बीजापुर धमाके में सड़क के अंदर दफन बम को क्यों डिटेक्ट नहीं कर पाए जवान

Kanak Durga Jha | Jan 08, 2025, 16:58 IST
Share
Why soldiers unable to detect IED bomb buried inside road in Bijapur blast
file photo

बीजापुर धमाके की कड़ियां अब लंबी होती जा रही है। द सूत्र ने इस धमाके की सुरंग खोदकर बम लगाने से लेकर लाखों का इनामी नक्सली जिसने यह हमला करवाया उसकी जानकारी दे दी।

बीजापुर धमाके की कड़ियां अब लंबी होती जा रही है। द सूत्र ने इस धमाके की सुरंग खोदकर बम लगाने से लेकर लाखों का इनामी नक्सली जिसने यह हमला करवाया उसकी जानकारी दे दी। आइए अब आपको बताते हैं कि कैसे 60 किलो के आईईडी बम को जवान डिटेक्ट नहीं कर पाए। यह हैरानी कि बात है कि इतने हैवी बम का पता जवानों को नहीं लग पाया। इसकी क्या वजह है आगे पढ़िए...

नक्सलियों ने किया प्रेशर IED ब्लास्ट, फोर्स ने 3 आतंकी मार गिराए

बम का पता इस वजह से नहीं चला

दरअसल, नक्सलियों द्वारा बिछाए गए आईईडी बम को डिटेक्ट करने के लिए जवान मोबाइलट्रेस® हैंडहेल्ड ट्रेस डिटेक्टर मशीन का अधिक इस्तेमाल करते हैं। यह मशीन जमीन के अंदर दफन आईईडी बम को आसानी से डिटेक्ट कर लेती है। बीजापुर धमाके में आरओपी में तैनात जवान जमीन के अंदर दफन बम को इसलिए नहीं पहचान पाए क्योंकि यह डिटेक्टर मशीन केवल 2 फीट अंदर दफन बम की पहचान कर सकती है।

छत्तीसगढ़ का महाकुंभ...संगम से 750 मीटर दूर भरेगा राजिम कुंभ कल्प मेला

नक्सलियों द्वारा 60 किलो का आईईडी बम जमीन के 5 से 6 फ़ीट अंदर दफनाया गया था। इस वजह से बम का पता नहीं लग पाया। जवानों द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली हैंडहेल्ड ट्रेस डिटेक्टर इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) को आसानी से पहचान जाती है लेकिन, जमीन की गहराई में दफ़न बम को पहचाना मशीन के लिए भी नामुमकिन था।


डीआरजी जवान नक्सलियों के हैं सबसे बड़े दुश्मन

डीआरजी (जिला रिजर्व गार्ड) जवान नक्सलियों के सबसे बड़े दुश्मन हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि डीआरजी की टीम में स्पेशल जवानों की भर्ती होती है। डीआरजी में वह सुरक्षाबल शामिल होते हैं जो, बस्तर इलाके या इसके आस-पास के क्षेत्र के होते हैं। इन सुरक्षाबलों को आसपास की स्थानीय भाषा आती है। ये जवान बस्तर के लोगों से भी जल्दी घुल-मिल जाते हैं। डीआरजी जवानों के इन गुणों के कारण फोर्स को ऑपरेशन करने में सफलता मिली है। नक्सलियों की भाषा आम बोल-चाल वाली होती है। मुखबिरों से भी डीआरजी जवानों के अच्छे संपर्क होते हैं। इसे डीआरजी के जवान आसानी से समझ जाते हैं।

क्रिस गेल भी लगाएंगे लीजेंड-90 क्रिकेट में चौके-छक्के

FAQ

  1. जवान 60 किलो के आईईडी बम का पता क्यों नहीं लगा सके?
    बीजापुर धमाके में नक्सलियों ने 60 किलो के आईईडी बम को 5-6 फीट गहराई में दफन किया था। जवानों द्वारा उपयोग की जाने वाली मोबाइलट्रेस® हैंडहेल्ड ट्रेस डिटेक्टर मशीन अधिकतम 2 फीट गहराई तक बम का पता लगा सकती है। इस वजह से इतनी गहराई में दफनाए गए बम का डिटेक्शन संभव नहीं हो पाया।
  2. डीआरजी जवान नक्सलियों के निशाने पर क्यों होते हैं?
    डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) के जवान नक्सलियों के सबसे बड़े दुश्मन माने जाते हैं, क्योंकि ये जवान स्थानीय क्षेत्र के होते हैं और वहां की भाषा और संस्कृति को समझते हैं। इसके कारण डीआरजी जवान नक्सलियों की योजनाओं को आसानी से समझ पाते हैं और ऑपरेशनों में सफलता हासिल करते हैं।
  3. नक्सलियों ने इस तरह के हमले की योजना कैसे बनाई थी?
    नक्सलियों ने इस हमले की योजना बहुत पहले से बनाई थी। उन्होंने पहले से ही 60 किलो का आईईडी बम सटीक स्थान पर 5-6 फीट गहराई में दफन किया और उस स्थान को पहचानने के लिए पेड़ों और अन्य संकेतों का इस्तेमाल किया। उनकी योजना थी कि जब बड़ी संख्या में जवान इस रास्ते से गुजरें, तब बम विस्फोट किया जाए।


नक्सली भी पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या से दुखी, कही ये बड़ी बात

Tags:
  • Dantewada naxal attack
  • Chhattisgarh Dantewada Naxal Attack
  • IED
  • naxal attack
  • chhattisgharh naxal attack
  • chhattisgarh naxal attack news
  • chattisgarh naxal attack on bijiapur
  • CG Naxal Attack
  • Bijapur IED Blast
  • bijapur IED bomb blast
  • bijapur 50 kg IED bomb blast
  • bijapur naxal attack
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा