेमाल कर रहे हैं। कुछ मामलों में मरीजों से ऐसे उपकरणों की पूरी कीमत वसूलने या सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं के तहत गलत क्लेम करने की आशंका भी जताई गई है।

छत्तीसगढ़ में इस निर्देश के बाद अस्पतालों की खरीद व्यवस्था, उपकरणों के इस्तेमाल और मरीजों से लिए जाने वाले बिलों की जांच महत्वपूर्ण हो सकती है। हालांकि, राज्य के अस्पतालों में ऐसे मामलों की संख्या या किसी

संस्थान के खिलाफ कार्रवाई का विवरण उपलब्ध नहीं है। इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि प्रदेश के सभी निजी अस्पताल इस तरह की प्रक्रिया अपना रहे हैं।

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छत्तीसगढ़ के निजी मेडिकल कॉलेजों में छात्रावास और ट्रांसपोर्ट के नाम पर अनिवार्य शुल्क लेने का मामला सामने आया है। प्रवेश एवं फीस विनियामक समिति ने संबंधित कॉलेजों को नोटिस जारी किया है। उनसे सात दिन के भीतर जवाब मांगा गया है। समिति ने अंतरिम राहत भी दी है। अब छात्रावास में रहना हर छात्र के लिए अनिवार्य नहीं होगा।
छत्तीसगढ़ के निजी मेडिकल कॉलेजों में छात्रावास और ट्रांसपोर्ट के नाम पर अनिवार्य शुल्क लेने का मामला सामने आया है। प्रवेश एवं फीस विनियामक समिति ने संबंधित कॉलेजों को नोटिस जारी किया है। उनसे सात दिन के भीतर जवाब मांगा गया है। समिति ने अंतरिम राहत भी दी है। अब छात्रावास में रहना हर छात्र के लिए अनिवार्य नहीं होगा।

संक्रमण का खतरा, नियम तोड़ने पर कार्रवाई

सिंगल यूज मेडिकल डिवाइस को दोबारा इस्तेमाल करने से मरीजों में संक्रमण फैलने, उपकरण खराब होने और इलाज के दौरान गंभीर जटिलताएं पैदा होने का खतरा रहता है। केंद्र ने स्पष्ट किया है कि मेडिकल उपकरणों का इस्तेमाल मूल निर्माता के निर्देशों के मुताबिक ही होना चाहिए।

निर्देश में ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940, मेडिकल डिवाइसेज रूल्स, 2017 और अन्य संबंधित नियमों का पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है। राज्यों के स्वास्थ्य सचिवों, स्वास्थ्य सेवा निदेशकों और औषधि नियंत्रकों को निगरानी और निरीक्षण की जिम्मेदारी दी गई है।

इलाज महंगा होगा या बिल पर बढ़ेगी पारदर्शिता?

इस आदेश का एक अहम पहलू इलाज की लागत है। अगर अस्पतालों को हर मरीज के लिए नए सिंगल यूज उपकरण खरीदने पड़ते हैं, तो उनकी परिचालन लागत बढ़ सकती है। इसका असर मरीजों के बिल पर पड़ेगा या नहीं, यह

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कोटा के सरकारी अस्पताल में सिजेरियन के बाद दो गर्भवती महिलाओं की मौत हो गई है। जांच में स्पष्ट हुआ कि महिलाओं को दवाओं से गंभीर समस्या उत्पन्न हुई। इस घटना के कारण ड्रग विभाग ने 6 दवाओं के उपयोग पर रोक लगाई है। पहले भी कोटा में प्रसूताओं की मौतें हो चुकी हैं। अब स्वास्थ्य विभाग द्वारा मामले की गहराई से जांच की जा रही है।
कोटा के सरकारी अस्पताल में सिजेरियन के बाद दो गर्भवती महिलाओं की मौत हो गई है। जांच में स्पष्ट हुआ कि महिलाओं को दवाओं से गंभीर समस्या उत्पन्न हुई। इस घटना के कारण ड्रग विभाग ने 6 दवाओं के उपयोग पर रोक लगाई है। पहले भी कोटा में प्रसूताओं की मौतें हो चुकी हैं। अब स्वास्थ्य विभाग द्वारा मामले की गहराई से जांच की जा रही है।

अस्पतालों की खरीद व्यवस्था, उपचार की प्रकृति, बीमा कवरेज और संबंधित पैकेज दरों पर निर्भर करेगा। फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि छत्तीसगढ़ में इलाज निश्चित रूप से महंगा हो जाएगा।

दूसरी ओर, इस्तेमाल किए गए उपकरणों के नाम पर पूरी कीमत वसूलने या सरकारी योजनाओं में गलत क्लेम की आशंका पर निगरानी से बिलिंग में पारदर्शिता बढ़ सकती है।

अब छत्तीसगढ़ में यह देखना अहम होगा कि स्वास्थ्य विभाग और औषधि नियंत्रक इस निर्देश के पालन के लिए किस तरह की जांच व्यवस्था बनाते हैं और उल्लंघन मिलने पर क्या कार्रवाई करते हैं।

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कोटा के सरकारी अस्पताल में सिजेरियन के बाद दो गर्भवती महिलाओं की मौत हो गई है। जांच में स्पष्ट हुआ कि महिलाओं को दवाओं से गंभीर समस्या उत्पन्न हुई। इस घटना के कारण ड्रग विभाग ने 6 दवाओं के उपयोग पर रोक लगाई है। पहले भी कोटा में प्रसूताओं की मौतें हो चुकी हैं। अब स्वास्थ्य विभाग द्वारा मामले की गहराई से जांच की जा रही है।

केंद्र के पत्र में यह भी उल्लेख है कि CGHS ने अपने संबद्ध अस्पतालों के लिए 21 दिसंबर 2016 को इस संबंध में कार्यालय ज्ञापन जारी किया था। अब नए निर्देशों के बाद निगरानी का दायरा सरकारी और निजी स्वास्थ्य संस्थानों तक स्पष्ट रूप से लागू करने पर जोर है।

FAQs

सवाल 1: सिंगल यूज मेडिकल डिवाइस पर केंद्र सरकार ने क्या रोक लगाई है?

जवाब:केंद्र सरकार ने सिंगल यूज मेडिकल डिवाइस के दोबारा इस्तेमाल पर रोक लगाई है। इन उपकरणों को स्टरलाइज करके भी दोबारा इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।

सवाल 2: क्या सिंगल यूज मेडिकल डिवाइस पर रोक से इलाज महंगा होगा?

जवाब:अस्पतालों को हर मरीज के लिए नए उपकरण खरीदने होंगे। इससे अस्पतालों की लागत बढ़ सकती है। मरीजों के बिल पर असर पड़ना जरूरी नहीं है।

सवाल 3: सिंगल यूज मेडिकल डिवाइस दोबारा इस्तेमाल करने पर क्या कार्रवाई होगी?

जवाब:केंद्र ने राज्यों को अस्पतालों का औचक निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। नियमों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित अस्पतालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
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