छत्तीसगढ़ में सुशासन का नया मॉडल : युवाओं को मिलेगी पब्लिक पॉलिसी की डिग्री

Umeshwari Baghel | Jun 23, 2026, 13:52 IST
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छत्तीसगढ़ में सुशासन का नया मॉडल
छत्तीसगढ़ में सुशासन का नया मॉडल

छत्तीसगढ़ सरकार ने मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप योजना के दूसरे बैच की शुरुआत की है। इस कार्यक्रम के तहत 36 चयनित युवाओं को आईआईएम रायपुर में दो साल का एमबीए करने का अवसर मिलेगा।

समझें क्या है पूरा मामला

Raipur। छत्तीसगढ़ सरकार ने मुख्यमंत्री सुशासन फैलोशिप योजना का दूसरा बैच (सत्र 2026-28) शुरू कर दिया है। इसके लिए चुने गए युवाओं का ओरिएंटेशन कार्यक्रम आईआईएम रायपुर में हुआ। इस पहल का मकसद युवाओं को सिर्फ किताबी ज्ञान न देकर, सीधे सरकारी कामकाज और नीतियां बनाने के तरीके सिखाना है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप यह कार्यक्रम सुशासन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

36 चयनित युवाओं को मिलेगी एमबीए की डिग्री

इस बैच में राज्य के 19 जिलों से कुल 36 प्रतिभाशाली युवाओं का चयन किया गया है। इन सभी को दो वर्षीय एमबीए (पब्लिक पॉलिसी एंड गवर्नेंस) प्रोग्राम में प्रशिक्षण और शिक्षा का अवसर मिलेगा।

चयन प्रक्रिया में सामाजिक समावेशिता का विशेष ध्यान रखा गया है। इस बैच में अनुसूचित जनजाति वर्ग के 12 और अनुसूचित जाति वर्ग के 4 अभ्यर्थियों को शामिल किया गया है। यह पहल राज्य में समान अवसर और प्रतिनिधित्व की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास के रूप में देखी जा रही है।

सुशासन की नई परिभाषा

कार्यक्रम में उपस्थित सुशासन एवं अभिसरण विभाग के सचिव राहुल भगत ने कहा कि सुशासन केवल नीतियां बनाने तक सीमित नहीं होता, बल्कि उसकी वास्तविक सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि योजनाएं जनता तक कितनी तेजी और प्रभावी तरीके से पहुंचती हैं।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आज के समय में डिजिटल गवर्नेंस और डेटा आधारित निर्णय प्रणाली प्रशासन का अभिन्न हिस्सा बन चुकी है। इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ती है, बल्कि सरकारी योजनाओं का असर भी अधिक सटीक और परिणाममुखी हो जाता है।

आईआईएम रायपुर में प्रशिक्षण और प्रशासनिक समझ का विकास

इस फेलोशिप कार्यक्रम को इस तरह डिजाइन किया गया है कि चयनित युवा केवल किताबों तक सीमित न रहें, बल्कि उन्हें वास्तविक प्रशासनिक अनुभव भी प्राप्त हो। आईआईएम रायपुर जैसे बड़े संस्थान में एमबीए की पढ़ाई के साथ ही सरकारी नीतियां बनाने, विकास के काम संभालने और अच्छे प्रशासन को करीब से समझने का मौका मिलेगा।

फेलोज़ को विभिन्न सरकारी विभागों और जिलों में काम करने का अवसर मिलेगा, जहां वे योजनाओं के क्रियान्वयन, प्रशासनिक प्रक्रियाओं और विकास परियोजनाओं को नजदीक से समझ सकेंगे। यह अनुभव उन्हें भविष्य में नीति निर्माण और प्रशासनिक नेतृत्व के लिए तैयार करेगा।

डिजिटल गवर्नेंस और आधुनिक प्रशासनिक सोच पर जोर

कार्यक्रम के दौरान विशेष सचिव रजत बंसल और संयुक्त सचिव मयंक अग्रवाल ने भी छात्रों से संवाद किया। उन्होंने डिजिटल गवर्नेंस, प्रशासनिक सुधार और डेटा आधारित नीति निर्माण जैसे विषयों पर अपने अनुभव साझा किए।

उन्होंने युवाओं को यह समझाने का प्रयास किया कि आधुनिक शासन प्रणाली में तकनीक की भूमिका लगातार बढ़ रही है और भविष्य का प्रशासन उन्हीं लोगों के हाथों में होगा जो डेटा और तकनीक को बेहतर तरीके से समझते हैं।

युवाओं की भूमिका से मजबूत होगा सुशासन मॉडल

सरकार का मानना है कि युवाओं की नई सोच और जोश को सरकारी काम से जोड़ना चाहिए। इससे पूरी शासन व्यवस्था ज्यादा असरदार और जिम्मेदार बनेगी।

यह योजना सिर्फ डिग्री देने के लिए नहीं है। इसका असली मकसद युवाओं को सीधे सरकार के कामकाज और फैसले लेने की प्रक्रिया से जोड़ना है। इससे सरकारी योजनाएं बनाने और उन्हें जमीन पर सही तरह से लागू करने के बीच का अंतर खत्म होगा।

दो वर्षों का अनुभव बनेगा करियर की मजबूत नींव

इस योजना के तहत चयनित युवा अगले दो वर्षों तक अध्ययन और प्रशिक्षण के साथ-साथ प्रशासनिक कार्यों में भी सक्रिय भागीदारी निभाएंगे। यह अनुभव उनके करियर के लिए एक मजबूत आधार तैयार करेगा और उन्हें भविष्य में नीति विशेषज्ञ, प्रशासनिक सलाहकार या विकास क्षेत्र के नेतृत्वकर्ता के रूप में आगे बढ़ने में मदद करेगा।

सरकार का यह प्रयास छत्तीसगढ़ को सुशासन और नवाचार आधारित प्रशासन की दिशा में आगे ले जाने की रणनीति का हिस्सा है, जिसमें युवाओं की भूमिका को केंद्र में रखा गया है।

महत्वपूर्ण तथ्य

छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री सुशासन फेलोशिप योजना के दूसरे बैच में 36 युवाओं का चयन हुआ है।
यह कार्यक्रम IIM रायपुर में संचालित होगा और 2 साल तक चलेगा।
युवाओं को पब्लिक पॉलिसी और गवर्नेंस में MBA की डिग्री मिलेगी।
योजना में प्रशासनिक कार्यों का व्यावहारिक अनुभव भी शामिल है।
19 जिलों से चयनित प्रतिभागियों में SC और ST वर्ग का विशेष प्रतिनिधित्व है।

निष्कर्ष

मुख्यमंत्री सुशासन फैलोशिप योजना का दूसरा बैच राज्य में प्रशासनिक सुधार और युवा सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह कार्यक्रम न केवल शिक्षा और प्रशिक्षण का अवसर देता है, बल्कि युवाओं को वास्तविक प्रशासनिक दुनिया से जोड़कर उन्हें भविष्य के नेतृत्व के लिए तैयार करता है।

FAQ

  1. मुख्यमंत्री फेलोशिप योजना क्या है?
    यह छत्तीसगढ़ सरकार की योजना है जिसमें युवाओं को प्रशासनिक अनुभव और MBA की पढ़ाई का अवसर दिया जाता है। इसका उद्देश्य सुशासन और नीति निर्माण में युवाओं की भागीदारी बढ़ाना है।
  2. इस योजना में कितने युवाओं का चयन हुआ है?
    दूसरे बैच में कुल 36 युवाओं का चयन किया गया है। ये युवा 19 जिलों से चुने गए हैं और IIM रायपुर में प्रशिक्षण लेंगे।
  3. इस फेलोशिप से क्या लाभ मिलेगा?
    युवाओं को MBA (पब्लिक पॉलिसी एंड गवर्नेंस) की डिग्री मिलेगी। साथ ही उन्हें सरकारी विभागों में काम करने का व्यावहारिक अनुभव भी मिलेगा।

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