Right to Freedom : वारंट नहीं दिखाया, गिरफ्तारी की वजह नहीं बताई अब पुलिस चुकाएगी तीन लाख जुर्माना

Pratibha ranaa | Apr 22, 2024, 08:45 IST
Share
HV LN
HV LN

पड़ोसी से बाउंड्री वॉल बनाने के विवाद को लेकर शिकायत करने पहुंची रिटायर्ड शिक्षिका और उनकी इंजीनियर बेटी को सिविल लाइन पुलिस ने अवैध तरीके पकड़ा था। कोर्ट ने अब...

RAIPUR. अब तक तो ऐसा विदेशों में ही सुनते थे कि पुलिस अगर किसी को बेवजह गिरफ्तार करती थी, तो मानहानि केस में उसे जुर्माना भरना पड़ता था। लेकिन ये पहली बार है, जब निर्दोष मां-बेटी को पकड़ने पर अब मानहानि के 3 लाख चुकाने होंगे। ये मामला छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले का है।

मां-बेटी को अवैध तरीके से 30 घंटे जेल में रखा


जानकारी के मुताबिक मंगला में रहने वाली रिटायर्ड टीचर अंजू लाल और उनकी इंजीनियर बेटी दीक्षा लाल ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी। याचिका में बताया गया था कि उनके पड़ोसी सड़क की जमीन पर बाउंड्री वॉल बना रहे थे। इसकी शिकायत करने के लिए वह सिविल लाइन पुलिस थाने पहुंची थी। मामले की कार्रवाई करने गई पुलिस ने अवैध तरीके से उन्हें और उनकी बेटी को ही गिरफ्तार कर लिया। दोनों को 30 घंटे तक पुलिस कस्टडी में रखा गया। यहां पर पुलिस ने दोनों के साथ दुव्यर्वहार भी किया।

ये खबर भी पढ़िए...Hanuman Jayanti 2024 : जानिए हनुमान जयंती के व्रत की विधि, क्या महिलाएं भी कर सकती हैं हनुमान जी की उपासना?

अब सरकार देगी 3 लाख मुआवजा


मां- बेटी ने संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर याचिका लगाई थी। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल की बेंच ने पुलिस को संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत स्वतंत्रता के अधिकार का उल्लंघन का जिम्मेदार ठहराते हुए मां को एक लाख रुपए और बेटी को दो लाख रुपए जुर्माना देने के आदेश राज्य सरकार को जारी किए हैं। राज्य सरकार के 30 दिनों के अंदर ये राशि मां-बेटी को देनी होगी। इसके साथ ही पुलिस को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। (Right to Freedom )

ये खबर भी पढ़िए..150 यूनिट बिजली की सब्सिडी लेने अब एक ही घर में लग सकते हैं दो मीटर, जानें कैसे ले सकेंगे इसका फायदा

पुलिस ने जबाव में ये कहा


वहीं पुलिस ने बताया कि मां-बेटी की शिकायत के बाद वह घटनास्थल पर कार्रवाई करने पहुंचे थे। यहां कार्रवाई करने पर पता चला कि पड़ोसी सीमांकन रिपोर्ट के आधार पर अपनी जमीन पर वैध तरीके से बाउंड्री वॉल बना रहे थे। इसके बाद पुलिस ने दोनों को समझाया तो वह उन्हीं से विवाद करने लग गई। समझाइश के बाद भी रवैया नहीं बदलने पर दोनों को गिरफ्तार कर पुलिस थाने लेकर आई। हालांकि पुलिस ने ना उन्हें वारंट दिखाया और ना ही गिरफ्तारी का कारण बताया। पुलिस ने दोनों को 30 घंटे तक पुलिस कस्टडी में रखा।

बता दें, अंजू लाल ने अंग्रेजी और सोशियोलॉजी में एमए किया है और वह रिटायर्ड टीचर हैं। जबकि दीक्षा लाल ने बीई सिविल के बाद बीएड किया है। फिलहाल वह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही हैं।

ये खबर भी पढ़िए..Summer Special Train : समर वैकेशन के लिए के लिए हो जाएं बेफिक्र, रेलवे ने चलाई ये समर स्पेशल

Tags:
  • Right to Freedom
  • पुलिस चुकाएगी जुर्माना
  • स्वतंत्रता का अधिकार
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा