छात्रा ने किया नकल का स्टिंग, छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने पूछा- दोषियों पर क्या हुई कार्रवाई

Aishwarya Dwivedi | May 03, 2026, 16:21 IST
Share
student-cheating-sting-high-court-action
student-cheating-sting-high-court-action

महासमुंद नकल कांड में हाई कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए शिक्षा सचिव को नोटिस जारी किया है। स्टिंग ऑपरेशन करने वाली बहादुर छात्रा की शिकायत पर अब कोर्ट ने विस्तृत जवाब मांगा है।

NEWS IN SHORT

  • हाई कोर्ट ने नकल कांड पर लिया स्वतः संज्ञान।
  • शिक्षा सचिव को शपथ पत्र के साथ नोटिस जारी।
  • छात्रा नीता जगत ने किया था साहसी स्टिंग ऑपरेशन।
  • शिक्षकों पर लगे नकल कराने के गंभीर आरोप।
  • कोर्ट ने पूछा- दोषियों पर अब तक क्या कार्रवाई हुई

NEWS IN DETAIL

छत्तीसगढ़ में ईमानदारी से मेहनत करने वाले विद्यार्थियों के भविष्य को लेकर बिलासपुर हाई कोर्ट ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। महासमुंद जिले के भंवरपुर स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय में 12वीं की बोर्ड परीक्षा के दौरान हुए नकल कांड और एक छात्रा द्वारा किए गए साहसी स्टिंग ऑपरेशन को अदालत ने अत्यंत गंभीरता से लिया है।

चीफ जस्टिस की बेंच ने लिया स्वतः संज्ञान

मीडिया में प्रकाशित खबरों और छात्रा की बहादुरी पर गौर करते हुए चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की डिवीजन बेंच ने इस मामले को जनहित याचिका (PIL) के रूप में स्वीकार किया है। न्यायालय ने छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा सचिव को नोटिस जारी कर इस पूरे प्रकरण पर शपथ पत्र के साथ जवाब तलब किया है। कोर्ट ने स्पष्ट रूप से पूछा है कि मीडिया में जिन शिक्षकों के नाम नकल कराने में संलिप्त पाए गए हैं, उन पर अब तक क्या दंडात्मक कार्रवाई की गई है।

साहसी छात्रा नीता जगत का मिशन क्लीन एग्जाम

यह पूरा मामला बसना ब्लॉक के रोहिणी गांव की छात्रा नीता जगत के साहस से जुड़ा है। नीता, जो स्वयं सरस्वती शिशु मंदिर की छात्रा है, उसका परीक्षा केंद्र स्वामी आत्मानंद स्कूल, भंवरपुर में था।

परीक्षा के दौरान जब उसने देखा कि शिक्षक स्वयं छात्रों को उत्तर लिखवा रहे हैं और मोबाइल का खुलेआम उपयोग हो रहा है, तो उसने चुप रहने के बजाय सबूत जुटाने का निर्णय लिया। नीता ने स्टिंग ऑपरेशन के जरिए नकल की गतिविधियों को रिकॉर्ड किया। छात्रा का मार्मिक सवाल था, "अगर इस तरह नकल होगी, तो ईमानदारी से पढ़ाई करने वाले छात्र क्या करेंगे?"

दबाव, धमकियां और प्रशासनिक उदासीनता

रिपोर्ट के अनुसार, जब नीता ने इस अनैतिक कार्य का विरोध किया, तो केंद्र अधीक्षक और स्कूल के प्रिंसिपल ने उसे सुरक्षा देने के बजाय फटकार लगाई। उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया और यहाँ तक कि अंग्रेजी की परीक्षा के दौरान उसकी डेस्क पर पहले से लिखकर उसे झूठे केस में फंसाने की साजिश भी रची गई। इस भारी दबाव के कारण छात्रा बीमार पड़ गई, लेकिन उसने हार नहीं मानी। जिला स्तर पर सुनवाई न होने पर उसने रायपुर स्थित माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) के कार्यालय पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई।

हाईकोर्ट ने इन्हें बनाया पक्षकार

मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च न्यायालय ने प्रमुख पक्षकार बनाया है:
1. मुख्य सचिव, छत्तीसगढ़ शासन।
2. सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग।
3. सचिव, छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल।
4. कलेक्टर, महासमुंद।
5. जिला शिक्षा अधिकारी (DEO), महासमुंद।
6. ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (BEO), बसना।
7. प्रिंसिपल, स्वामी आत्मानंद स्कूल, भंवरपुर।

परिणाम रोककर दोबारा हो परीक्षा

नीता जगत ने मांग की है कि भंवरपुर केंद्र के परीक्षा परिणाम तत्काल रोके जाएं और निष्पक्ष जांच के बाद परीक्षाएं दोबारा आयोजित की जाएं। साथ ही, उन सभी पर्यवेक्षकों और अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई हो जिन्होंने शिक्षा के मंदिर को कलंकित किया है।

अब सबकी नजरें हाईकोर्ट की अगली सुनवाई और सरकार द्वारा पेश किए जाने वाले शपथ पत्र पर टिकी हैं। यह मामला न केवल एक जिले का है, बल्कि पूरे प्रदेश की परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता के लिए एक लिटमस टेस्ट बन गया है।

निष्कर्ष

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट का यह कदम शिक्षा व्यवस्था में शुचिता बहाल करने की दिशा में मील का पत्थर है। छात्रा नीता जगत का साहस यह संदेश देता है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाना जरूरी है। अब प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह दोषियों पर कड़ी कार्रवाई कर ईमानदारी से पढ़ने वाले छात्रों का भरोसा जीतें।

यह खबरें भी पढ़ें...

वन सेवा भर्ती में छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट का बड़ा फैसला; वॉक टेस्ट में फेल अभ्यर्थियों को नहीं मिलेगा दूसरा मौका

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित; 18 मई से 12 जून तक छुट्टियां, वेकेशन बेंच करेगी अर्जेंट मामलों की सुनवाई

छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट का बड़ा फैसला; रेरा कोर्ट नहीं, सिर्फ एक नियामक संस्था है

सरकारी नौकरी: छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में 133 पदों पर निकली वैकेंसी, 25 नंवबर लास्ट डेट

Tags:
  • छत्तीसगढ़
  • छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट
  • बिलासपुर
  • छत्तीसगढ़ शासन
  • छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल
  • स्टिंग ऑपरेशन
  • बोर्ड परीक्षा
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी

By VINAY VERMA

IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं

By Ashish Bhardwaj

राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई

By Arun Tiwari

पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच

By Jitendra Shrivastava

भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज

By Sanjay Dhiman

UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज
अस्पताल का लैब बोतलों में भ्रूण : कोरबा के लाइफ केयर हॉस्पिटल में कौन सा खेल? कोर्ट को भी नहीं मिला जवाब

By VINAY VERMA

अस्पताल का लैब बोतलों में भ्रूण : कोरबा के लाइफ केयर हॉस्पिटल में कौन सा खेल? कोर्ट को भी नहीं मिला जवाब
RCA चुनाव में बड़ा उलटफेर, राजेंद्र राठौड़ के बेटे पराक्रम सिंह ने छोड़ा मैदान

By Ashish Bhardwaj

RCA चुनाव में बड़ा उलटफेर, राजेंद्र राठौड़ के बेटे पराक्रम सिंह ने छोड़ा मैदान