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5 पॉइंट्स में समझें पूरी स्टोरी
👉 आगर मालवा के मां बगलामुखी मंदिर में पंडितों ने धरना-प्रदर्शन किया।
👉 पंडितों नेसुसनेर के एसडीएम सर्वेश यादव पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
👉 पंडितों का आरोप है कि एसडीएम ने बिना पूर्व सूचना के नए नियम लागू किए। इससे उनकी सेवा में परेशानी हो रही है।
👉एसडीएम पर अपमानजनक शब्दों से बात करने और मुख्यमंत्री का रिश्तेदार बताकर दबाव बनाने का आरोप भी लगा।
👉आक्रोशित पंडितों ने मंदिर परिसर में नारेबाजी की और हवन-अनुष्ठान बंद करने की घोषणा की।
आगर मालवा के महाभारतकालीन बगलामुखी मंदिर, नलखेड़ा में गुरुवार को तनाव पैदा हो गया। मंदिर के पंडितों ने धरना-प्रदर्शन किया और सुसनेर के एसडीएम सर्वेश यादव पर गंभीर आरोप लगाए। पंडितों ने उन्हें तुरंत हटाने की मांग की।
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एसडीएम पर लगाए गंभीर आरोप
पंडितों का आरोप है कि एसडीएम सर्वेश यादव बिना किसी पूर्व सूचना या चर्चा के नए नियम लागू कर रहे हैं। इससे वर्षों से मंदिर में सेवा दे रहे पंडितों को परेशानी हो रही है। पंडित देवेंद्र शास्त्री ने कहा कि एसडीएम उन्हें अपमानजनक शब्दों से संबोधित करते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एसडीएम खुद को सीएम मोहन यादव का रिश्तेदार बताकर दबाव बनाते हैं।
मंदिर परिसर में पंडितों ने की नारेबाजी
आक्रोशित पंडितों ने मंदिर परिसर में नारेबाजी की। उन्होंने अपनी मांगों के समर्थन में हवन-अनुष्ठान बंद करने की घोषणा की। तहसीलदार प्रियंक श्रीवास्तव और थाना प्रभारी नागेश यादव मौके पर पहुंचे। वे पंडितों से चर्चा कर स्थिति को शांत करने का प्रयास कर रहे हैं। फिलहाल प्रशासन और पंडितों के बीच बातचीत जारी है।
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मंदिर में अस्थायी रसीद व्यवस्था लागू
पंडित योगेश शर्मा के अनुसार, मंदिर में लगभग 200 पंडित 25 साल से हवन-अनुष्ठान कर रहे थे। उन्हें अचानक हटा दिया गया और अस्थायी रसीद व्यवस्था लागू कर दी गई। इससे उनकी आजीविका पर संकट आ गया है।
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