मुस्लिम शादियों का नया सिस्टम
अब रुकेगा फर्जी निकाह! QR कोड वाले डिजिटल निकाहनामे से होंगी मुस्लिम शादियां
Harrison Masih | Jul 04, 2026, 13:37 IST
QR कोड वाला डिजिटल निकाहनामा 2026
फर्जी निकाह और संदिग्ध विवाह मामलों पर लगाम कसने के लिए छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड बड़ा बदलाव करने जा रहा है। अब हर निकाहनामा QR कोड और यूनिक नंबर से लैस होगा, जिसे स्कैन करते ही दूल्हा-दुल्हन और गवाहों की जानकारी सामने आ जाएगी।
समझें क्या है पूरा मामला
क्यों जरूरी था यह बदलाव
कुछ मामलों में नाबालिग लड़कियों की उम्र छिपाकर निकाह कराया जा रहा था। अंतरधार्मिक विवाह और धर्मांतरण से जुड़े मामलों में भी इसी तरह के फर्जी निकाहनामे का इस्तेमाल हो रहा था।
पुराने सिस्टम में सबसे बड़ी खामी यह थी कि कोई भी काजी लोकल प्रेस या स्टेशनरी दुकान से निकाहनामा खरीद सकता था। बाद में अपनी सुविधा से भरकर सर्टिफिकेट दे देता था।
क्या है नई व्यवस्था
निकाहनामा 5 भाषाओं में होगा। इनमें उर्दू, एक हिंदी और एक अंग्रेजी प्रति होगी। हर निकाहनामे में क्यूआर कोड यानी QR (QR - Quick Response) कोड और स्कैनर होगा जिससे उसकी सत्यता जांची जा सकेगी।
स्कैन करते ही दूल्हा-दुल्हन और गवाहों की जानकारी सामने आ जाएगी। खोने पर भी इसे आसानी से ऑनलाइन ढूंढा जा सकेगा।
5 भाषाओं का फायदा क्या होगा
इससे डुप्लीकेट निकाहनामा बनाने पर पूरी तरह रोक लग सकेगी।
काजियों पर होगी कानूनी जवाबदेही
अब तक पारंपरिक तौर पर मुस्लिम विवाह का मैरिज सर्टिफिकेट केवल उर्दू भाषा और तीन प्रतियों में ही बनता था। इस नई व्यवस्था से निकाह कराने वाले काजियों की पूरी कानूनी जवाबदेही भी होगी।
7 जुलाई से लागू होगा नियम
7 जुलाई को राज्यभर के प्रमुख मुल्लाओं, मुफ्तियों और इमामों की बैठक बुलाई गई है। इसमें अंतिम सुझाव लेंगे। इसके बाद इसे वैधानिक आदेश के तौर पर लागू किया जाएगा।
बोर्ड का दावा क्या है
बोर्ड के अध्यक्ष के अनुसार इसका विस्तृत ड्राफ्ट तैयार किया जा चुका है।
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