अश्लील हरकत और द्विअर्थी बातें करने वाले टीचर किए जाएंगे रिटायर
Arun Tiwari | Feb 24, 2025, 15:16 IST
Teachers make obscene gestures and talk in double meaning retired
शिक्षा के क्षेत्र में काम करने वाली संस्था असर के सर्वे में सामने आया है कि छत्तीसगढ़ में प्राथमिक शिक्षा की हालत बहुत खराब है। सीएम ने इस रिपोर्ट को गंभीरता से लिया है।
बच्चों की पढ़ाई लिखाई के मामले में विष्णु सरकार अब कुछ सख्त फैसले लेने वाली है। इसके पीछे दो कारण हैं। एक तो सीएम के पास ऐसे टीचर्स की शिकायतें पहुंची है जो शराब पीकर स्कूल आते हैं और अश्लील हरकतें करते है। दूसरा कारण यह है कि हाल ही में शिक्षा के क्षेत्र में काम करने वाली संस्था असर के सर्वे में सामने आया है कि छत्तीसगढ़ में प्राथमिक शिक्षा की हालत बहुत खराब है।
सीएम ने इस रिपोर्ट को गंभीरता से लिया है। सीएम के निर्देश के बाद शिक्षकों की नई तबादला नीति का मसौदा तैयार किया है। इस पॉलिसी में लिखा है कि अश्लील हरकतें और द्विअर्थी बातें करने वाले टीचरों को कंपलसरी रिटायरमेंट दिया जाएगा यानी उनको जबरिया रिटायर किया जाएगा। साथ ही 30 फीसदी से कम रिजल्ट आने पर ब्लॉक शिक्षा अधिकारी और जिला शिक्षा अधिकारी जवाबदेह माने जाएंगे।
ये खबर भी पढ़िए...Weather Update : पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव... गरज-चमक के साथ कराएगा बारिश
नए शिक्षा सत्र से पहले विष्णु सरकार कुछ नया कुछ सख्त करने वाली है। सरकार ने शिक्षकों की नई तबादला नीति का मसौदा तैयार किया है। इस तबादला नीति को नए शिक्षण सत्र में लागू किया जाएगा। नीति तो तबादले की है लेकिन इसमें कुछ ऐसे प्रावधान किए गए हैं जो शिक्षकों को जबरिया रिटायरमेंट भी देंगे।
सीएम विष्णुदेव साय के सामने स्कूली बच्चों की कुछ ऐसी शिकायतें आई हैं जिनको उन्होंने बेहद गंभीरता से लिया है। बच्चों ने स्कूलों में शिक्षकों के शराब पीकर आने, लड़कियों के साथ अश्लील हरकतें करने और सार्वजनिक तौर पर द्विअर्थी बातें करने की शिकायत की है।
सकार ने इस नई नीति में यह तय किया है कि जो टीचर स्कूल में शराब पीकर आएंगे, बच्चों के साथ बेड टच करेंगे या फिर डबल मीनिंग में बात करेंगे, उनको कंपलसरी रिटायरमेंट यानी जबरिया रिटायर किया जाएगा।
ये खबर भी पढ़िए...छत्तीसगढ़ त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के तीसरे और अंतिम चरण की वोटिंग आज
केस नंबर 1 : बालोद जिले में शिक्षक प्रभात पाठक की शिकायत की गई। बच्चों ने कहा कि प्रभात पाठक गलत टच करते हैं और गलत बातें करते हैं। इस शिकायत के बाद पाठक को सस्पेंड कर दिया गया।
केस नंबर 2 : बलरामपुर में शिकायत के बाद एक शिक्षक पर पॉस्को एक्ट लागू किया गया। शिक्षक बंद कमरे में छात्राओं को बुलाकर बेड टच करता था। सरकार ने इस शिक्षक को सस्पेंड कर दिया।
केस नंबर 3 : महासमुंद के एक स्कूल में कुछ टीचर हमेशा शराब पीकर आते थे। यह टीचर सड़क पर भी हंगामा करते देखे गए। इन पर निलंबन की कार्रवाई की गई।
केस नंबर 4 : बिलासपुर जिले के एक स्कूल में लेक्चरर ने गणतंत्र दिवस पर सार्वजनिक रुप से माइक पर डबल मीनिग कविता सुनाई। इसको भी सस्पेंड कर दिया गया।
ये खबर भी पढ़िए...किसानों को धान समर्थन मूल्य भुगतान के लिए 3300 करोड़ रुपए की मंजूरी
इस पॉलिसी में यह भी तय किया गया है कि तीस फीसदी से कम रिजल्ट आने पर ब्लॉक शिक्षा अधिकारी और जिला शिक्षा अधिकारी पर कार्रवाई की जाएगी। वहीं लंबे समय से अनुपस्थित और खराब रिजल्ट देने वाले शिक्षकों पर भी कार्रवाई होगी। ऐसे शिक्षकों की सूची तैयार की जा रही है।
नए शिक्षा सत्र से पहले इन पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। हाल ही में शिक्षा पर काम करने वाली संस्था असर ने अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपी है जिसमें कहा गया है कि प्रदेश के प्राथमिक स्कूलों की स्थिति बेहद खराब है। बच्चों को हिंदी के अक्षर और गणित के नंबर तक समझ में नहीं आते।
प्राथमिक शिक्षा किसी बच्चे की पढ़ाई लिखाई की नींव मानी जाती है। छत्तीसगढ़ में पांच हजार से ज्यादा स्कूल ऐसे हैं जहां पर एक ही शिक्षक है। कई स्कूल ऐसे भी हैं जो शिक्षक विहीन हैं। द सूत्र ने प्रमुखता से यह खबर दिखाई थी की सीएम के गृह जिले जशपुर में भी बिना शिक्षकों के भरोसे स्कूल चल रहे हैं।
प्रदेश में 7 हजार टीचर सरप्लस हैं। इनका युक्तियुक्त करण कर इनको बिना शिक्षकों वाले और एक शिक्षक वाले स्कूलों में पदस्थ किया जाएगा। ये वे टीचर हैं जो सिफरिश से शहरों के स्कूल में बैठे हैं या फिर मंत्री स्टॉफ में लग गए हैं।
ये खबर भी पढ़िए...एमिटी यूनिवर्सिटी की डीजे नाइट में फूटे सिर...बीजेपी का लगा था झंडा
इस नीति में सरकार ने स्कूलों के नियमित निरीक्षण को भी जरुरी किया है। बालक_बालिका स्कूल अलग अलग न होकर अब एक स्कूल में ही संचालि होंगे। बच्चों की यूनिफॉर्म के रंग में बदलाव किया जाएगा। पिछड़े इलाकों में शिक्षा के लिए विशेष रणनीति बनेगी और बेहतर शिक्षा वाले दूसरे राज्यों का अध्ययन कर उन बातों को प्रदेश की शिक्षा नीति में शामिल किया जाएगा।
सीएम ने इस रिपोर्ट को गंभीरता से लिया है। सीएम के निर्देश के बाद शिक्षकों की नई तबादला नीति का मसौदा तैयार किया है। इस पॉलिसी में लिखा है कि अश्लील हरकतें और द्विअर्थी बातें करने वाले टीचरों को कंपलसरी रिटायरमेंट दिया जाएगा यानी उनको जबरिया रिटायर किया जाएगा। साथ ही 30 फीसदी से कम रिजल्ट आने पर ब्लॉक शिक्षा अधिकारी और जिला शिक्षा अधिकारी जवाबदेह माने जाएंगे।
ये खबर भी पढ़िए...Weather Update : पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव... गरज-चमक के साथ कराएगा बारिश
नई पॉलिसी में डबल मीनिंग पर डंडा
सीएम विष्णुदेव साय के सामने स्कूली बच्चों की कुछ ऐसी शिकायतें आई हैं जिनको उन्होंने बेहद गंभीरता से लिया है। बच्चों ने स्कूलों में शिक्षकों के शराब पीकर आने, लड़कियों के साथ अश्लील हरकतें करने और सार्वजनिक तौर पर द्विअर्थी बातें करने की शिकायत की है।
सकार ने इस नई नीति में यह तय किया है कि जो टीचर स्कूल में शराब पीकर आएंगे, बच्चों के साथ बेड टच करेंगे या फिर डबल मीनिंग में बात करेंगे, उनको कंपलसरी रिटायरमेंट यानी जबरिया रिटायर किया जाएगा।
ये खबर भी पढ़िए...छत्तीसगढ़ त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के तीसरे और अंतिम चरण की वोटिंग आज
केस नंबर 1 : बालोद जिले में शिक्षक प्रभात पाठक की शिकायत की गई। बच्चों ने कहा कि प्रभात पाठक गलत टच करते हैं और गलत बातें करते हैं। इस शिकायत के बाद पाठक को सस्पेंड कर दिया गया।
केस नंबर 2 : बलरामपुर में शिकायत के बाद एक शिक्षक पर पॉस्को एक्ट लागू किया गया। शिक्षक बंद कमरे में छात्राओं को बुलाकर बेड टच करता था। सरकार ने इस शिक्षक को सस्पेंड कर दिया।
केस नंबर 3 : महासमुंद के एक स्कूल में कुछ टीचर हमेशा शराब पीकर आते थे। यह टीचर सड़क पर भी हंगामा करते देखे गए। इन पर निलंबन की कार्रवाई की गई।
केस नंबर 4 : बिलासपुर जिले के एक स्कूल में लेक्चरर ने गणतंत्र दिवस पर सार्वजनिक रुप से माइक पर डबल मीनिग कविता सुनाई। इसको भी सस्पेंड कर दिया गया।
ये खबर भी पढ़िए...किसानों को धान समर्थन मूल्य भुगतान के लिए 3300 करोड़ रुपए की मंजूरी
खराब रिजल्ट पर बीईओ और डीईओ नपेंगे
नए शिक्षा सत्र से पहले इन पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। हाल ही में शिक्षा पर काम करने वाली संस्था असर ने अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपी है जिसमें कहा गया है कि प्रदेश के प्राथमिक स्कूलों की स्थिति बेहद खराब है। बच्चों को हिंदी के अक्षर और गणित के नंबर तक समझ में नहीं आते।
शिक्षकों का होगा युक्तियुक्त करण
प्रदेश में 7 हजार टीचर सरप्लस हैं। इनका युक्तियुक्त करण कर इनको बिना शिक्षकों वाले और एक शिक्षक वाले स्कूलों में पदस्थ किया जाएगा। ये वे टीचर हैं जो सिफरिश से शहरों के स्कूल में बैठे हैं या फिर मंत्री स्टॉफ में लग गए हैं।
ये खबर भी पढ़िए...एमिटी यूनिवर्सिटी की डीजे नाइट में फूटे सिर...बीजेपी का लगा था झंडा
स्कूलों का निरीक्षण अनिवार्य
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari