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BHOPAL. महीनों से खाली पड़े तीन आंगनबाड़ी केंद्रों पर कार्यकर्ता और सहायिका की भर्ती फिर अटक गई है। अशोकनगर कलेक्टर न्यायालय ने तीनों केंद्रों पर भर्ती की प्रक्रिया पर रोक लगा दी है।
केंद्रों के संचालन में अनियिमतता और अधिकारियों के निरीक्षण के दौरान गायब रहने की वजह से कार्यकताओं और सहायिका को बर्खास्त कर दिया गया था। जिसके बाद महिला एवं बाल विकास द्वारा इन केंद्रों पर खाली पदों को भरने के लिए विज्ञप्ति जारी की गई थी। इस पर भर्ती की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई थी।
गायब रहने के कारण किया था बर्खास्त
अशोकनगर जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग के तीन आंगनबाड़ी केंद्रों पर भर्ती को कलेक्टर कोर्ट में चुनौती दी गई थी। चंदेरी परियोजना के आंगनबाड़ी केंद्र मोहनपुर-2, अशोकनगर परियोजना के सोनेरा की कार्यकर्ता एवं ईसागढ़ परियोजना के केंद्र आमखेड़ा की सहायिका को कुछ महीने पहले पद से हटा दिया गया था।
महिला एवं बाल विकास विभाग ने तीनों परियोजनाओं की कार्यकर्ता और सहायिका को हटाया। उन्हें केंद्र से गायब रहने और नियमानुसार संचालन न करने की शिकायत मिली थी। पूर्व कलेक्टर आदित्य सिंह के निरीक्षण के दौरान वे अनुपस्थित थीं।
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पद खाली होने से केंद्रों में ठप काम
कार्यकर्ता और सहायिका के पद खाली होने के कारण केंद्रों का संचालन कई माह से प्रभावित हो रहा था। इसको देखते हुए जिला परियोजना कार्यालय से इन पदों पर नियुक्ति के लिए विज्ञप्ति जारी की गई थी। महिला एवं बाल विकास विभाग की स्वीकृति के बाद इन पदों को भरने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई थी।
प्रक्रिया शुरू होते ही तीनों केंद्रों की कार्यकर्ता और सहायिका द्वारा कलेक्टर कोर्ट में अपील पेश की गई थी। शुक्रवार को आंगनबाड़ी केंद्रों से बर्खास्त कार्यकर्ता और सहायिका की अपील पर सुनवाई हुई। कलेक्टर साकेत मालवीय ने अपील सुनने के साथ ही जिला परियोजना अधिकारी का पक्ष भी जाना। उन्होंने याचिकाकर्ताओं को पक्ष प्रस्तुत करने का अवसर देते हुए भर्ती की कार्रवाई पर रोक लगाई है।
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केंद्र संचालन में हो रही थी गड़बड़ी
महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला परियोजना अधिकारी चंद्रसेना भिड़े ने 'द सूत्र' को बताया। सोनेरा आंगनबाड़ी केंद्र के निरीक्षण में पूर्व कलेक्टर आदित्य सिंह ने कार्यकर्ता को अनुपस्थित पाया। मोहनपुरा की कार्यकर्ता भी अधिकारियों के दौरे से गायब रही थीं। आंगनबाड़ी में उपस्थिति की भ्रामक जानकारी दी गई थी।
नई सराय की सहायिका बार-बार गैरहाजिर हो रही थी। तीनों केंद्रों में गड़बड़ी और अनियमितता की शिकायत के बाद सभी से जवाब मांगा गया। संतोषजनक उत्तर न मिलने पर उन्हें हटाकर भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई। कलेक्टर न्यायालय से स्टे के बाद फिलहाल इसे रोका गया है। सुनवाई पूरी होने के बाद इसे आगे बढ़ाया जाएगा।
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