उज्जैन में बाबा महाकाल की शाही सवारी सोमवार को , इतने स्वरूपों में देंगे भक्तों को दर्शन
Sandeep Kumar | Sept 02, 2024, 24:13 IST
STYLESHEET THESOOTR - 2024-09-01T233332.229
उज्जैन में बाबा महाकाल की शाही सवारी कल यानी सोमवार को शाम 4 बजे निकलेगी। बताया जा रहा है कि इस सवारी में भगवान अपने सात स्वरूपों में भक्तों को दर्शन देंगे...
भगवान महाकाल ( Lord Mahakal ) की शाही सवारी दो सितंबर को शाम चार बजे बाबा भोलेनाथ, महाकालेश्वर मंदिर ( Mahakaleshwar Temple ) से शुरू होगी और रात 10 बजे तक मंदिर लौटने का समय निर्धारित किया गया है। महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध ( Mahakaleshwar Temple Management ) समिति के प्रशासक गणेश कुमार धाकड़ (Ganesh Kumar Dhakad ) ने बताया कि भाद्रपद माह की दूसरी और आखिरी सवारी 2 सितंबर को शाही सवारी के रूप में निकलेगी। इस दौरान रजत पालकी में श्री चन्द्रमौलेश्वर, गरूड़ रथ पर शिवतांडव,हाथी पर श्री मनमहेश, डोल रथ पर होल्कर स्टेट के मुखारविंद, श्री घटाटोप मुखोटा, नंदी रथ पर उमा-महेश और श्री सप्तधान का मुखारविंद सम्मिलित रहेगा।
ये खबर भी पढ़िए...सावन माह में महाकाल मंदिर में करोड़ों का चढ़ावा, जानें कितना आया दान
भगवान महाकाल की शाही सवारी निकलने के पहले महाकालेश्वर मंदिर के सभामंडप में विधिवत पूजा-अर्चना की जाएगी। इसके बाद रजत पालकी में सवार होकर अपनी प्रजा के हाल जानने के लिए नगर भ्रमण पर निकलेंगे। मंदिर के मुख्य द्वार पर सशस्त्र पुलिस बल ( armed police force ) के जवानों द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाएगा।
![thumbnail-16x9-ssssss (1)]()
भगवान चंद्रमौलेश्वर की पालकी निर्धारित समय शाम 4 बजे से प्रारंभ होकर कोट मोहल्ला, बक्षीबाजार चौराहा,हरसिद्धि पाल से रामघाट ( Ramghat ) पहुंचेगी। रामघाट पर क्षिप्रा नदी के तट पर पूजा होगी। इसके बाद सवारी रामानुजकोट, बंबई वाले की धर्मशाला, गणगौर दरवाजा, सत्यनारायण मंदिर ( Satyanarayan Temple ), कमरी मार्ग, टंकी चौराहा, तेलीवाडा, कंठाल, सतीमाता मंदिर, छत्री चौक, गोपाल मंदिर पर पहुंचेगी। जहां सिंधिया स्टेट ( Scindia State ) द्वारा पालकी में विराजमान भगवान चंद्रमौलेश्वर की पूजा की जाएगी। उसके बाद सवारी पटनी बाज़ार और महाकाल चौराहा होते हुए मुख्य मंदिर परिसर में वापस आएंगी पहुंचेगी।
2 सितंबर को सातवें सोमवार सवारी के क्रम में प्रमुख ( शाही ) सवारी में मध्य प्रदेश के डिंडोरी जिले का आदिवासी धूलिया जनजाति ( Tribal Dhulia Tribe ) गुदुम बाजा शामिल होगा । ये बाजा दल लोक नर्तक दल दिनेश कुमार भार्वे ( Dinesh Kumar Bharve ) के नेतृत्व में पालकी के आगे भजन मंडलियों के साथ अपनी प्रस्तुति देते हुए चलेगा। आपको बताते चलें कि गुदुम बाजा (Gudum Baja ) प्रदेश के डिंडोरी, शहडोल और मंडला जिलों में रहने वाले जनजातियों ( tribes ) का अत्यन्त पारंपरिक वाद्य है।
![sandeep mishr]()
ये खबर भी पढ़िए...सावन माह में महाकाल मंदिर में करोड़ों का चढ़ावा, जानें कितना आया दान
पुलिस के जवान देगें गार्ड ऑफ ऑनर
thumbnail-16x9-ssssss (1)
इन रास्तों से निकलेंगी सवारी
शाही सवारी में शामिल होगा गुदुम बाजा
thesootr links
- मध्य प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- रोचक वेब स्टोरीज देखने के लिए करें क्लिक
sandeep mishr
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava
UPI एमडीआर पर सुप्रीम कोर्ट का रोक से इनकार: 15 अक्टूबर से दुकानदारों को देना होगा 0.4 फीसदी चार्ज
By Sanjay Dhiman
अस्पताल का लैब बोतलों में भ्रूण : कोरबा के लाइफ केयर हॉस्पिटल में कौन सा खेल? कोर्ट को भी नहीं मिला जवाब
By VINAY VERMA
RCA चुनाव में बड़ा उलटफेर, राजेंद्र राठौड़ के बेटे पराक्रम सिंह ने छोड़ा मैदान
By Ashish Bhardwaj