विवादों के बाद आदित्य सिंह को हटाया, बने संचालक भोपाल गैस त्रासदी

अशोकनगर में रिश्वत कांड के बाद IAS साकेत मालवीय नए कलेक्टर नियुक्त । निर्वाचन आयोग की मंजूरी के बाद प्रशासनिक फेरबदल की पूरी कहानी यहा पढ़ें।

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Sanjay Dhiman
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Ashoknagars new collector Saket Malviya

Photograph: (the sootr)

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BHOPAL. बुधवार देर शाम अशोकनगर जिले के नए कलेक्टर के नाम की घोषणा कर दी गई। चुनाव आयोग की अनुमति के बाद साकेत मालवीय को अशोकनगर का कलेक्टर बनाया गया है। 2014 बैच के आईएएस साकेत मालवीय इस रेस में पहले से ही सबसे आगे थे। वरिष्ठता और अनुभव के आधार पर उनका नाम सबसे मजबूत माना जा रहा था। सूत्र ने दो दिन पहले ही उनके नाम का खुलासा कर दिया था। इसपर बुधवार शाम प्रशासन ने भी मुहर लगा दी। 

निर्वाचन आयोग को भेजा था तीन नामों का पैनल

निर्वाचन आयोग को भेजे गए पैनल में जिन अधिकारियों के नाम शामिल थे उनमें

    साकेत मालवीय – 2014 बैच, वर्तमान में संचालक कर्मचारी चयन बोर्ड
    विदिशा मुखर्जी – 2015 बैच, वर्तमान में उप सचिव, पीएचई
    सौरभ सोनवणे (  – 2017 बैच, वर्तमान में कमिश्नर नगर निगम, रीवा

इन तीनों में साकेत मालवीय सबसे सीनियर हैं, प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, साकेत मालवीय का पूर्व प्रशासनिक अनुभव भी इस नियुक्ति में अहम माना गया। यही वजह है कि उनका नाम पैनल में सबसे ऊपर था, जिस पर आखिरी मुहर भी लग गई है। 

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चुनावी कार्य बन रहा था बाधा

चूंकि प्रदेश में चुनावी प्रक्रिया SIR का काम अंतिम दौर में चल रहा है। इसलिए सरकार 21 फरवरी तक सीधे कलेक्टर को हटाने का फैसला नहीं ले सकती। इसी कारण वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर सरकार ने तीन नामों का पैनल तैयार किया है। जिसे चुनाव आयोग को भेजा गया था। इसमें से आयोग ने साकेत मालवीय के नाम को फाइनल कर दिया। 

आदित्य सिंह होंगे संचालक 

अशोक नगर के पूर्व कलेक्टर आदित्य सिंह को हटाकर संचालक भोपाल गैस त्रासदी एवं पुनर्वास बनाया गया है। रिश्वत के आरोपों के बाद इन्हें हटाने का भारी दबाव था।

3 करोड़ के आरोप से मचा हड़कंप

अशोकनगर के पूर्व कलेक्टर आदित्य सिंह पर 3 करोड़ की रिश्वत मांगने के गंभीर आरोप लगे थे। यह आरोप आनंदपुर धाम ट्रस्ट के अधिकारियों ने लगाए थे। ट्रस्ट का दावा है कि संपत्ति के नामांतरण से जुड़े मामले में उनसे अवैध मांग की गई।

बीजेपी हाईकमान तक पहुंची शिकायत

आनंदधाम ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने इस मामले की शिकायत सीधे दिल्ली में बीजेपी हाईकमान से की। शिकायत सामने आते ही सरकार ने मामले को गंभीरता से लिया और कलेक्टर आदित्य सिंह को हटाने को लेकर अंदरूनी मंथन शुरू हो गया।

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