एमपी बोर्ड की परीक्षा केंद्रों में बढ़ी सुरक्षा, AI की निगरानी में हो रहा EXAM
Sandeep Kumar | Mar 07, 2025, 23:39 IST
AI-security-board
इस बार एमपी बोर्ड परीक्षा में नकल के मामलों में काफी कमी आई है। दरअसल प्रदेश के सागर परीक्षा केंद्रों में प्रभावी निगरानी और सतर्कता की वजह से छात्र-छात्राओं को बेहतर परीक्षा माहौल मिल रहा है और नकल की घटनाओं में गिरावट आई है।
मध्य प्रदेश में माध्यमिक शिक्षा मंडल की बोर्ड परीक्षा इस बार सुरक्षा के सख्त उपायों के साथ आयोजित की जा रही है। विशेष रूप से, नकल रोकने के लिए एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) का सहारा लिया जा रहा है। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार नकल के प्रकरण कम होने का कारण एआई तकनीक और बढ़ी हुई सुरक्षा व्यवस्था को माना जा रहा है।
नकल रोकने के लिए
सागर संभाग में इस बार 84 परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, और सभी केंद्रों की निगरानी एआइ लैब से की जा रही है। दमोह जिले के सभी परीक्षा केंद्रों की निगरानी एआई लैब और कंट्रोल रूम के माध्यम से की जा रही है, जो शासकीय ईएफए जेपी बी कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में स्थित है। यहां पर 40 कंप्यूटर वाली एआई लैब और 10 कंप्यूटर वाली आईसीटी लैब का इस्तेमाल हो रहा है। इसके अलावा, करीब 50 इंस्ट्रक्टर भी इस निगरानी कार्य में लगे हुए हैं।
ये खबर भी पढ़िए...एमपी में खुलेगा प्रदेश का पहला महिला स्वास्थ्य केंद्र, एक छत के नीचे सभी जांच और इलाज
ये खबर भी पढ़िए...भिंड में बोर्ड परीक्षा में गड़बड़ी, कलेक्टर ने 11 शिक्षकों को किया सस्पेंड, जानें पूरा मामला
नकल रोकने के लिए कड़ी सुरक्षा
इस बार सागर, छतरपुर, और टीकमगढ़ जिलों में भी अति संवेदनशील और संवेदनशील केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। साथ ही, जिला और संभागीय स्तर के निरीक्षण दल भी लगातार निरीक्षण कर रहे हैं। उड़नदस्ता की सक्रियता और बढ़ी हुई निगरानी के कारण सामूहिक नकल की घटनाएं इस बार नहीं देखी गई हैं।
ये खबर भी पढ़िए...MPESB महिला पर्यवेक्षक परीक्षा 2025 निर्देश, जानें क्या करें और क्या नहीं ?
ये खबर भी पढ़िए...केबिनेट के आदेश पर रुकी सेवानिवृत्त अधिकारी और क्लर्क की पेंशन, हेराफेरी का आरोप
नकल रोकने के लिए AI तकनीक का उपयोग
ये खबर भी पढ़िए...एमपी में खुलेगा प्रदेश का पहला महिला स्वास्थ्य केंद्र, एक छत के नीचे सभी जांच और इलाज
नकल के प्रकरणों में कमी
पिछले वर्ष के मुकाबले इस बार नकल के प्रकरणों में उल्लेखनीय कमी आई है। पिछले वर्ष के दौरान 50 से अधिक नकल के प्रकरण सामने आए थे, लेकिन इस वर्ष अब तक केवल 3 नकल के मामले दर्ज हुए हैं। इसी प्रकार, दमोह जिले में पिछले वर्ष गणित और हिंदी के पेपरों में 10 से ज्यादा नकल के मामले सामने आए थे, लेकिन इस वर्ष एआइ लैब की मदद से इन प्रकरणों की संख्या कम हो गई है।
नकल रोकने के लिए कड़ी सुरक्षा
ये खबर भी पढ़िए...MPESB महिला पर्यवेक्षक परीक्षा 2025 निर्देश, जानें क्या करें और क्या नहीं ?
ये खबर भी पढ़िए...केबिनेट के आदेश पर रुकी सेवानिवृत्त अधिकारी और क्लर्क की पेंशन, हेराफेरी का आरोप
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज
By Sanjay Dhiman