सरगुजा में बिजली गिरने से दो बच्चों समेत 3 की मौत, एक मासूम गंभीर रूप से झुलसी
Harrison Masih | Jun 30, 2026, 12:31 IST
सरगुजा में बिजली गिरने से 3 की मौत 2026
छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के डुमकी गांव में आकाशीय बिजली गिरने से बड़ा हादसा हो गया। पेड़ के नीचे खड़े दो बच्चों और एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक 12 वर्षीय बच्ची झुलस गई। घायल बच्ची का धौरपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज चल रहा है।
समझें क्या है पूरा मामला
कैसे हुआ हादसा
इसी दौरान डुमकी गांव में तीन बच्चे आम बीनने के लिए एक पेड़ के नीचे खड़े थे। पास में बैल चरा रहा एक युवक भी बारिश से बचने के लिए उसी पेड़ के नीचे आ गया।
तभी अचानक पेड़ पर बिजली गिर गई (Lightning strike) और चारों उसकी चपेट में आ गए।
किनकी हुई मौत
सागर की बड़ी बहन 12 साल की श्रद्धा गंभीर रूप से झुलस गई। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई।
मृतक रानी ग्राम डबरा, बलरामपुर की रहने वाली थी। वह रिश्तेदारी में धौरपुर आई हुई थी।
सरगुजा
घायल बच्ची का इलाज जारी
डॉक्टरों के मुताबिक, बच्ची की हालत फिलहाल खतरे से बाहर है और उसका इलाज चल रहा है। वहीं, पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए धौरपुर अस्पताल भेज दिया है।
बिजली गिरने के दौरान क्या करें
बिजली चमकने पर इन बातों का रखें ध्यान
लोहे की छतरी का उपयोग न करें। मोबाइल फोन और एफएम रेडियो जैसे उपकरणों का इस्तेमाल बंद कर दें।
खेतों में काम करने वाले किसान, मजदूर और पशुपालक आंधी-तूफान शुरू होते ही सूखी जमीन वाले सुरक्षित स्थान पर पहुंच जाएं। तार वाले टेलीफोन का इस्तेमाल न करें।
घर के अंदर हों तो कमरे के बीच में रहें। खिड़की, बाहरी दरवाजे, बालकनी और कंक्रीट की दीवारों से दूर रहें।
अकेले खड़े पेड़ या ऊंचे पेड़ के नीचे शरण लेना बिजली गिरने से होने वाली मौत का मुख्य कारण है। स्विमिंग पूल, झील, नदी या समुद्र तट से तुरंत बाहर निकल जाएं।
FAQ
- सरगुजा में बिजली गिरने से कितने लोगों की मौत हुई?
डुमकी गांव में बिजली गिरने की घटना में कुल 3 लोगों की मौत हुई। मृतकों में 5 वर्षीय सागर, 9 वर्षीय रानी और 36 वर्षीय राम साय शामिल हैं। वहीं 12 वर्षीय श्रद्धा गंभीर रूप से झुलस गई, जिसका अस्पताल में इलाज जारी है। - क्या बारिश में पेड़ के नीचे खड़ा होना सुरक्षित है?
नहीं। आंधी-तूफान और बिजली चमकने के दौरान पेड़ के नीचे खड़ा होना सुरक्षित नहीं है। बिजली अक्सर ऊंचे और अकेले खड़े पेड़ों पर गिरती है, जिससे उनके नीचे मौजूद लोग इसकी चपेट में आ सकते हैं। ऐसे मौसम में सबसे सुरक्षित विकल्प किसी पक्की इमारत या बंद वाहन में शरण लेना है।
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