एमपी में दो पुराने थर्मल प्लांट बनेंगे परमाणु केंद्र! संभावना तलाश रहा अडानी पावर

Sandeep Kumar | Jul 24, 2026, 20:08 IST
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एमपी में दो पुराने थर्मल प्लांट बनेंगे परमाणु केंद्र!
एमपी में दो पुराने थर्मल प्लांट बनेंगे परमाणु केंद्र!

अडानी ग्रुप मध्य प्रदेश के बीना और निगरी स्थित थर्मल प्लांट स्थलों पर परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं की संभावनाएं तलाश रही है। कंपनी फिलहाल दोनों स्थलों का प्रारंभिक मूल्यांकन कर रही है।

समझें क्या है पूरा मामला...

  • अडानी पावर बीना और निगरी स्थलों का मूल्यांकन कर रही है।
  • दोनों स्थानों पर अभी थर्मल पावर प्लांट संचालित हैं।
  • कंपनी ने परमाणु परियोजना पर अंतिम फैसला नहीं लिया।
  • उपलब्ध भूमि का भविष्य में दोबारा उपयोग संभव है।
  • कंपनी नए सरकारी नियमों की स्पष्टता का इंतजार करेगी।

परमाणु ऊर्जा की संभावना

अडानी पावर मध्यप्रदेश के बीना और निगरी स्थलों पर परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं की संभावनाएं तलाश रही है। दोनों स्थानों पर अभी थर्मल पावर प्लांट मौजूद हैं। कंपनी के अनुसार यहां पर्याप्त भूमि उपलब्ध है। अडानी ने फिलहाल कोई अंतिम योजना नहीं बनाई है। तकनीक, लागत, सुरक्षा और सरकारी नियम स्पष्ट होने के बाद ही परियोजना पर अगला फैसला लिया जाएगा।

बीना-निगरी का मूल्यांकन

अडानी पावर मध्यप्रदेश में दो स्थलों का मूल्यांकन कर रही है। इनमें बीना और निगरी के बिजली संयंत्र परिसर शामिल हैं। दोनों स्थानों पर वर्तमान में थर्मल पावर प्लांट मौजूद हैं। कंपनी भविष्य के परमाणु विकास की संभावनाएं तलाश रही है।

अडानी परमाणु ऊर्जा परियोजना (Adani Nuclear Energy Project) प्रारंभिक चरण में है। कंपनी ने अभी किसी परियोजना की घोषणा नहीं की है। केवल भूमि और जरूरी सुविधाओं का मूल्यांकन किया जा रहा है। अंतिम निर्णय विभिन्न तकनीकी जांचों के बाद लिया जाएगा।

ये दोनों संपत्तियां पहले जयप्रकाश एसोसिएट्स से जुड़ी थीं। अडानी समूह ने बिजली संपत्तियों के अधिग्रहण से इन्हें पाया। कंपनी के अनुसार परिसरों में पर्याप्त भूमि उपलब्ध है। इस भूमि का भविष्य में अलग उपयोग संभव है।

बीना में परमाणु संभावना

बीना परमाणु परियोजना पर विशेष अध्ययन हो रहा है। कंपनी स्थल की तकनीकी उपयुक्तता की जांच कर रही है। इसमें भूमि, पानी और सुरक्षा आवश्यकताएं शामिल रहेंगी। परिवहन और बिजली निकासी व्यवस्था भी महत्वपूर्ण होगी।

कंपनी के अनुसार बीना में पर्याप्त भूमि भंडार उपलब्ध है। यह भविष्य के विस्तार में उपयोगी साबित हो सकता है। स्थल परमाणु परियोजना के अनुकूल है अथवा नहीं। इसका निर्णय विस्तृत अध्ययन के बाद ही होगा।

परमाणु संयंत्र बनाने के लिए कई मंजूरियां आवश्यक होती हैं। पर्यावरण और सुरक्षा से जुड़ी जांच भी जरूरी है। स्थानीय आबादी और भौगोलिक स्थिति भी देखी जाती है। इसलिए परियोजना पर फैसला लंबी प्रक्रिया के बाद होगा।

निगरी स्थल की भी जांच

निगरी परमाणु परियोजना की संभावना भी जांची जाएगी। यहां भी फिलहाल तापीय बिजली संयंत्र संचालित हो रहा है। परिसर में भविष्य के विकास हेतु भूमि उपलब्ध है। कंपनी इसे दीर्घकालीन ऊर्जा योजना से जोड़ रही है।

निगरी संयंत्र मध्यप्रदेश की बिजली व्यवस्था में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। मौजूदा बुनियादी ढांचा भविष्य में उपयोगी हो सकता है। सड़क, पानी और बिजली नेटवर्क पहले से उपलब्ध हैं। फिर भी परमाणु मानकों की अलग जांच आवश्यक होगी।

थर्मल स्थल पर परमाणु संयंत्र बनाना आसान नहीं होगा। दोनों तकनीकों की सुरक्षा आवश्यकताएं काफी अलग होती हैं। परमाणु निषेध क्षेत्र भी तय करना पड़ता है। स्थल की भूकंपीय सुरक्षा का आकलन भी जरूरी होगा।

नियमों का इंतजार

अडानी पावर को परमाणु नियमों का इंतजार है। कंपनी के अनुसार सरकार अभी विस्तृत नियम बना रही है। इन्हीं नियमों से निजी भागीदारी की प्रक्रिया स्पष्ट होगी। तकनीकी साझेदारी भी नियमों के आधार पर तय होगी।

स्रोत में इसे शांति अधिनियम (SHANTI Act) बताया गया है। इसके तहत नियम तैयार होने की जानकारी दी गई। हालांकि अधिनियम का आधिकारिक नाम सत्यापित करना जरूरी है। प्रकाशन से पहले सरकारी दस्तावेज जरूर जांचे जाने चाहिए।

10 गीगावॉट का लक्ष्य

अडानी का परमाणु लक्ष्य (Adani Nuclear Target) काफी महत्वाकांक्षी है। कंपनी 2035 तक 10 गीगावॉट क्षमता चाहती है। इसके लिए कई परियोजनाओं की आवश्यकता पड़ सकती है। बीना और निगरी संभावित स्थलों में शामिल हैं।

दस गीगावॉट क्षमता हासिल करना बड़ा निवेश मांगेगा। परमाणु संयंत्रों की निर्माण अवधि भी लंबी होती है। नियामकीय मंजूरियों में कई वर्ष लग सकते हैं। इसलिए स्थल चयन प्रक्रिया पहले शुरू की गई है।

कंपनी लागत को निर्णय का महत्वपूर्ण आधार मान रही है। अलग तकनीकों की प्रति मेगावाट लागत जांची जाएगी। बिजली दरों को भी किफायती रखना जरूरी होगा। महंगी परियोजना से उपभोक्ता दरें प्रभावित हो सकती हैं।

आगे क्या होगा

कंपनी पहले दोनों स्थलों का विस्तृत अध्ययन पूरा करेगी। इसके बाद नियामकीय नियमों का परीक्षण किया जाएगा। उपयुक्त तकनीकी साझेदारों से बातचीत शुरू हो सकती है। परियोजना लागत का विस्तृत आकलन भी होगा।

परमाणु नियामक संस्थाओं से मंजूरी लेना अनिवार्य रहेगा। पर्यावरणीय और सुरक्षा स्वीकृतियां भी आवश्यक होंगी। परियोजना का वित्तीय मॉडल फिर तैयार किया जाएगा। सभी चरण पूरे होने पर निर्माण फैसला होगा।

बीना और निगरी केवल संभावित स्थल बने हुए हैं। अडानी पावर ने अंतिम परियोजना घोषित नहीं की है। इसलिए इसे निवेश निर्णय नहीं कहा जाना चाहिए। वर्तमान स्थिति अध्ययन और विकल्प तलाशने तक सीमित है।

FAQ

  1. अडानी पावर बीना में क्या योजना बना रहा है ?
    अडानी पावर बीना परमाणु परियोजना की संभावना जांच रही है। कंपनी स्थल की भूमि और तकनीकी उपयुक्तता का अध्ययन करेगी। अभी किसी परमाणु संयंत्र को अंतिम मंजूरी नहीं मिली है।
  2. निगरी में परमाणु प्लांट बनेगा?
    निगरी परमाणु परियोजना अभी केवल संभावित विकल्प है। अदानी पावर उपलब्ध भूमि और बुनियादी सुविधाओं का मूल्यांकन कर रही है।

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