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5 प्वाइंट में समझें क्या है पूरा मामला
होली के बाद बड़े पैमाने पर मध्यप्रदेश में प्रशासनिक बदलाव की संभावना जताई जा रही है।
भोपाल, ग्वालियर, शिवपुरी और अन्य जिलों के कलेक्टर बदले जा सकते हैं।
छह जिलों के एसपी बदलने की भी संभावना बढ़ी है।
विधानसभा सत्र के बाद नए अधिकारियों की जॉइनिंग का तेजी से काम होगा।
जनगणना से पहले ये बदलाव किए जाने की संभावना है।
BHOPAL. मध्य प्रदेश में एसआईआर के बाद प्रशासनिक स्तर पर बड़े बदलाव होने की संभावना है। कलेक्टरों की जगह पर नए अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी। इस बदलाव का मुख्य कारण प्रशासनिक लापरवाही, पदोन्नति और कार्यकाल पूरा होना बताया जा रहा है।
भोपाल, ग्वालियर और शिवपुरी जैसे बड़े जिलों के कलेक्टरों के तबादले (आईएएस ट्रांसफर) की चर्चा है। इन कलेक्टरों को हटाए जाने की वजह उनके कार्यकाल और प्रशासनिक कार्यों में कमी बताई जा रही है।
उदाहरण के तौर पर, ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान को भी प्रशासनिक लापरवाही के लिए जिम्मेदार ठहराया गया था। इसके अलावा भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह, जो पदोन्नति के बाद सचिव पद पर जाने वाले हैं, ये भी जल्द तबादले का सामना कर सकते हैं।
इन बदलावों को एक मई से प्रस्तावित जनगणना से पहले जरूरी माना जा रहा है। प्रशासनिक स्तर पर बदलाव के साथ ही नए अधिकारियों की जॉइनिंग की प्रक्रिया भी जल्दी की जाएगी।
लाठीचार्ज विवाद और शहडोल कलेक्टर
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के शहडोल प्रवास के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज के मामले में शहडोल कलेक्टर डॉ. केदार सिंह का नाम सामने आया था। कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर आक्रामक रुख अपना सकती है। उनकी कार्रवाई की मांग कर सकती है। हालांकि, डॉ. सिंह का इस साल रिटायरमेंट भी हो सकता है। यदि राजनीतिक दबाव प्रभावी नहीं होता, तो वे रिटायरमेंट तक पद पर बने रह सकते हैं।
तीन साल का कार्यकाल पूरा कर चुके कलेक्टर
कई कलेक्टरों का तीन साल का कार्यकाल भी पूरा हो चुका है। शिवपुरी कलेक्टर रविंद्र कुमार चौधरी और सीधी कलेक्टर स्वरोचिष सोमवंशी का कार्यकाल पूरा होने वाला है। उनके रिटायरमेंट की तारीख भी तय है। इस बीच, रीवा कलेक्टर प्रतिभा पाल का कार्यकाल भी पूरा होने वाला है, और उन्हें नई जिम्मेदारी दी जा सकती है।
महिला आईएएस अधिकारियों के तबादले
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, प्रदेश के 17 जिलों में महिला आईएएस अधिकारियों और कलेक्टरों के तबादले भी हो सकते हैं। इन बदलावों के जरिए प्रशासन को और मजबूत किया जाएगा।
पुलिस महकमे में भी बदलाव की तैयारी
मध्यप्रदेश के पुलिस महकमे में भी बड़ा फेरबदल होने वाला है। आईपीएस अधिकारियों की ट्रांसफर लिस्ट (आईपीएस ट्रांसफर) तैयार हो चुकी है। फाइनल अप्रूवल का इंतजार है। गृह विभाग के सूत्रों के अनुसार, जल्द ही लिस्ट जारी कर दी जाएगी। इसमें कई सीनियर अधिकारियों को उनकी मूल पोजीशन पर भेजा गया है, जबकि जूनियर्स के लिए जगहें खाली की गई हैं।
छह जिलों में एसपी बदलने की तैयारी
रीवा, धार, झाबुआ, खंडवा और भिंड समेत करीब 6 जिलों के पुलिस अधीक्षक (एसपी) बदल दिए जाएंगे। गृह विभाग मंत्रालय ने भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारियों की ट्रांसफर लिस्ट तैयार की है। इसमें वे अधिकारी शामिल हैं, जिन्होंने अपना काम सफलतापूर्वक पूरा नहीं किया। जिनके इलाकों में विवाद हुए या जिनका प्रमोशन हो चुका है, लेकिन वे अभी भी पुरानी कुर्सी पर डटे हुए हैं।
SIR के दौरान क्यों नहीं हो सकते कलेक्टर के ट्रांसफर
बता दें कि मप्र में इस समय SIR यानी Special Intensive Revision (विशेष गहन पुनरीक्षण) का काम जारी है। SIR के पहले चरण में जिन वोटर्स के नाम काट दिए गए थे, उनके दावे-आपत्तियां मांगी जा रही हैं। चूंकि कलेक्टर जिला निर्वाचन अधिकारी की जिम्मेदारी भी संभालते हैं, इसलिए उनका सीधे तौर पर तबादला नहीं किया जा सकता।
अगर विशेष परिस्थिति में ट्रांसफर करना भी पड़े तो निर्वाचन आयोग से अनुमति लेनी होती है। जैसे हाल ही में अशोकनगर कलेक्टर आदित्य सिंह के मामले में हुआ था। बता दें कि एसआईआर की प्रक्रिया अब 14 फरवरी 2026 को पूर्ण हो चुकी है।
इनका नाम चर्चा में...
गृह मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, एडिशनल कमिश्नर ऑफ पुलिस भोपाल अवधेश गोस्वामी, डीआईजी राकेश कुमार सगर, मनोज कुमार राय, आरएस बेलवंशी, रियाज इकबाल, राहुल लोधा, सिमाला प्रसाद, असित यादव, मयंक अवस्थी, कुमार प्रतीक, शिवदयाल और लेंद्र सिंह चौहान का ट्रांसफर तय है। वहीं, शाजापुर जिले में तैनात यशपाल सिंह राजपूत को किसी बड़े जिले का एसपी बनाए जाने की संभावना है।
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