छत्तीसगढ़ में शिक्षकों की कमी, ढाई साल में सिर्फ 2 हजार मास्साब की भर्ती
Arun Tiwari | Jul 14, 2026, 11:30 IST
स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती का संकट
छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में 50 हजार से ज्यादा शिक्षकों के पद खाली हैं। इनमें 30 हजार पद प्राथमिक स्कूलों के हैं। इस बड़ी कमी के कारण 36 लाख बच्चों का भविष्य संकट में है।
समझें क्या है पूरा मामला
- प्रदेश में 50 हजार शिक्षकों की कमी
- 36 लाख बच्चों का भविष्य अंधकार में
- प्राथमिक स्कूलों में 30 हजार शिक्षकों की जरुरत
- शिक्षक भर्ती का कोई प्लान नहीं
- ढाई साल में 2 हजार की भर्ती
प्राथमिक शिक्षा पर बड़ा संकट
कैसे पढ़ें 36 लाख बच्चे :
शिक्षकों की कमी से सीधे तौर पर इनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। सबसे गंभीर स्थिति प्राथमिक स्कूलों की है, जहां बच्चों की बुनियादी शिक्षा का आधार तैयार होता है, लेकिन वहीं सबसे ज्यादा शिक्षक नहीं हैं। शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश की प्राथमिक शालाओं में लगभग 30 हजार शिक्षकों के पद खाली हैं।
इसका सीधा असर पहली से पांचवीं तक पढ़ने वाले विद्यार्थियों पर पड़ रहा है। कई स्कूल ऐसे हैं जहां एक ही शिक्षक पूरा स्कूल चला रहा है। जबकि कई स्कूलों में सब्जेक्ट के हिसाब से टीचर नहीं हैं। ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में स्थिति चिंताजनक है।
प्रदेश में स्कूलों की स्थिति :
- प्राथमिक स्कूल - 22447
- माध्यमिक स्कूल - 11069
- हाईस्कूल - 1851
- हायर सेकंडरी स्कूल - 2889
- इनमें पढ़ने वाले छात्रों की संख्या - 3629171
- शिक्षकों के पद भरे हुए - 126943
- शिक्षकों के खाली पद - 50272
ढाई साल में 2 हजार की भर्ती :
राष्ट्रीय शिक्षा नीति भी शुरुआती कक्षाओं में मजबूत आधारभूत शिक्षा पर जोर देती है, लेकिन शिक्षक नहीं होने से इस लक्ष्य को हासिल करना मुश्किल हो रहा है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि सरकार इस समस्या को दूर करने की गति क्यों नहीं बढ़ा पा रही है। मौजूदा सरकार को सत्ता में आए ढाई वर्ष से अधिक समय हो चुका है, लेकिन इस दौरान सिर्फ 2104 शिक्षकों की भर्ती कर पाई है।
छत्तीसगढ़ में शिक्षकों की कमी
इतने पद खाली :
- सहायक शिक्षक - 30172
- शिक्षक - 11487
- व्याख्याता - 8513
अब आगे क्या :
निष्कर्ष :
कई स्कूलों में नियमित शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं और अतिथि शिक्षकों या वैकल्पिक व्यवस्थाओं के भरोसे पढ़ाई चल रही है। इससे बच्चों की नियमित पढ़ाई, मूल्यांकन और सीखने की क्षमता पर असर पड़ रहा है। अभिभावकों का कहना है कि सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी के कारण उन्हें मजबूरी में निजी स्कूलों की ओर रुख करना पड़ रहा है, जबकि आर्थिक रूप से यह सभी परिवारों के लिए संभव नहीं है।
FAQ
- छत्तीसगढ़ में शिक्षकों के कुल कितने पद खाली हैं?
उत्तर: छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के कुल 50,272 पद खाली हैं। इनमें सबसे ज्यादा 30,172 पद प्राथमिक स्कूलों में सहायक शिक्षकों के हैं। - शिक्षकों की कमी से छत्तीसगढ़ में कितने छात्र प्रभावित हो रहे हैं?
उत्तर: छत्तीसगढ़ के प्राथमिक से लेकर हायर सेकंडरी स्कूलों में पढ़ने वाले करीब 36 लाख छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। कई स्कूल एकल शिक्षकीय भरोसे चल रहे हैं।
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