मध्य प्रदेश में 10 जिलों का मास्टर प्लान इसी साल, बड़वानी का जारी
Sourabh Bhatnagar | Jul 15, 2026, 13:16 IST
master plan mp 2026
मध्य प्रदेश में बड़वानी का मास्टर प्लान जारी हो गया है। खंडवा और रतलाम का ड्राफ्ट भी तैयार है। सैटेलाइट-ड्रोन सर्वे के आधार पर अगले 20-25 साल के विकास की योजना बन रही है। साल के अंत तक 10 जिलों के प्लान सामने आएंगे।
समझें क्या है पूरा मामला
- बड़वानी का मास्टर प्लान जारी होकर जनता की आपत्तियों के लिए पहुंच गया है।
- खंडवा और रतलाम के ड्राफ्ट भी लगभग तैयार हो चुके हैं।
- टीएंडसीपी (Town And Country Planning) सैटेलाइट-ड्रोन डेटा से प्लान बना रहा है।
- साल के अंत तक करीब 10 जिलों के मास्टर प्लान आ सकते हैं।
- भोपाल, इंदौर और जबलपुर का प्लान मेट्रोपॉलिटन वजह से टल गया है।
सैटेलाइट-ड्रोन से नया प्लान
खंडवा और रतलाम के ड्राफ्ट का काम भी लगभग पूरा हो चुका है। विभाग का कहना है कि साल के अंत तक बड़वानी और खंडवा समेत करीब 10 जिलों के मास्टर प्लान सामने आ जाएंगे। यह पूरा काम सैटेलाइट और ड्रोन सर्वे के डेटा पर आधारित है। इसी डेटा के जरिए तय हो रहा है कि अगले 20 से 25 साल में शहर किस दिशा में बढ़ेंगे।
कहां क्या बनेगा शहर में
टीएंडसीपी के आयुक्त कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने कहा कि जैसे-जैसे डेटा और जमीनी काम पूरा हो रहा है, प्लान बनाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि बड़वानी का प्लान जारी हो चुका है और बाकी जिलों के प्लान भी जल्द जारी होंगे। जहां मेट्रोपॉलिटन एरिया बन रहे हैं, वहां नए निर्देशों के साथ काम होगा।
28 छोटे शहरों पर नजर
आष्टा, अंबाह, जौरा, संबलगढ़ और पोरसा के लिए सर्वे ऑफ इंडिया से बेसमैप लिया जा रहा है। सारंगपुर में तो निवेश क्षेत्र का गठन भी हो चुका है। हालांकि राघौगढ़-विजयपुर, गाडरवारा और मैहर का डेटा अभी तैयार नहीं हो पाया है। इन शहरों का काम बाद के चरण में होगा।
सीहोर को क्यों दी प्राथमिकता
इसी तरह रीवा-कटनी और शहडोल भी अहम माने जा रहे हैं। ये तीनों जिले त्रिकोण के आकार में जुड़े हुए हैं। शहडोल सीधे कटनी और रीवा से कनेक्ट होता है। इन जिलों का मास्टर प्लान आगे औद्योगिक निवेश की दिशा तय करेगा।
मेट्रोपॉलिटन से क्यों देरी
जबलपुर और ग्वालियर भी मेट्रोपॉलिटन बनने की राह पर हैं। इन दोनों शहरों पर भी आगे नए नियमों के साथ काम शुरू होगा। हालांकि ग्वालियर के मौजूदा मास्टर प्लान की मियाद अभी खत्म नहीं हुई है, इसलिए वहां फिलहाल पुराना प्लान ही लागू रहेगा।
कुल मिलाकर मध्य प्रदेश में शहरी विकास (नया मास्टर प्लान) अब पुराने ढर्रे से हटकर डेटा आधारित तरीके से हो रहा है। सैटेलाइट और ड्रोन सर्वे की मदद से हर जिले की जरूरत के हिसाब से प्लान बनाया जा रहा है। इससे आने वाले सालों में शहरों (mp master plan) का व्यवस्थित विकास हो सकेगा।
FAQ
- सवाल 1: मध्य प्रदेश में कौन-कौन से जिलों का मास्टर प्लान तैयार हो रहा है?
जवाब: बड़वानी का मास्टर प्लान जारी हो चुका है। खंडवा और रतलाम का ड्राफ्ट लगभग तैयार है। इसके अलावा विदिशा, सीहोर, रीवा, कटनी, शाजापुर, नरसिंहपुर और शहडोल पर भी काम चल रहा है। - सवाल 2: भोपाल और इंदौर का मास्टर प्लान अभी क्यों नहीं आया?
जवाब: सरकार ने भोपाल और उज्जैन-इंदौर को मेट्रोपॉलिटन रीजन घोषित करने का फैसला लिया है। इस वजह से इन दोनों शहरों का मास्टर प्लान मेट्रोपॉलिटन नियमों के हिसाब से नए सिरे से बनाया जाएगा। - सवाल 3: मध्य प्रदेश में मास्टर प्लान किस आधार पर तैयार किया जा रहा है?
जवाब: टीएंडसीपी (Town And Country Planning) विभाग सैटेलाइट और ड्रोन सर्वे के डेटा के आधार पर मास्टर प्लान तैयार कर रहा है। इसमें अगले 20 से 25 साल के शहरी विकास की दिशा तय की जाती है।
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