अब गलत पोस्ट के लिए जिम्मेदार होंगी कंपनियां, Facebook-Instagram और X के नियम बदलने की तैयारी

Harrison Masih | Nov 05, 2026, 12:13 IST
Share
सोशल मीडिया कंपनियों पर कसेगा शिकंजा, सरकार IT Act की 'सेफ हार्बर' सुरक्षा खत्म करने पर कर रही विचार
सोशल मीडिया कंपनियों पर कसेगा शिकंजा, सरकार IT Act की 'सेफ हार्बर' सुरक्षा खत्म करने पर कर रही विचार

सोशल मीडिया पर कोई गलत पोस्ट करता है, तो क्या उसके लिए प्लेटफॉर्म भी जिम्मेदार होगा? अब तक इसका जवाब ज्यादातर मामलों में नहीं था। लेकिन आने वाले समय में यह व्यवस्था बदल सकती है। केंद्र सरकार फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और X जैसी कंपनियों को मिलने वाली कानूनी सुरक्षा खत्म करने पर विचार कर रही है।

अगर ऐसा होता है, तो यूजर्स की पोस्ट, वीडियो और कमेंट के लिए सोशल मीडिया कंपनियों की जवाबदेही भी तय हो सकती है।

रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (IT Ministry) ने सोशल मीडिया नियमों में बदलाव पर चर्चा शुरू की है। अभी इन कंपनियों को IT एक्ट की धारा 79 के तहत 'सेफ हार्बर' सुरक्षा मिलती है। इसके तहत यूजर्स की पोस्ट के लिए कंपनियों को सीधे जिम्मेदार नहीं माना जाता।

क्या है सरकार की योजना?

सरकार सोशल मीडिया कंपनियों को मिलने वाली सेफ हार्बर सुरक्षा खत्म करने पर विचार कर रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस सुरक्षा को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से हटाकर इंटरनेट, टेलीकॉम और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स तक सीमित किया जा सकता है।

इसका मतलब है कि फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और X जैसी कंपनियों को अपने प्लेटफॉर्म पर शेयर होने वाले कंटेंट के लिए ज्यादा जवाबदेह बनाया जा सकता है।

फिलहाल किसी यूजर की पोस्ट या कमेंट के लिए प्लेटफॉर्म को सीधे जिम्मेदार नहीं माना जाता। लेकिन नियम बदलने के बाद कुछ मामलों में कंपनी से भी जवाब मांगा जा सकता है।

हालांकि, अभी यह केवल प्रस्ताव पर चल रही चर्चा है। सरकार ने सेफ हार्बर सुरक्षा खत्म करने का अंतिम फैसला नहीं लिया है।


मेटा और गूगल को कैसे मिला फायदा?

सेफ हार्बर सुरक्षा ने मेटा, गूगल और X जैसी कंपनियों को अपना कारोबार बढ़ाने में मदद की है। रिपोर्ट के मुताबिक, इन कंपनियों ने यूजर-जनरेटेड कंटेंट के जरिए बड़े कारोबार खड़े किए हैं।

यूजर-जनरेटेड कंटेंट का मतलब है वह सामग्री, जिसे आम लोग खुद बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर करते हैं। इसमें फोटो, वीडियो, पोस्ट और कमेंट शामिल हैं।

इस सुरक्षा के कारण कंपनियों को हर पोस्ट की कानूनी जिम्मेदारी नहीं उठानी पड़ती। लेकिन सरकार के एक वर्ग का मानना है कि अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म केवल जानकारी पहुंचाने का काम नहीं करते। वे खुद भी कंटेंट की पहुंच तय करते हैं।

एल्गोरिदम से तय होती है पोस्ट की पहुंच

आज सोशल मीडिया कंपनियां एल्गोरिदम (Algorithm) के जरिए तय करती हैं कि किस यूजर को कौन-सी पोस्ट या वीडियो दिखाया जाएगा। वे कुछ कंटेंट को ज्यादा लोगों तक पहुंचाती हैं। वहीं कुछ पोस्ट की पहुंच सीमित कर देती हैं।

इसके अलावा कंपनियां अपनी कम्युनिटी गाइडलाइन के आधार पर पोस्ट हटाती भी हैं। कई बार ये नियम भारतीय कानूनों से अलग हो सकते हैं।

सरकार से जुड़े कुछ लोगों का मानना है कि जब कंपनियां कंटेंट की रैंकिंग और सिफारिश करती हैं, तो उन्हें उसकी जिम्मेदारी भी लेनी चाहिए। इसी वजह से नियमों में बदलाव पर विचार किया जा रहा है।

अमेरिका मिडटर्म चुनाव: डेमोक्रेट्स का सीनेट में बहुमत, ट्रम्प को बड़ा झटका | America Midterm Elections: Democrats Majority in Senate, Big Blow to Trump
मिडटर्म चुनाव में ट्रंप को झटका, डेमोक्रेट्स ने सीनेट में हासिल किया बहुमत, विवेक रामास्वामी भी हारे
04 Nov 2026 ,
By Harrison Masih
अमेरिका की राजनीति में मिडटर्म चुनाव के नतीजों ने बड़ा उलटफेर कर दिया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को चुनाव में करारी हार का सामना करना पड़ा है। विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी ने सीनेट में 51 सीटें जीतकर बहुमत हासिल कर लिया है। वहीं, हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में भी डेमोक्रेट्स 200 से ज्यादा सीटों पर जीत की ओर बढ़ रहे हैं।
अमेरिका की राजनीति में मिडटर्म चुनाव के नतीजों ने बड़ा उलटफेर कर दिया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को चुनाव में करारी हार का सामना करना पड़ा है। विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी ने सीनेट में 51 सीटें जीतकर बहुमत हासिल कर लिया है। वहीं, हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में भी डेमोक्रेट्स 200 से ज्यादा सीटों पर जीत की ओर बढ़ रहे हैं।

इंस्टाग्राम पर CSAM को बढ़ावा देने के आरोप

सोशल मीडिया कंपनियों की जिम्मेदारी को लेकर पहले भी सवाल उठ चुके हैं। ऐसा ही एक मामला इंस्टाग्राम से जुड़ा है।

मेटा के स्वामित्व वाले इंस्टाग्राम पर पेड विज्ञापनों के जरिए भारत में बच्चों के यौन शोषण से जुड़े कंटेंट को बढ़ावा देने के आरोप लगे थे। इस तरह के कंटेंट को चाइल्ड सेक्सुअल एब्यूज मटेरियल (CSAM) कहा जाता है।

इस मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने दिल्ली पुलिस को व्यापक जांच करने का निर्देश दिया था।

आयोग ने पुलिस से यह भी जांचने को कहा था कि क्या टेक कंपनी और दूसरे संबंधित पक्षों ने POCSO एक्ट के तहत जरूरी रिपोर्टिंग की जिम्मेदारी निभाई थी या नहीं।

POCSO एक्ट बच्चों को यौन अपराधों से सुरक्षा देने वाला कानून है। इस मामले में आयोग ने कानून के तहत जरूरी जिम्मेदारियों के पालन की जांच करने को कहा था।

अमित जोगी पर FIR: वोट चोरी के वीडियो पर मचा बवाल, BJP की शिकायत पर दर्ज हुआ केस | Amit Jogi Booked in FIR: Controversy Erupts Over Vote Theft Video, Case Registered on BJP's Complaint
अमित जोगी के खिलाफ FIR दर्ज, पीएम मोदी और ज्ञानेश कुमार के वीडियो पर माफी के बाद भी नहीं टली मुश्किलें
04 Nov 2026 ,
By Harrison Masih
छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत अजीत जोगी के बेटे और जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के नेता अमित जोगी मुश्किलों में घिर गए हैं। उनके खिलाफ रायपुर के सिविल लाइंस थाने में FIR दर्ज की गई है।
छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत अजीत जोगी के बेटे और जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के नेता अमित जोगी मुश्किलों में घिर गए हैं। उनके खिलाफ रायपुर के सिविल लाइंस थाने में FIR दर्ज की गई है।

क्या होता है सेफ हार्बर क्लॉज?

सेफ हार्बर का मतलब है कानूनी सुरक्षा। यह सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 79 के तहत मिलता है।

आसान भाषा में समझें तो सोशल मीडिया कंपनियां एक माध्यम की तरह काम करती हैं। यूजर्स अपने अकाउंट से फोटो, वीडियो और पोस्ट शेयर करते हैं। मौजूदा नियमों के तहत हर पोस्ट के लिए प्लेटफॉर्म को सीधे जिम्मेदार नहीं माना जाता।

उदाहरण के लिए, अगर कोई व्यक्ति फेसबुक पर आपत्तिजनक पोस्ट डालता है, तो उसकी जिम्मेदारी मुख्य रूप से पोस्ट करने वाले व्यक्ति की होती है। फेसबुक को केवल इसलिए जिम्मेदार नहीं माना जाता कि पोस्ट उसके प्लेटफॉर्म पर मौजूद है।

हालांकि, यह सुरक्षा पूरी तरह बिना शर्त नहीं है। कानून के मुताबिक जरूरी कदम उठाने में विफल रहने पर प्लेटफॉर्म की कानूनी सुरक्षा प्रभावित हो सकती है।

₹10 और ₹20 के प्लास्टिक नोट: RBI का बड़ा ऐलान, जानें कब से होंगे शुरू और क्या होगा फायदा | ₹10 and ₹20 Plastic Notes: Big Announcement by RBI, Know When They Will Start and What Will Be the Benefit
₹10 और ₹20 के नोटों को लेकर बड़ी खबर, अब बाजार में आएंगे प्लास्टिक के नोट, जानिए कब से होंगे शुरू
03 Nov 2026 ,
By Umeshwari Baghel
<b>RBI Polymer Notes Update :</b> देश में जल्द ही ₹10 और ₹20 के नोट नए रूप में देखने को मिल सकते हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) छोटे मूल्य के नोटों को ज्यादा मजबूत और टिकाऊ बनाने के लिए पॉलिमर यानी प्लास्टिक से बने नोटों का परीक्षण करने की तैयारी में है। खबरों के मुताबिक, इस योजना की शुरुआत 1 अप्रैल 2027 से हो सकती है।
<b>RBI Polymer Notes Update :</b> देश में जल्द ही ₹10 और ₹20 के नोट नए रूप में देखने को मिल सकते हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) छोटे मूल्य के नोटों को ज्यादा मजबूत और टिकाऊ बनाने के लिए पॉलिमर यानी प्लास्टिक से बने नोटों का परीक्षण करने की तैयारी में है। खबरों के मुताबिक, इस योजना की शुरुआत 1 अप्रैल 2027 से हो सकती है।

सुरक्षा हटने पर क्या होगा?

अगर सरकार सेफ हार्बर की सुरक्षा खत्म करती है, तो सोशल मीडिया कंपनियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। ऐसी स्थिति में यूजर के साथ-साथ प्लेटफॉर्म से भी जवाब मांगा जा सकता है।

कंपनियों को अपने प्लेटफॉर्म पर मौजूद कंटेंट को लेकर ज्यादा सतर्क रहना होगा। उन्हें कानून का उल्लंघन करने वाली सामग्री के मामलों में अपनी जिम्मेदारी निभानी पड़ सकती है।

हालांकि, अभी सरकार इस प्रस्ताव पर चर्चा कर रही है। सेफ हार्बर सुरक्षा खत्म करने का अंतिम फैसला नहीं हुआ है। फिलहाल कंपनियों को धारा 79 के तहत मिलने वाली कानूनी सुरक्षा जारी है। आने वाले समय में सरकार क्या फैसला लेती है, इस पर सबकी नजर रहेगी।

यह खबर क्यों जरूरी है

सोशल मीडिया पर पोस्ट होने वाली सामग्री के लिए कंपनियों की जिम्मेदारी का सवाल सीधे आम यूजर्स और अभिव्यक्ति की आजादी से जुड़ा है। बच्चों से जुड़े आरोपों पर जांच की प्रगति भी सार्वजनिक हित का मामला है। कानूनी ढांचे में कोई बदलाव होने पर इसका असर सभी प्लेटफॉर्म्स पर पड़ेगा।
Tags:
  • nhrc
  • सोशल मीडिया
  • Social Media Rules India
  • सोशल मीडिया नियमों में बदलाव
  • आईटी मंत्रालय भारत
  • सेफ हार्बर सुरक्षा
जेल में कैद हत्यारा 5 दिन तक थाईलैंड में मनाता रहा छुट्टियां, इधर जेल में सुबह-शाम लगती रही फर्जी हाजिरी

By Ashish Bhardwaj

जेल में कैद हत्यारा 5 दिन तक थाईलैंड में मनाता रहा छुट्टियां, इधर जेल में सुबह-शाम लगती रही फर्जी हाजिरी
दिवाली से पहले हड़ताल पर गए एमपी के 1 लाख से ज्यादा सफाईकर्मी, बोले- मांगें नहीं मानीं तो काम पर नहीं लौटेंगे

By Aman Vaishnav

दिवाली से पहले हड़ताल पर गए एमपी के 1 लाख से ज्यादा सफाईकर्मी, बोले- मांगें नहीं मानीं तो काम पर नहीं लौटेंगे
RSS की बैठक के बाद शहर के प्रमुख वर्ग के साथ डिनर पर पहुंचे संघ के पदाधिकारी, Gen Z पर भी की चर्चा

By Sanjay Gupta

RSS की बैठक के बाद शहर के प्रमुख वर्ग के साथ डिनर पर पहुंचे संघ के पदाधिकारी, Gen Z पर भी की चर्चा
राजस्थान के IAS शिखर अग्रवाल केस में CBI जांच की चर्चा तेज, मंत्री खर्रा और डिप्टी CM ने कह दी ये बात

By Jageshwar Prasad

राजस्थान के IAS शिखर अग्रवाल केस में CBI जांच की चर्चा तेज, मंत्री खर्रा और डिप्टी CM ने कह दी ये बात
एमपी में बाल विवाह पर नहीं लग रही लगाम! पांच साल में 47% बढ़े मामले, देवउठनी ग्यारस पर अलर्ट मोड में रहेगा प्रशासन

By Aman Vaishnav

एमपी में बाल विवाह पर नहीं लग रही लगाम! पांच साल में 47% बढ़े मामले, देवउठनी ग्यारस पर अलर्ट मोड में रहेगा प्रशासन
रायपुर में D.Ed अभ्यर्थियों का उग्र प्रदर्शन, नियुक्ति की मांग को लेकर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव का बंगला घेरा

By Harrison Masih

रायपुर में D.Ed अभ्यर्थियों का उग्र प्रदर्शन, नियुक्ति की मांग को लेकर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव का बंगला घेरा
कम्प्यूटर अनुदेशक और महिला पर्यवेक्षक भर्ती के परिणाम जारी, 12 से 21 नवंबर तक ऑनलाइन स्क्रूटनी फॉर्म भरने का मौका

By Jageshwar Prasad

कम्प्यूटर अनुदेशक और महिला पर्यवेक्षक भर्ती के परिणाम जारी, 12 से 21 नवंबर तक ऑनलाइन स्क्रूटनी फॉर्म भरने का मौका