छत्तीसगढ़ के स्वामी आत्मानंद स्कूल को लेकर बड़ी घोषणा
Vikram Jain | Feb 08, 2024, 18:45 IST
छत्तीसगढ़ में स्वामी आत्मानंद स्कूल को लेकर सरकार ने की बड़ी घोषणा।
छत्तीसगढ़ विधानसभा की कार्यवाही के दौरान स्वामी आत्मानंद योजना को लेकर उठे सवाल का जवाब देते हुए स्कूल शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि स्वामी आत्मानंद स्कूल अब कलेक्टर के अंतर्गत नहीं, बल्कि शिक्षा विभाग के हवाले होंगे।
RAIPUR. छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) की विष्णु देव सरकार ने स्वामी आत्मानंद स्कूल (Swami Atmanand School) को लेकर बड़ा ऐलान किया है। स्वामी आत्मानंद स्कूल अब जल्द ही स्कूल शिक्षा विभाग के नियंत्रण में आएंगे। अभी इन स्कूलों का संचालन कलेक्टर की अध्यक्षता वाली कमेटी करती थी, लेकिन अब इस शिक्षा विभाग (education Department) का नियंत्रण होगा। इस बात की घोषणा स्कूल शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल (Brijmohan Agarwal) ने सदन में की है। उन्होंने कहा कि अगले सत्र से कलेक्टर की अध्यक्षता वाली कमेटी भंग होगी। स्कूल अब कलेक्टर नहीं शिक्षा विभाग के हवाले होंगे है।
छत्तीसगढ़ विधानसभा (Chhattisgarh Assembly) बजट सत्र के चौथे दिन की कार्यवाही के दौरान स्वामी आत्मानंद योजना को लेकर उठे सवाल का जवाब देते हुए स्कूल शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि स्वामी आत्मानंद स्कूल अब कलेक्टर के अंतर्गत नहीं, बल्कि शिक्षा विभाग के हवाले होंगे। मंत्री अग्रवाल ने कहा कि अगले शिक्षा सत्र में कलेक्टर की अध्यक्षता वाली सभी समितियां भंग होंगी। सभी स्कूलों को शिक्षा विभाग के अंतर्गत लाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में प्रदेश के सभी सरकारी प्रिंसिपल और टीचर्स को कलेक्टर ही वेतन देता है, लेकिन अगले शिक्षा सत्र से ऐसा नहीं होगा। इसके साथ ही मंत्री अग्रवाल ने यह आश्वासन भी दिया है कि जहां-जहां गड़बड़ी होगी उसकी जांच करवाई जाएगी। बच्चों का भविष्य सुरक्षित रहे, यह सुनिश्चित करेंगे। साथ ही जिन महापुरुषों के नाम इन स्कूलों से हटाए गए हैं उन्हें फिर से जोड़ा जाएगा। महापुरुषों के नाम की तख्ती भी लगाई जाएगी।
ध्यानाकर्षण के माध्यम से सदन में आए इस मुद्दे पर चर्चा के दौरान स्वामी आत्मानंद स्कूलों में अनियमितता का मुद्दा गरमाया रहा। स्कूल भवनों के पुनर्निर्माण को लेकर का मामला भी उठा। वरिष्ठ बीजेपी विधायक अजय चंद्राकर ने पूछा कि क्या मेंटेनेंस के लिए स्मार्ट सिटी में प्रावधान है। पूरे प्रदेश में मेंटेनेंस के नाम पर घोटाला किया गया है। क्या इसकी जांच कराई जाएगी? इस पर कैबिनेट मंत्री अग्रवाल ने जवाब देते हुए बताया कि पूरे प्रदेश में 800 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। पुरानी बिल्डिंगों को ही मरम्मत कराकर स्वामी आत्मानंद स्कूल खोले गए हैं।
मंत्री अग्रवाल ने कहा कि कहीं भी भ्रष्टाचार के मामले सामने आएंगे तो जांच होगी। इसके बाद अजय चंद्राकर ने पूर्व की कांग्रेस सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि, यह स्कूल भूपेश बघेल के आनंद के लिए खोला गया था। आत्मानंद जी के नाम पर हम दूसरी योजना शुरू कर देंगे। इस योजना का नाम भूपेशानंद स्कूल किया जाए।
इसके बाद धरमलाल कौशिक ने कहा- नए स्वामी आत्मानंद स्कूल न खोले जाएं। जो स्कूल संचालित हैं, उन्हें भी सेटअप में लाया जाए। राजेश मूणत ने कहा कि क्या इसके लिए नया सेटअप बनाएंगे। इस पर मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने घोषणा कर दी कि, अगले शिक्षा सत्र में कलेक्टर की सभी समितियां भंग होंगी। सभी स्कूलों को शिक्षा विभाग के अंतर्गत लाया जाएगा। जो भी शिकायत मिलेगी उसकी जांच कराएंगे, बच्चों का भविष्य सुरक्षित रहे, यह सुनिश्चित करेंगे।
'अब कलेक्टर नहीं शिक्षा विभाग करेगा संचालन'
छत्तीसगढ़ विधानसभा (Chhattisgarh Assembly) बजट सत्र के चौथे दिन की कार्यवाही के दौरान स्वामी आत्मानंद योजना को लेकर उठे सवाल का जवाब देते हुए स्कूल शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि स्वामी आत्मानंद स्कूल अब कलेक्टर के अंतर्गत नहीं, बल्कि शिक्षा विभाग के हवाले होंगे। मंत्री अग्रवाल ने कहा कि अगले शिक्षा सत्र में कलेक्टर की अध्यक्षता वाली सभी समितियां भंग होंगी। सभी स्कूलों को शिक्षा विभाग के अंतर्गत लाया जाएगा।
गड़बड़ी के मामलों में होगी जांच
उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में प्रदेश के सभी सरकारी प्रिंसिपल और टीचर्स को कलेक्टर ही वेतन देता है, लेकिन अगले शिक्षा सत्र से ऐसा नहीं होगा। इसके साथ ही मंत्री अग्रवाल ने यह आश्वासन भी दिया है कि जहां-जहां गड़बड़ी होगी उसकी जांच करवाई जाएगी। बच्चों का भविष्य सुरक्षित रहे, यह सुनिश्चित करेंगे। साथ ही जिन महापुरुषों के नाम इन स्कूलों से हटाए गए हैं उन्हें फिर से जोड़ा जाएगा। महापुरुषों के नाम की तख्ती भी लगाई जाएगी।
गरमाया स्कूलों में अनियमितता का मुद्दा
ध्यानाकर्षण के माध्यम से सदन में आए इस मुद्दे पर चर्चा के दौरान स्वामी आत्मानंद स्कूलों में अनियमितता का मुद्दा गरमाया रहा। स्कूल भवनों के पुनर्निर्माण को लेकर का मामला भी उठा। वरिष्ठ बीजेपी विधायक अजय चंद्राकर ने पूछा कि क्या मेंटेनेंस के लिए स्मार्ट सिटी में प्रावधान है। पूरे प्रदेश में मेंटेनेंस के नाम पर घोटाला किया गया है। क्या इसकी जांच कराई जाएगी? इस पर कैबिनेट मंत्री अग्रवाल ने जवाब देते हुए बताया कि पूरे प्रदेश में 800 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं। पुरानी बिल्डिंगों को ही मरम्मत कराकर स्वामी आत्मानंद स्कूल खोले गए हैं।
चंद्राकर ने पूर्व की सरकार पर कसा तंज
मंत्री अग्रवाल ने कहा कि कहीं भी भ्रष्टाचार के मामले सामने आएंगे तो जांच होगी। इसके बाद अजय चंद्राकर ने पूर्व की कांग्रेस सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि, यह स्कूल भूपेश बघेल के आनंद के लिए खोला गया था। आत्मानंद जी के नाम पर हम दूसरी योजना शुरू कर देंगे। इस योजना का नाम भूपेशानंद स्कूल किया जाए।
इसके बाद धरमलाल कौशिक ने कहा- नए स्वामी आत्मानंद स्कूल न खोले जाएं। जो स्कूल संचालित हैं, उन्हें भी सेटअप में लाया जाए। राजेश मूणत ने कहा कि क्या इसके लिए नया सेटअप बनाएंगे। इस पर मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने घोषणा कर दी कि, अगले शिक्षा सत्र में कलेक्टर की सभी समितियां भंग होंगी। सभी स्कूलों को शिक्षा विभाग के अंतर्गत लाया जाएगा। जो भी शिकायत मिलेगी उसकी जांच कराएंगे, बच्चों का भविष्य सुरक्षित रहे, यह सुनिश्चित करेंगे।
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