टीएस सिंहदेव ने फिर की पीसीसी चीफ की दावेदारी, बैज चाहते हैं दोबारा मौका, भूपेश खेमे में हलचल

Arun Tiwari | May 08, 2026, 10:40 IST
Share
ts-singh-deo-pcc-chief-baj-second-term
ts-singh-deo-pcc-chief-baj-second-term

छत्तीसगढ़ कांग्रेस में अध्यक्ष पद के लिए खींचतान तेज हो गई है। टीएस सिंहदेव ने दावेदारी पेश की है, जबकि दीपक बैज दोबारा मौका चाहते हैं। 2028 के मद्देनजर हाईकमान नए समीकरण तलाश रहा है।

RAIPUR : छत्तीसगढ़ कांग्रेस में प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। पूर्व उपमुख्यमंत्री और पार्टी के वरिष्ठ नेता टीएस सिंहदेव ने फिर से प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) अध्यक्ष बनने की इच्छा जाहिर कर दी है।

सिंहदेव के इस बयान के बाद कांग्रेस संगठन में नए सिरे से चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। पार्टी के भीतर इसे आगामी 2028 विधानसभा चुनाव की तैयारी और संगठनात्मक बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

जून में पूरा होगा बैज का कार्यकाल:

वर्तमान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज का कार्यकाल जून में पूरा होने वाला है। ऐसे में नए अध्यक्ष को लेकर दावेदारियों और अटकलों का बाजार गर्म हो गया है। टीएस सिंहदेव के सामने आने से पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और मौजूदा अध्यक्ष दीपक बैज के समर्थक खेमों में भी हलचल बढ़ गई है। पार्टी के भीतर यह चर्चा है कि कांग्रेस हाईकमान इस बार ऐसे चेहरे की तलाश में है, जो संगठन और वरिष्ठ नेताओं के बीच बेहतर तालमेल स्थापित कर सके।

तालमेल को बताई प्राथमिकता:

टीएस सिंहदेव ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यदि पार्टी नेतृत्व उन्हें जिम्मेदारी देता है, तो वे प्रदेश अध्यक्ष का दायित्व निभाने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता संगठन को मजबूत करना और सभी नेताओं तथा कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चलना होगी। सिंहदेव ने स्पष्ट कहा कि कांग्रेस को मजबूत करने के लिए संवाद, समन्वय और सामूहिक नेतृत्व जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि वे गुटबाजी से ऊपर उठकर पार्टी को एकजुट करने की दिशा में काम करेंगे।

कांग्रेस में घमासान तेज:

सिंहदेव के इस बयान के बाद कांग्रेस के अंदर कई तरह के राजनीतिक समीकरण बनने लगे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 2028 विधानसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस नेतृत्व संगठन में बड़े बदलाव कर सकता है। पार्टी पिछले विधानसभा चुनाव में सत्ता गंवा चुकी है और लोकसभा चुनाव में भी उसे अपेक्षित सफलता नहीं मिली। ऐसे में कांग्रेस अब संगठन को नए सिरे से खड़ा करने की रणनीति पर काम कर रही है।

नेतृत्व परिवर्तन की चर्चा:

टीएस सिंहदेव का नाम सामने आने से कांग्रेस के भीतर नेतृत्व संतुलन को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। सिंहदेव को पार्टी का सौम्य और संतुलित चेहरा माना जाता है। वे लंबे समय से कांग्रेस के प्रमुख आदिवासी नेताओं में गिने जाते हैं और संगठन में उनकी स्वीकार्यता भी व्यापक मानी जाती है। यही कारण है कि उनके समर्थक उन्हें प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए मजबूत दावेदार बता रहे हैं।

हाईकमान के पाले भवन गेंद:

कांग्रेस के मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रदेश अध्यक्ष का फैसला हाईकमान करता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में किसी पद के लिए खुली दावेदारी की परंपरा नहीं है और अंतिम निर्णय पार्टी का शीर्ष नेतृत्व ही लेता है। बैज ने यह भी कहा कि उनका पूरा ध्यान संगठन को मजबूत करने और आगामी चुनावों की तैयारी पर है।

बघेल के समर्थक भी दावेदार:

उधर, कांग्रेस विधायक उमेश पटेल और नेता देवेंद्र यादव के नाम भी संभावित दावेदारों में चर्चा में हैं। पार्टी के भीतर युवा और अनुभवी नेतृत्व के बीच संतुलन बनाने की कोशिश को लेकर भी मंथन चल रहा है।

क्या कहते हैं राजनीतिक जानकर:

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले कुछ हफ्तों में कांग्रेस संगठन में बड़े फैसले हो सकते हैं। प्रदेश अध्यक्ष को लेकर हाईकमान किस चेहरे पर भरोसा जताता है, इस पर पूरे प्रदेश की नजर टिकी हुई है। फिलहाल टीएस सिंहदेव के बयान ने कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति को नया मोड़ दे दिया है और संगठन के भीतर शक्ति संतुलन की बहस फिर से तेज हो गई है।

यह खबरें भी पढ़ें...

कांग्रेस के पूर्व विधायक अश्विन जोशी का निधन

इंदौर में कांग्रेस की किसान आंदोलन में फजीहत, ट्रैक्टर पर आप कार्यकर्ता भीड़ की लगाई फोटो

बीजेपी विधायक चिंतामणि मालवीय और कांग्रेस की रीना बोरासी विवाद में मंत्री तुलसी सिलावट उलझ गए

विधायक चिंतामणि ने महिला कांग्रेस अध्यक्ष रीना बोरासी को भेजा मानहानि नोटिस, 7 दिन में मांगा जवाब

Tags:
  • छत्तीसगढ़ कांग्रेस
  • टीएस सिंहदेव
  • विधानसभा चुनाव
  • दीपक बैज
  • प्रदेश कांग्रेस कमेटी
  • राजनीतिक
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा