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Photograph: (thesootr)
News in Short
- आनंदपुर धाम ट्रस्ट ने कलेक्टर पर तीन करोड़ मांगने का आरोप लगाया।
- आरोप ट्रस्ट संपत्ति नामांतरण आवेदन से जुड़ा हुआ बताया गया है।
- ट्रस्ट पदाधिकारियों ने दिल्ली में बीजेपी हाईकमान से शिकायत की।
- कलेक्टर आदित्य सिंह ने किसी मांग या आवेदन से इनकार किया।
- शिकायत मुख्य सचिव अनुराग जैन को भेजी गई है।
News in Detail
BHOPAL. अशोकनगर कलेक्टर आदित्य सिंह (IAS Aditya Singh) पर 3 करोड़ रुपए मांगने का आरोप लगा है। ये आरोप किसी सामान्य व्यक्ति ने नहीं, ​बल्कि जिले के प्रतिष्ठित आनंदपुर धाम (आनंदपुर साहिब ट्रस्ट) ने लगाया है। इनके पदाधिकारियों ने इस संबंध में बीजेपी हाईकमान को दिल्ली में शिकायत भी की है। ट्रस्ट की शिकायत को मुख्य सचिव अनुराग जैन को भेज दिया गया है।
ये है मामला...
thesootr को मिली जानकारी के अनुसार अशोकनगर जिले के आनंदपुर धाम में "गुरु" परंपरा का पालन होता है। पांचवें गुरु के बाद छठी पातशाही गद्दी पर विराजमान हैं। हाल ही में ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने छठवें गुरु के नाम ट्रस्ट की अचल संप​त्ति के नामांतरण के लिए कलेक्टर के पास आवेदन किया था।
सूत्रों का कहना है कि ट्रस्ट के पदाधिकारियों से कलेक्टर आदित्य सिंह ने तीन करोड़ की मांग की। इस डिमांड को लेकर ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने बैठक की। सूत्र बताते हैं कि ट्रस्ट के पदाधिकारियों की बैठक की जानकारी मिलते ही कलेक्टर आदित्य ने पदाधिकारियों को मैसेज भिजवाया कि तीन करोड़ उन्हें नहीं चाहिए। ये पैसा तो सीधे पार्टी फंड में जमा होगा।
कलेक्टर ने ये भी कहा कि ट्रस्ट चाहे तो ये राशि चेक से भी दे सकता है। हम किसी संस्था का बैंक खाता बता देंगे। इस पर ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने बीजेपी हाईकमान को शिकायत कर दी।
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प्रधानमंत्री मोदी ने किया था दौरा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अप्रैल 2025 में ईसागढ़ तहसील स्थित श्री आनंदपुर धाम (आनंदपुर साहिब ट्रस्ट) का दौरा किया था। मोदी ने गुरु जी महाराज मंदिर में पूजा-अर्चना की और ट्रस्ट के द्वारा किए जा रहे शिक्षा, स्वास्थ्य और गौ-सेवा जैसे सेवा कार्यों की सराहना भी की थी।
ट्रस्ट 315 हेक्टेयर में फैला हुआ है। ट्रस्ट एक चैरिटेबल अस्पताल, कई स्कूल और एक बड़ी गौशाला चलाता है, जो शिक्षा, स्वास्थ्य और पशु कल्याण में भी बड़ा योगदान देता है। आनंदपुर धाम ईसागढ़ की छठी पातशाही पर श्री गुरु महाराज विराजमान हैं। यह आध्यात्मिक और पारमार्थिक कार्यों का संचालन करते हैं।
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मेरे पास तो आवेदन ही नहीं आया
ट्रस्ट की अचल संप​त्ति नामांतरण के लिए मेरे पास तो किसी तरह का आवेदन ही नहीं आया है। ट्रस्ट स्वतंत्र रूप से काम करता है। तीन करोड़ रुपए मांगने जैसी कोई बात ही नहीं है।
-आदित्य सिंह, अशोकनगर कलेक्टर
परमहंस अद्वैत महाराज की होती है पूजा
आनंदपुर धाम में श्री परमहंस अद्वैत महाराज की पूजा होती है। धाम में अद्वैतानंद महाराज का समाधि स्थल है। वे अद्वैत मठ के सबसे प्रमुख संत माने जाते हैं। अद्वैत महाराज का जन्म 5 अप्रैल 1846 को राम नवमी के पावन अवसर पर बिहार के छपरा जिले में हुआ था। यहां पर मठ के पंचम पातशाही के मंदिर स्थापित हैं।
बता दें कि उत्तर भारत में परमहंस अद्वैत पंथों का एक बड़ा समूह, जिसकी स्थापना श्री 108 स्वामी अद्वैत आनंद जी महाराज प्रथम पातशाही ने की थी। आनंदपुर धाम में वैशाखी, व्यास पूजा और दीपावली का त्यौहार मुख्य रूप से मनाया जाता है। आनंदपुर धाम अपनी खासियतों के लिए देशभर में जाना जाता है।
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