सरकार की नाक के नीचे हो रही सीएम हेल्पलाइन की अनदेखी, अब मिला नोटिस

भोपाल में सीएम हेल्पलाइन की अनदेखी पर 6 अधिकारी और 15 पंचायत सचिवों को नोटिस जारी किए गए। शिकायतों के समाधान में लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई।

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Sanjay Sharma
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News in Short

  • भोपाल में सीएम हेल्पलाइन पर 20,603 लंबित शिकायतें, अधिकारियों की लापरवाही पर नोटिस जारी।
  • जिला पंचायत सीईओ ईला तिवारी ने 6 अधिकारियों और 15 पंचायत सचिवों को नोटिस जारी किए।
  • शिकायतों का समय पर समाधान न करने पर विभागीय कर्मचारियों से जवाब मांगा गया।
  • सीएम मोहन यादव की नाराजगी के बावजूद कार्रवाई का असर नहीं दिखा।
  • पंचायत सचिवों और अधिकारियों को चेतावनी दी गई, जवाब नहीं मिलने पर कार्रवाई तय।

News in Detail

BHOPAL. मुख्यमंत्री की नाराजगी बाद भी अधिकारी- कर्मचारी सीएम हेल्पलाइन की अनदेखी करने से बाज नहीं आ रहे हैं। राजधानी भोपाल में सरकार की नाक के नीचे भी अधिकारियों के रवैए में सुधार नहीं आ रहा है। सीएम हेल्पलाइन जैसी महत्वपूर्ण सेवा पर बेरुखी दिखाने पर भोपाल के छह अधिकारी और 15 पंचायत सचिवों को नोटिस जारी किए गए हैं। जिला पंचायत सीईओ ईला तिवारी ने अधिकारी और पंचायत सचिवों से सीएम हेल्पलाइन पर आई शिकायतों के निराकरण में लापरवाही बरतने पर जवाब तलब कर कार्रवाई की चेतावनी दी है। 

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शिकायतों की अनदेखी

सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों की अनदेखी वैसे तो पूरे प्रदेश में ही हो रही है। राजधानी होने के बावजूद भोपाल भी इससे अछूता नहीं है। जनवरी माह में भोपाल जिले में 20,603 शिकायतें लंबित रही हैं। इनमें से 9,701 मामले 50 दिन से अधिक पुराने हैं। जबकि 5 हजार से ज्यादा शिकायतें 100 दिन से भी ज्यादा समय से अटकी पड़ी हैं। 

'द सूत्र' ने फरवरी माह की शुरूआत में पूरे प्रदेश में सीएम हेल्पलाइन जैसी महत्वपूर्ण सेवा की स्थिति उजागर की थी। प्रदेश में सवा 4 लाख से ज्यादा शिकायतें अधिकारियों की बेरुखी के कारण निराकृत नहीं हो पा रही हैं। इनके निराकरण के लिए आमजन भटक रहे हैं और उन्हें बार- बार शिकायत दर्ज करानी पड़ रही है।

जिला पंचायत सीईओ ईला तिवारी ने दिखाई सख्ती

भोपाल में सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों की अनदेखी करने पर जिला पंचायत सीईओ ईला तिवारी ने सख्ती दिखाई है। सीईओ तिवारी ने जिला पंचायत के तहत संचालित योजनाओं और विभागवार शिकायतों की समीक्षा की। हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायत और उनके निराकरण की कार्रवाई समीक्षा का केंद्र रही। इस दौरान शिकायतों की समय सीमा में सुनवाई न करने पर बैरसिया जनपद पंचायत, ग्रामीण रोजगार गारंटी परियोजना अधिकारी दयाशंकर श्रीवास्तव, लेखा अधिकारी प्रेमलता मालवीय, वरिष्ठ डेटाबेस मैनेजर हीरालाल महोबिया, एपीओ मनरेगा हेमंत माधुरे, दीप्ति राय से जवाब तलब करते हुए नोटिस जारी किया गया। इसके अलावा योजनाओं के क्रियान्वयन की भी समीक्षा की गई। 

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पंचायतों में अटकी योजनाएं

समीक्षा के दौरान सीईओ तिवारी ने पंचायतों में हितग्राहीमूलक योजनाओं की स्थिति पर नाराजगी जताई। योजनाओं के लाभ से जनता के वंचित रहने की स्थिति सामने आने पर अचारपुरा सचिव मस्तान सिंह, परसोरा सचिव मांगीलाल यादव, कोटरा पंचायत सचिव सरवन सिंह, करारिया सचिव पुरुषोत्तम गुर्जर, झिरनिया सचिव ओमप्रकाश गौर, अवधनारायण विश्वकर्मा गुर्जर तोड़ी, मंशाराम पाल पिपलिया जाहिर पीर, दीपक श्रीवास्तव मूंडला, रूपनारायण जाट जमुनिया कलां, बालमुकुंद शर्मा छावनी पठार, संतोष औचावर बिसनखेड़ी, परमसिंह मारण बरखेड़ा नाथू, अरुण शर्मा सिकंदराबाद, अवधनारायण विश्वकर्मा बागसी, कैलाशनारायण साहू दोराहा को उदासीनता के चलते नोटिस जारी किया गया है। सभी पंचायत सचिवों से विभागीय योजनाओं की अनदेखी करने और हितग्राहियों की शिकायतों पर जवाब मांगा गया है।  

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फिर नोटिस में सिमटी कार्रवाई

सीएम हेल्पलाइन की अनदेखी की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। विभागीय अधिकारियों की चेतावनी और फौरी कार्रवाई का अब तक मैदानी असर नहीं दिखा है। बीते महीने ही सीएम डॉ.मोहन यादव ने भी अहम सेवा के प्रति अधिकारी और कर्मचारियों के रवैए पर नाराजगी जताई थी। 

लोकसेवा प्रबंधन विभाग के आंकड़े भी सीएम हेल्पलाइन की लाचारी उजागर करने वाले हैं। राजधानी में जहां पूरी सरकार बैठी है, विभागों के प्रमुख अधिकारी हैं और संचालनालय लगातार निगरानी करता है वहीं सीएम हेल्पलाइन को जिले और जनपद के अधिकारी अनदेखा कर रहे हैं। 

इस तरह के नोटिस जारी मैदानी अमले पर असर नहीं डाल पा रही है, फिर भी व्यवस्था में सख्ती नजर नहीं आ रही है। जिला पंचायत सीईओ ईला तिवारी का कहना है कर्मचारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। जवाब नहीं मिलने या संतोषजनक न होने पर उन पर कार्रवाई तय करेंगे।

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