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News In Short
गणेश शंकर मिश्रा और षणमुग्धा प्रिया मिश्रा: 2010 बैच के एमपी कैडर के आईएएस अधिकारी अब जॉइंट सेक्रेटरी के लिए इंपेनल हो गए हैं।
इंपेनलमेंट की वजह: दोनों अधिकारियों ने केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर डिप्टी डायरेक्टर के पद पर दो साल पूरे कर लिए हैं।
अगला नंबर: 2009 बैच के तरुण पिथोड़े का, जो 2024 में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर गए थे।
नया नियम: 2007 के बाद सेवा में आए अधिकारियों को जॉइंट सेक्रेटरी बनने से पहले दो साल केंद्रीय सेवा में काम करना जरूरी है।
News In Detail
दोनों अधिकारी फिलहाल प्रतिनियुक्ति पर
आईएएस गणेश शंकर मिश्रा और षणमुग्धा प्रिया फिलहाल केंद्रीय सरकार में प्रतिनियुक्ति (Central Deputation) पर हैं। इस समय लाल बहादुर शास्त्री नेशनल एकेडेमी ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन (Lal Bahadur Shastri National Academy of Administration) में डिप्टी डायरेक्टर (Deputy Director) के पद पर काम कर रहे हैं। दोनों अधिकारियों ने केंद्रीय सरकार में अपनी सेवाएं देने में दो साल पूरे किए, जिसके बाद उनका इंपेनलमेंट हुआ।
अगला नंबर किसका?
अब अगले नंबर पर 2009 बैच के आईएएस तरुण पिथोड़े (Tarun Pithode) का नाम आ सकता है। पिथोड़े 10 सितंबर 2024 को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर गए थे।
इसके अलावा, 2009 और 2010 बैच के कुछ अधिकारी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर गए हैं। इनमें आईएएस प्रियंका दास (एमपी कैडर के अफसर), तन्वी सुंद्रियाल, आईएएस प्रीति मैथिल और आईएएस अविनाश लवानिया (MP IAS Officer) का नाम शामिल है।
नियम और प्रक्रिया
2007 के बाद जो अधिकारी अखिल भारतीय सेवा (All India Services) में आए हैं, उन्हें जॉइंट सेक्रेटरी बनने से पहले केंद्रीय सरकार में उप सचिव (Under Secretary), डिप्टी डायरेक्टर (Deputy Director), या डायरेक्टर (Director) स्तर पर कम से कम दो साल काम करना जरूरी है।
यह नियम कैबिनेट की नियुक्ति समिति (Cabinet Appointment Committee) के निर्देशों पर लागू किया गया है। इसी कारण 2009 और 2010 बैच के अधिकारियों को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर भेजा गया है।
सूत्र Knowledge
इंपेनलमेंट क्या होता है?
इंपेनलमेंट का मतलब होता है, किसी अधिकारी को खास पद के लिए चुनना या उसे उस पद के लिए फिट मानना। जब किसी अधिकारी को इंपेनल किया जाता है, तो इसका मतलब है कि उसे एक उच्च पद के लिए मंजूरी मिल जाती है।
वह उस पद पर काम करने के लिए तैयार माना जाता है। उदाहरण के तौर पर, जब केंद्रीय कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग किसी आईएएस अधिकारी को इंपेनल करता है, तो वह अधिकारी अब केंद्र सरकार में जॉइंट सेक्रेटरी जैसे बड़े पद के लिए योग्य हो जाता है।
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